कौन हैं बाबा मंसूर शाह? जिनके दर पर पहुंचकर सिंधिया ने की पूजा, क्या है 300 साल से चली आ रही परंपरा

कौन हैं बाबा मंसूर शाह? जिनके दर पर पहुंचकर सिंधिया ने की पूजा, क्या है 300 साल से चली आ रही परंपरा


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Jyotiraditya Scindia Baba Mansoor Shah: बीजेपी के कद्दावर नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया इस समय गुना से सांसद है. वह देवघर में बाबा मंसूर शाह के दर पर पहुंचे हैं और उन्होंने पूजा अर्चना की है. बताया जाता है कि सिंधिया परिवार करीब 300 साल से यह परंपरा निभाता चला आ रहा है. हर साल उर्स के मौके पर राजपरिवार का मुखिया देवघर में पूजा-अर्चना करता है और बाबा का आशीर्वाद लेता है.

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बाबा मंसूर शाह के दर पर पहुंचे ज्योतिरादित्य सिंधिया

Baba Mansoor Shah: केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पारंपरिक धोती और ओढ़नी पहने ग्वालियर के महाराज बाड़ा स्थित ऐतिहासिक गोरखी देवघर पहुंचे हैं. इससे एक बार फिर इतिहास के पन्नों से आस्था और वफादारी की पुरानी कहानी जीवंत हो उठी है, जो 300 साल पुरानी है. हाल ही में सिंधिया एक बार फिर सूफी संत बाबा मंसूर शाह औलिया की दरगाह पर पहुंचे हैं. उन्होंने सालाना उर्स के मौके पर मत्था टेका और आशीर्वाद लिया. लेकिन सवाल यह उठता है कि बाबा मंसूर शाह कौन थे और हिंदू परंपराओं को मानने वाले सिंधिया राजघराने की एक सूफी संत में इतनी अगाध निष्ठा क्यों है?

करीब एक घंटे तक देवघर में रहे सिंधिया
सूफी संत मंसूर शाह का उर्स महाराज बाड़ा स्थित देवघर में मनाया जाता है. ज्योतिरादित्य सिंधिया करीब एक घंटे तक देवघर में रहे और उन्होंने पूजा अर्चना की. बाबा मंसूर को सिंधिया राजवंश का मार्गदर्शक और रक्षक संत माना जाता है. सिंधिया राज घराने में 300 सालों से यह परंपरा चली आ रही है कि परिवार के मुखिया देवघर में पूजा के लिए जाते हैं. अभी सिंधिया ग्वालियर राजघराने के महाराज हैं. इसी वजह से वह यहां पहुंचे हैं.

क्या है 300 साल से निभाई जा रही परंपरा?
इतिहास और प्रचलित लोकमान्यताओं के अनुसार पानीपत (1761) के तीसरे युद्ध में मराठा सेनापति और सिंधिया राजवंश के संस्थापक महादजी सिंधिया गंभीर रूप से घायल हो गए थे. जब कई दिनों तक उनकी कोई खबर नहीं आई, तो परिवार में मातम सा छा गया. तब महादजी सिंधिया की मां और उनकी पत्नी मैनाबाई सूफी संत बाबा मंसूर शाह के दरबार में पहुंचीं और पति की सलामती की दुआ मांगी. बाबा मंसूर शाह ने मुस्कुराते हुए उन्हें आश्वासन दिया कि तेरा सुहाग सुरक्षित है और जल्द लौटेगा. इसके कुछ दिनों के बाद महादजी सिंधिया सुरक्षित लौट आए.

फिर वह बाबा मंसूर शाह से मिले, तो सूफी संत ने उन्हें अपनी ‘आधी रोटी’ का टुकड़ा और अंगवस्त्र आशीर्वाद स्वरूप दिया. साथ ही पांच पीढ़ियों तक राज करने आशीर्वाद दिया. बताया जाता है कि सिंधिया परिवार के लोगों ने आज भी उस आधी रोटी को संभालकर रखा है और उर्स के मौके पर उसकी पूजा की जाती है.

क्या बोले ज्योतिरादित्य सिंधिया
इस मौके पर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि हमने मंसूर शाह से प्रार्थना की. उनका आशीर्वाद हमेशा हमारे क्षेत्र और हम पर बना रहे. यही हमारी प्रार्थना है. उनका उर्स मनाया गया है. इस समय सिंधिया गुना से सांसद हैं और केंद्र में मंत्री हैं. उनकी गिनती बीजेपी के बड़े नेताओं में होती है. ग्वालियर अंचल संभाग में उनकी पकड़ बहुत ही मजबूत है.



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