रिटायरमेंट के बाद निवेश में सबसे बड़ी जरूरत होती है पैसे की सुरक्षा और नियमित आय. यही वजह है कि सीनियर सिटीजन्स के बीच फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD आज भी काफी पसंद किया जाता है. इसमें बाजार के उतार-चढ़ाव का सीधा असर नहीं पड़ता और निवेशक को पहले से तय ब्याज मिलता है. खास बात यह है कि बैंकों में सीनियर सिटीजन्स को सामान्य ग्राहकों के मुकाबले ज्यादा ब्याज मिलता है.
हालांकि, हर बैंक में ब्याज की दर एक जैसी नहीं है. कुछ छोटे फाइनेंस बैंकें FD पर 8.50% तक ब्याज दे रहे हैं. वहीं, कुछ प्राइवेट बैंक 8%, सरकारी बैंक 7.45% और विदेशी बैंक 7.10% तक ब्याज दे रहे हैं. बड़ी रकम निवेश करने पर ब्याज दर में छोटा अंतर भी कुल कमाई में बड़ा फर्क डाल सकता है. इसलिए FD कराने से पहले अलग-अलग बैंकों की दर और अवधि की तुलना करना जरूरी है.
छोटे फाइनेंस बैंकें दे रही हैं सबसे ज्यादा ब्याज
सीनियर सिटीजन्स को सबसे ज्यादा FD ब्याज छोटी फाइनेंस बैंकों में मिल रहा है. Equitas Small Finance Bank, ESAF Small Finance Bank और Suryoday Small Finance Bank में FD पर अधिकतम 8.50% तक ब्याज मिल रहा है. इसके अलावा Jana Small Finance Bank और Ujjivan Small Finance Bank 8.30% तक ब्याज दे रहे हैं. Utkarsh और Shivalik Small Finance Bank में यह दर 8.25% तक है.
लेकिन सिर्फ ज्यादा ब्याज देखकर पूरी रकम किसी एक बैंक में लगाना ठीक नहीं है. बैंक चुनते समय उसकी शर्तों, FD की अवधि और जमा बीमा की सीमा को भी ध्यान में रखना चाहिए.
प्राइवेट बैंकों में भी मिल रहा 8% तक ब्याज
प्राइवेट बैंकों की बात करें तो Bandhan Bank में यह दर 7.95% और IndusInd Bank तथा YES Bank में 7.75% तक है. DCB Bank सीनियर सिटीजन्स को FD पर 8% तक ब्याज दे रहा है. कुछ बड़े प्राइवेट बैंक भी 7% से ज्यादा ब्याज दे रहे हैं. IDFC FIRST Bank 7.35%, Kotak Mahindra Bank 7.15%, जबकि HDFC Bank और ICICI Bank 7.10% तक ब्याज दे रहे हैं.
सरकारी में कितनी दरें?
सरकारी बैंकों में Bank of India सीनियर सिटीजन्स को 7.45% तक ब्याज दे रहा है. Bank of Baroda और Central Bank of India में यह दर 7.25% तक है. मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, वहीं Indian Bank 7.15% और Canara Bank, Indian Overseas Bank और Punjab National Bank 7.10% तक ब्याज दे रहे हैं. SBI और Union Bank of India में अधिकतम दर 7.05% तक है. फॉरेन बैंक में Standard Chartered Bank 7.10%, Deutsche Bank 7% और HSBC 6% तक ब्याज दे रहा है.
| बैंक टाइप | बैंक | अधिकतम ब्याज दर |
|---|---|---|
| छोटी फाइनेंस बैंक | Equitas, ESAF, Suryoday | 8.50% |
| छोटी फाइनेंस बैंक | Jana, Ujjivan | 8.30% |
| छोटी फाइनेंस बैंक | Utkarsh, Shivalik | 8.25% |
| प्राइवेट बैंक | DCB Bank | 8.00% |
| प्राइवेट बैंक | Bandhan Bank | 7.95% |
| प्राइवेट बैंक | IndusInd, YES Bank | 7.75% |
| प्राइवेट बैंक | IDFC FIRST Bank | 7.35% |
| प्राइवेट बैंक | Kotak Mahindra Bank | 7.15% |
| प्राइवेट बैंक | HDFC Bank, ICICI Bank | 7.10% |
| सरकारी बैंक | Bank of India | 7.45% |
| सरकारी बैंक | Bank of Baroda, Central Bank | 7.25% |
| सरकारी बैंक | Indian Bank | 7.15% |
| सरकारी बैंक | Canara Bank, IOB, PNB | 7.10% |
| सरकारी बैंक | SBI, Union Bank | 7.05% |
| फॉरेन बैंक | Standard Chartered | 7.10% |
| फॉरेन बैंक | Deutsche Bank | 7.00% |
| फॉरेन बैंक | HSBC | 6.00% |
FD कराने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
FD चुनते समय सिर्फ ब्याज दर देखना काफी नहीं है. सबसे पहले यह तय करें कि आपको पैसे की जरूरत कब पड़ सकती है. अगर जल्द पैसे की जरूरत हो सकती है, तो पूरी रकम लंबी अवधि के FD में लॉक करने से बचें. एक और अहम बात है डिपॉजिट इंश्योरेंस. एक्सपर्ट्स अक्सर अलग-अलग बैंकों में पैसा बांटकर रखने की सलाह देते हैं, ताकि जमा बीमा की ₹5 लाख की सीमा का ध्यान रखा जा सके. इसके अलावा FD की अवधि, समय से पहले पैसा निकालने पर लगने वाला जुर्माना, ब्याज भुगतान का ऑप्शन और टैक्स से जुड़े नियम भी समझ लें.