जंतर-मंतर पर मस्जिदों में तोड़फोड़ के खिलाफ प्रदर्शन, हिरासत मे इकरा हसन-नदवी
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Jantar Mantar Muslim Protest: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर मस्जिदों पर हो रही तोड़फोड़ और बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ मुस्लिम समुदाय का भारी विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है. इस लाइव मार्च में जमात-ए-इस्लामी हिंद के अध्यक्ष के साथ-साथ समाजवादी पार्टी से सांसद मोहिबुल्लाह नदवी और इकरा हसन जैसे बड़े सियासी चेहरे भी शामिल होने पहुंचे हैं. जंतर-मंतर पर उमड़ी भीड़ और नेताओं की मौजूदगी ने दिल्ली के सियासी माहौल को पूरी तरह गर्मा दिया है. पुलिस सभी प्रदर्शनकारियों को घटनास्थल से ले गई है. बड़े नेताओं और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया है
पुलिस सभी को प्रोटेस्ट साइट से ले गई है.
राजधानी दिल्ली का जंतर-मंतर इस वक्त सियासी गर्मी और सुलगते मुद्दों का सबसे बड़ा अखाड़ा बन चुका है. मस्जिदों पर चल रहे बुलडोजर और तोड़फोड़ के विरोध में मुस्लिम समुदाय के लोगों का सैलाब सड़कों पर उतर आया है, जो देखते ही देखते एक बड़े में बदल गया है. हालात की नजाकत ऐसी है कि हर मिनट पारा हाई हो रहा है. इस विरोध प्रदर्शन में सियासत के बड़े चेहरे भी ताल ठोकते नजर आ रहे हैं. जमात-ए-इस्लामी हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष से लेकर विपक्ष के कई कद्दावर सांसद इस महामार्च में शामिल होने पहुंच चुके हैं. समाजवादी पार्टी से सांसद मोहिबुल्लाह नदवी और समाजवादी पार्टी की तेज-तर्रार युवा सांसद इकरा हसन की मौजूदगी ने इस प्रोटेस्ट का सियासी पारा और ज्यादा बढ़ा दिया है. जंतर-मंतर पर नारों की गूंज और पुलिस-प्रशासन की पुख्ता चौकसी के बीच पल-पल की हलचल ने दिल्ली की फिजा में ठंडक के बजाय गर्माहट घोल दी है.
हिरासत में लिए गए इकरा हसन-नदवी
हालात की नजाकत को देखते हुए दिल्ली पुलिस और सुरक्षा बलों ने सख्त रुख अपनाया. देखते ही देखते विरोध प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच खींचतान बढ़ गई, जिसके बाद प्रशासन ने बड़ा एक्शन लेते हुए कई बड़े नेताओं और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया है. इस कार्रवाई के साथ ही जंतर-मंतर पर चल रहा यह विरोध प्रदर्शन फिलहाल समाप्त हो गया है. प्रदर्शन के दौरान ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) के प्रवक्ता सैय्यद कासिम रसूल इलियास ने सरकार और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोला. उन्होंने दो टूक शब्दों में आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार लोकतांत्रिक तरीके से होने वाले धरना-प्रदर्शनों से बुरी तरह डरती है. उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि लोकतांत्रिक नियमों के तहत प्रशासन से प्रदर्शन की अनुमति मांगी जाती है, लेकिन सरकार जानबूझकर हर बार अनुमति को खारिज कर देती है. इसके बावजूद जनता अपनी आवाज दबाने नहीं देगी.
सांसद जिया उर रहमान बर्क़ को भी पुलिस ने लिया हिरासत में
इस हाई-वोल्टेज प्रोटेस्ट में नेताओं के पहुंचने का सिलसिला दोपहर से ही जारी था. स्थिति उस वक्त और तनावपूर्ण हो गई जब समाजवादी पार्टी के सांसद जिया उर रहमान बर्क़ खुद मौके पर पहुंच गए और प्रदर्शन का समर्थन किया. प्रशासन द्वारा लगातार शांति व्यवस्था का हवाला दिए जाने के बावजूद जब भीड़ तितर-बितर नहीं हुई, तो पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए सांसद जिया उर रहमान बर्क़ समेत कई प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया. पुलिस उन्हें बसों में भरकर नजदीकी थाने ले गई.
मस्जिद, मदरसे, UCC और वक्फ के मुद्दों पर आक्रोश
जंतर-मंतर पर जुटे लोगों का गुस्सा मुख्य रूप से देश में मस्जिदों और मदरसों पर चल रहे बुलडोजर ऐक्शन, समान नागरिक संहिता (UCC) और वक्फ से जुड़े मामलों को लेकर था. प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इन मुद्दों से देश के एक बड़े वर्ग की भावनाएं जुड़ी हुई हैं, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय प्रशासन हर मोर्चे पर दमनकारी नीतियां अपना रहा है. बहरहाल, सभी नेताओं और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने के बाद जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन का दौर फिलहाल समाप्त हो चुका है और इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है.