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BJP MLC Candidate List: भारतीय जनता पार्टी ने बिहार विधान परिषद चुनाव 2026 के लिए चार उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं. पार्टी ने पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से नवल किशोर यादव, कोसी स्नातक से डॉ. एनके यादव, दरभंगा स्नातक से सर्वेश कुमार और तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से नरेंद्र प्रसाद सिंह को उम्मीदवार बनाया है.
भाजपा ने बिहार और उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनावों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की.
पटना. बिहार और उत्तर प्रदेश में होने वाले विधान परिषद चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपने उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया है. बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति की ओर से जारी सूची में बिहार की 4 और उत्तर प्रदेश की 6 विधान परिषद सीटों के लिए उम्मीदवार घोषित किए गए हैं. पार्टी ने मंगलवार, 29 सितंबर को उम्मीदवारों की सूची जारी की. बिहार में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की 8 सीटों पर चुनाव होना है. चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक इन सीटों के लिए मतदान 23 अक्टूबर को होगा और मतगणना 27 अक्टूबर को की जाएगी.
बिहार में BJP ने इन्हें बनाया उम्मीदवार
बीजेपी की ओर से जारी सूची के मुताबिक बिहार की चार सीटों पर ये उम्मीदवार मैदान में होंगे:
बिहार विधान परिषद चुनाव 2026: BJP उम्मीदवारों की लिस्ट
पटना शिक्षक- नवल किशोर यादव
कोसी स्नातक- डॉ. एन.के. यादव
दरभंगा स्नातक- सर्वेश कुमार
तिरहुत शिक्षक- नरेंद्र प्रसाद सिंह
उत्तर प्रदेश के BJP उम्मीदवार
वाराणसी स्नातक- केदार नाथ सिंह
मेरठ स्नातक- दिनेश गोयल
इलाहाबाद-झांसी स्नातक- अशोक कुमार राठौर
वाराणसी शिक्षक- डॉ. प्रमोद मिश्रा
आगरा शिक्षक- इंजीनियर हरि किशोर तिवारी
गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक- ध्रुव त्रिपाठी
बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति ने इन नामों पर अपनी मंजूरी दी है.
23 अक्टूबर को होगा मतदान
बिहार और उत्तरप्रदेश समेत चार राज्यों में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की विधान परिषद सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित हो चुका है. नामांकन प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू होगी, नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है. 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 9 अक्टूबर तक उम्मीदवार नाम वापस ले सकेंगे. मतदान 23 अक्टूबर को होगा, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को होगी. बिहार में कुल 8 सीटों और उत्तर प्रदेश में 11 सीटों पर विधान परिषद चुनाव होना है. ऐसे में बीजेपी की ओर से जारी यह सूची दोनों राज्यों में चुनावी मुकाबले की तस्वीर साफ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.