PHOTOS: मक्का के खेतों में जंगली सूअरों से परेशान किसान, गारंटी है…ये देसी उपाय बचाएंगे फसल

PHOTOS: मक्का के खेतों में जंगली सूअरों से परेशान किसान, गारंटी है…ये देसी उपाय बचाएंगे फसल


होमफोटोकृषि

मक्का के खेतों में जंगली सूअरों से परेशान किसान, ये देसी उपाय बचाएंगे फसल!

Last Updated:

खरगोन. खेतों में जंगली सूअरों के आतंक से खरगोन के कई किसान परेशान हैं. रात के समय झुंड में पहुंच रहे सूअर मक्का के पौधों को रौंदने के साथ भुट्टों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं. इससे किसानों को फसल और आर्थिक नुकसान की चिंता सता रही है. ऐसे में विशेषज्ञ डॉ जीएस कुलमी द्वारा बताए कुछ देसी और आसान उपाय अपनाकर फसल को नुकसान से बचाया जा सकता है.

खरगोन में इन दिनों मक्का की फसल में दाने आने लगे हैं. फसल देखकर किसानों को अच्छी पैदावार की उम्मीद है लेकिन जंगली सूअरों ने परेशानी बढ़ा दी है. रात के समय झुंड में खेतों में पहुंचने वाले सूअर मक्का के पौधों को रौंदकर नुकसान पहुंचा रहे हैं. कृषि विशेषज्ञों ने बचाव के लिए कुछ देसी उपाय बताए हैं, जो काफी लाभकारी साबित हो सकते हैं.

जंगली सूअरों को खेत में आने से रोकने के लिए किसान खेत की मेड़ के चारों तरफ पुरानी साड़ियों की बाउंड्री बना सकते हैं. साड़ियों को रस्सी या तार के सहारे अच्छी तरह बांधकर नीचे तक लटकाएं. बीच में खाली जगह न रखें क्योंकि सूअर कमजोर हिस्से से अंदर घुस सकते हैं. इसे समय-समय पर जांचना भी जरूरी है. यह तरीका काफी हद तक कारगर साबित होता है. कई किसानों ने इसे अपनाया है.

कुछ किसान जंगली सूअरों को दूर रखने के लिए इंसानी गंध का सहारा लेते हैं. नाई की दुकानों से मिले बालों को पुराने मोजे या छोटे कपड़े के थैलों में भरकर खेत की सीमा पर लटकाया करते हैं. इसी तरह मानव मूत्र को पानी में मिलाकर मेड़ पर डालने का देसी उपाय भी कुछ जगहों पर अपनाया जाता है, जो सूअरों को आने से रोकने में मददगार है.

Add News18 as
Preferred Source on Google

एक देसी उपाय के तौर पर लाल मिर्च और लहसुन का घोल बनाकर खेत के प्रवेश स्थानों और मेड़ पर छिड़काव करना भी फायदेमंद हो सकता है. इसके लिए 500 ग्राम लाल मिर्च और 250 ग्राम लहसुन को पीसकर 10 लीटर पानी में उबालने के बाद घोल को ठंडा कर छान लें और खेत के चारों छिड़काव कर दें.

जंगली सूअर आमतौर पर रात में सक्रिय रहते हैं. खेत की सीमा पर खाली टिन के डिब्बे रस्सी से बांधकर लगाना भी लाभकारी माना जाता है. हवा चलने पर यह आवाज करते हैं, जिससे सूअरों को लगता है कि खेत में कोई है. साथ ही अलग-अलग स्थानों पर सोलर लाइट या सेंसर लाइट भी लगाई जा सकती है. रेडियो की आवाज का इस्तेमाल भी कुछ किसान करते हैं, जिससे सुअर फसल के नजदीक नहीं आते हैं.

कुछ किसान खेत की सीमा पर नीम की पत्तियों और दूसरे तेज गंध वाले पौधों से तैयार घोल का छिड़काव भी करते हैं. नीम की पत्तियां और प्याज के छिलकों को पानी में उबालकर ठंडा किया हुआ घोल या तंबाकू से बना घोल मेड़ पर डालने से तेज गंध आती है, जो सूअरों को फसल से दूर रखती है.

लंबे समय के लिए खेत की सीमा पर करौंदा, बबूल जैसी कांटेदार झाड़ियों की बाउंड्री तैयार की जा सकती है. इससे खेत में सीधे प्रवेश करना मुश्किल होता है. जहां जंगली सूअरों का आतंक ज्यादा हो, वहां मजबूत बाड़ ज्यादा भरोसेमंद विकल्प हो सकती है. यह सूअरों को खेतों में घुसने से रोकती है.

विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि मक्का पकने तक किसानों को खेत की नियमित निगरानी करनी चाहिए. सूअरों को भगाने के लिए जहरीला चारा, बिजली का खुला तार या ऐसा कोई तरीका नहीं अपनाना चाहिए, जिससे इंसानों या वन्यजीवों की जान को खतरा हो. सूअरों का आतंक ज्यादा होने पर वन विभाग से संपर्क करना चाहिए.



Source link