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Rafale vs F-35: भारतीय वायुसेना जोधपुर एयरबेस पर आयोजित होने वाले ‘तरंग शक्ति’ युद्धाभ्यास में पहली बार अमेरिकी के खतरनाक फिफ्थ-जेनरेशन स्टील्थ फाइटर जेट F-35 को अपनी धरती पर होस्ट कर रही है. इस मेगा एक्सरसाइज में भारतीय राफेल विमानों का अमेरिकी F-35 से आमना-सामना होगा. इस महा-ट्रेनिंग से भारतीय पायलटों को चीन और पाकिस्तान के स्टील्थ जेट्स का मुकाबला करने की अचूक रणनीति और महारत हासिल होगी.
भारत के राफेल ने एफ-35 के सामने अपना दम दिखाया.
डिफेंस वर्ल्ड से एक ऐसी गजब की खबर सामने आ रही है, जिसे सुनकर मिलिट्री लवर्स काफी उत्साहित हैं. भारतीय वायुसेना (IAF) जोधपुर पर अपने सबसे अधुनिक राफेल फाइटर जेट से अमेरिकी एफ-35 विमान का सामना करती नजर आई. राफेल 4.5 जरनेशन का जेट है, जबकि F-35 को 5वीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान माना जाता है. एशिया के सबसे बड़े एयर एक्सरसाइज ‘तरंग शक्ति’ में भारत पहली बार अमेरिकी वायुसेना के सबसे खतरनाक और घातक स्टील्थ फाइटर जेट को अपनी सरजमीं पर होस्ट कर रहा है. इस मेगा मिलिट्री ड्रिल में फ्रांस के राफेल और यूएई के F-16 डेजर्ट फाल्कन भी अपना दम दिखाने उतर रहे हैं. Gen Z की भाषा में कहें तो यह कॉम्बैट आसमान का अल्टीमेट बॉस तय करने वाला सबसे तगड़ा शोडाउन था.
क्यों है यह एक्सरसाइज इतनी जरूरी?
दरअसल, चीन के पास J-20 जैसे स्टील्थ फाइटर जेट्स हैं और पाकिस्तान भी भविष्य में बीजिंग से J-35A हासिल करने की फिराक में है. ऐसे में, जब भारतीय राफेल पायलट अपनी ही धरती पर अमेरिकी F-35 जैसे इनविजिबल घोस्ट जेट्स के खिलाफ डॉगफाइट कर रहे हैं तो उन्हें दुश्मन के रडार से बचने और उसे मात देने के सीक्रेट ट्रिक्स मिल जाएंगे. हालांकि भारतीय राफेल थोड़े अलग हैं, जिन्हें खास तौर पर भारत की हाई-अल्टीमेटम जरूरतों (चीन और पाकिस्तान बॉर्डर के हिसाब से) कस्टमाइज किया गया है. लेकिन F-35 के खिलाफ यह ट्रेनिंग इंडियन एयरफोर्स को गेम में सबसे आगे रखने के लिए एक एकदम परफेक्ट बूस्टर डोज है.
राफेल दुनिया के सबसे खतरनाक जेट्स को दे चुका मात
कहानी सिर्फ यहीं खत्म नहीं होती. इतिहास गवाह है कि राफेल ने पहले भी दुनिया के सबसे बड़े सूरमाओं को हैरान किया है. पिछले साल ट्रिडेंट अटलांटिक एक्सरसाइज के दौरान एक फ्रांसीसी राफेल ने अपने IRST (पैसिव इन्फ्रारेड सेंसर) का इस्तेमाल करके एक F-35 को लॉक कर दिया था और किल स्कोर किया था. इतना ही नहीं, साल 2009 में यूएई में हुई एक ड्रिल के दौरान तो राफेल ने अमेरिका के अजेय माने जाने वाले F-22 रैप्टर को भी लॉक कर दिया था. हालांकि अमेरिकी पायलट्स हमेशा दावा करते हैं कि उनके स्टील्थ जेट्स अजेय हैं, लेकिन राफेल की यह मारक क्षमता यह साबित करने के लिए काफी है कि 4.5th जेनरेशन का यह फाइटर जेट अच्छे-अच्छों के पसीने छुड़ा सकता है.
भारत के लिए गेम-चेंजर क्यों है ‘तरंग शक्ति’?
जोधपुर में होने वाली इस एक्सरसाइज से यह बहस तो शायद पूरी तरह खत्म नहीं होगी कि कौन सा जेट बेहतर है, लेकिन भारतीय वायुसेना के लिए यह एक जबरदस्त मौका है. इस बार फ्रांस नहीं बल्कि भारत के अपने राफेल, अपने कंट्रोलर्स और अपने टैंकर भारतीय आसमान और इंडियन कंडीशंस में दुनिया के सबसे बेहतरीन स्टील्थ फाइटर से लोहा लेंगे. मेटेओर मिसाइल और स्पेक्ट्रा जैमर से लैस हमारे राफेल जब F-35 जैसे कम-दृश्यता वाले दुश्मन को ट्रैक करेंगे तो इंडियन एयरफोर्स की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी. कुल मिलाकर कहें तो, आसमान का यह रोमांचक मुकाबला भारत की सुरक्षा को एकदम नेक्स्ट लेवल पर ले जाने वाला है.