Uttarakhand Weather Update 29 September: उत्तराखंड में सितंबर के आखिरी दिनों में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलता नजर आ रहा है. पहाड़ी जिलों में अगले कुछ दिनों तक कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है. मौसम विभाग की ओर से जारी पूर्वानुमान के अनुसार 29 सितंबर को राज्य के कुछ जिलों में बारिश हो सकती है.
पिछले 24 घंटों की बात करें तो उत्तराखंड के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी कम रहा. 30 सितंबर से 3 अक्टूबर तक भी पहाड़ के कुछ जिलों में हल्की बारिश का दौर बना रह सकता है. ऐसे में चारधाम यात्रा पर निकले यात्रियों और पहाड़ों का रुख करने वाले लोगों के लिए आने वाले दिनों के मौसम पर नजर रखना जरूरी होगा.
29 सितंबर को इन 5 जिलों में बारिश
आज 29 सितंबर को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. वहीं उत्तराखंड के बाकी जिलों में एक-दो जगहों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है.
30 सितंबर को पहाड़ों में हल्की बारिश
तो वहीं, 30 सितंबर को उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में एक-दो जगहों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. वहीं हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में मौसम साफ रहने की संभावना है. जबकि 1 अक्टूबर को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में एक-दो जगहों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. उत्तराखंड के बाकी जिलों में मौसम साफ रहने का अनुमान है.
2 और 3 अक्टूबर को भी हल्की बारिश
2 और 3 अक्टूबर को भी उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में एक-दो जगहों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. वहीं बाकी जिलों में मौसम साफ रहने की संभावना है.
दो दिन बाद फिर शुरू हुई चारधाम यात्रा
उत्तराखंड में खराब मौसम की वजह से पिछले दो दिनों से रुकी चारधाम यात्रा बीते सोमवार सुबह फिर शुरू हो गई. हालांकि, प्रशासन ने यात्रियों से अभी भी सुरक्षा बरतने को कहा है, क्योंकि इलाके में अभी भी बारिश की संभावना बनी हुई है. प्रशासन ने संबंधित विभागों और यात्रा से जुड़े अधिकारियों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मौसम खराब होने की स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर जरूरी कदम उठाए जा सकें.