भारत की दवाओं पर 0 टैरिफ, 100 फीसदी टैक्‍स वाली धमकी के बीच अमेरिका का दोस्‍ती वाला दांव

भारत की दवाओं पर 0 टैरिफ, 100 फीसदी टैक्‍स वाली धमकी के बीच अमेरिका का दोस्‍ती वाला दांव


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अमेरिकी सरकार केवल उन देशों से आने वाली दवाओं पर टैरिफ शून्‍य करने का फैसला किया है जिनके साथ अमेरिका का व्यापार समझौता है या निकट भविष्य में होने की संभावना है. डोनाल्ड ट्रंप ने घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के इरादे से दो अप्रैल को दवाओं पर 100 फीसदी तक टैरिफ लगाने की घोषणा की थी.

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अमेरिका कुछ दवाओं पर कोई टैक्‍स नहीं लगाएगा.

नई दिल्‍ली. भारतीय फार्मा सेक्टर (Pharma Sector) के लिए अमेरिका से एक बड़ी राहत भरी खबर आई है. अमेरिकी वाणिज्य विभाग 29 सितंबर से कुछ पेटेंट प्राप्त दवाओं और उनके घटकों के आयात पर 100 फीसदी तक का भारी-भरकम शुल्क लगाने की तैयारी में है. लेकिन, भारत सहित दुनिया के 20 चुनिंदा देशों से अमेरिका को आयात होने वाली कुछ दवाओं पर यह टैरिफ नहीं लगाया जाएगा. ये दवाएं कुछ दुर्लभ बीमारियों के इलाज में काम आती हैं. इन दवाओं के साथ ही इनके निर्माण में काम आने वाली सामग्री पर भी कोई मूल्यानुसार शुल्क (Ad Valorem Tariff) नहीं लगाया जाएगा. यानी इन जीवनरक्षक दवाओं पर आयात शुल्क शून्य रहेगा.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के इरादे से दो अप्रैल को एक घोषणापत्र जारी किया था. इसके तहत ट्रेड एक्‍सपेंशन एक्‍ट (Trade Expansion Act) की धारा 232 के अंतर्गत पेटेंट प्राप्त दवाओं, बायोलॉजिक्स और उनसे संबंधित इंग्रीडिएंट्स पर 100% तक सीमा शुल्क लगाने का प्रावधान किया गया था. कुछ कंपनियों के लिए यह शुल्क 31 जुलाई से लागू भी हो चुका है और शेष कंपनियों पर यह 29 सितंबर से प्रभावी हो रहा है. लेकिन फेडरल रजिस्टर में प्रकाशित ताजा सूची के अनुसार, भारत जैसे प्रमुख सहयोगी देशों से आयात होने वाले महत्वपूर्ण मेडिकल फॉर्मूलेशन को इस 100 फीसदी की मार से पूरी तरह बाहर रखा गया है.

किन-किन दवाओं पर नहीं लगेगा ₹1 का भी टैक्स?

अमेरिकी प्रशासन द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, शून्य प्रतिशत शुल्क का लाभ उन सभी दवाओं और तकनीकों को मिलेगा जो गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज में यूज होती हैं-

  • दुर्लभ बीमारियों (Rare Diseases) की सभी दवाएं: लाइफ-थ्रेटनिंग और दुर्लभ बीमारियों में इस्तेमाल होने वाले सभी मेडिकल फॉर्मूलेशन.
  • बांझपन उपचार (Infertility Treatments): फर्टिलिटी और प्रजनन संबंधी उपचारों में उपयोग की जाने वाली दवाएं.
  • एडवांस्ड थेरेपी: अत्याधुनिक सेल थेरेपी (Cell Therapy) और जीन थेरेपी (Gene Therapy).
    एंटीबॉडी-ड्रग कंजुगेट्स (ADC): कैंसर जैसी बीमारियों के टार्गेटेड ट्रीटमेंट में इस्तेमाल होने वाली आधुनिक तकनीक.
  • पशु औषधियां और कच्चे माल: वेटरनरी मेडिसिन के साथ-साथ इन दवाओं को तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले जरूरी एक्टिव इंग्रीडिएंट्स.

भारत की ताकत माना जाने वाला जेनेरिक दवा बाजार धारा 232 के तहत लगने वाले शुल्क के दायरे में पहले से ही नहीं आता है.



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