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Ujjain Shahi Masjid News: उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण के मद्देनजर शाही मस्जिद के बाधक निर्माण को हटाने को लेकर दायर याचिका पर इंदौर हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है. इस दौरान एक पक्ष ने प्रशासन से बातचीत के बाद अपनी याचिका वापस ले ली है, जबकि दूसरे पक्ष की याचिका पर कोर्ट में सहमति बन गई.
शाही मस्जिद पर इंदौर हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी.
रिपोर्ट: मिथिलेश गुप्ता
Indore News: उज्जैन सिंहस्थ कुंभ मेले के लिए सड़क चौड़ीकरण में बाधा बन रहे शाही मस्जिद के निर्माण को हटाने के मामले में इंदौर हाईकोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है. इस मामले में मुस्लिम पक्षों की ओर से दो अलग-अलग याचिकाएं लगाई गई थीं. इसमें एक पक्ष ने अपनी याचिका वापस ले ली. कहा, प्रशासन से उनकी बातचीत हो चुकी है. वहीं दूसरे पक्ष की याचिका पर मस्जिद के हिस्से को तोड़े जाने को लेकर सहमति बन गई है.
मस्जिद का केवल 3 फीट हिस्सा ही हटाया जाएगा
इंदौर हाईकोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान सहमति बनी कि मस्जिद का तीन फीट से ज्यादा हिस्सा नहीं तोड़ा जाएगा. अपीलकर्ता की ओर से एडवोकेट अशहर वारसी ने दलीलें पेश कीं. उन्होंने अदालत के सामने मांग रखी कि मस्जिद का केवल 3 फीट बाधक हिस्सा ही हटाया जाए.
टीडीआर और एफएआर के वादे पूरे करने की मांग
सुनवाई के दौरान एडवोकेट अशहर वारसी ने नगर निगम द्वारा पूर्व में दिए गए आश्वासनों का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि नगर निगम ने टीडीआर (TDR) और एफएआर (FAR) देने का आश्वासन दिया था. अदालत से मांग की गई कि नगर निगम के इन आश्वासनों का शत-प्रतिशत और समय पर पालन सुनिश्चित कराया जाए.
एक मुस्लिम पक्ष ने वापस ली याचिका
इस मामले में नई कमिटी की ओर से भी एक याचिका दायर की गई थी. हालांकि, प्रशासन के साथ बातचीत के बाद इस पक्ष ने अपनी याचिका वापस ले ली. उन्होंने कोर्ट को बताया कि प्रशासन से उनकी बातचीत हो चुकी है.
9 सितंबर को खारिज हुई थी पहली याचिका
उज्जैन में आगामी सिंहस्थ मेले को ध्यान में रखते हुए मास्टर प्लान के तहत सड़कों के चौड़ीकरण का कार्य चल रहा है. इसी के तहत नगर निगम बाधक निर्माणों को हटाने की कार्रवाई कर रहा है. इससे पहले 9 सितंबर को दायर याचिका को कोर्ट ने मास्टर प्लान की सड़क का हवाला देते हुए खारिज कर दिया था. इसके बाद एडवोकेट अशहर वारसी की ओर से इस फैसले के खिलाफ रिट अपील दायर की गई थी.
बता दें कि इसी मास्टर प्लान के तहत सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई के तहत कल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पैतृक घर के बाधक हिस्से को भी हटाया गया था. मामले में दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आगे की न्यायिक प्रक्रिया पूरी की.