नई दिल्ली. देश की राजधानी दिल्ली को आर्थिक राजधानी मुंबई से जोड़ने वाला दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे (Delhi-Mumbai Expressway) इस साल के अंत यातायात के लिए पूरी तरह खुलने की संभावना है. हरियाणा और मध्य प्रदेश इस एक्सप्रेसवे का काम लगभगपूरा हो चुका है. वहीं, राजस्थान में भी मुकुंदरा की ट्विन टनल खुलने से एक्सप्रेसवे के अधिकांश हिस्से पर यातायात चालू हो गया है. लेकिन, बड़ा पेंच गुजरात के कुछ हिस्सों में फंसा हुआ है. गुजरात के वडोदरा-विरार सेक्शन में कुछ पैकेज अब भी अटके पड़े हैं.
दिल्ली से निकलते ही हरियाणा का जो हिस्सा एक्सप्रेसवे में आता है, वह पूरी तरह तैयार और चालू (Operational) है. हरियाणा में इस एक्सप्रेसवे के तीन सेक्शन हैं जिनकी कुल लंबाई क्रमशः 18 किमी, 29 किमी और 32 किमी है. हरियाणा में सोहना और आसपास के क्षेत्रों से गुजरने वाले इस हिस्से पर वाहन लंबे समय से बिना किसी अड़चन के सरपट दौड़ रहे हैं.
राजस्थान में खुली मुकुंदरा ट्विन टनल
राजस्थान दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे के पैकेज 4 से लेकर पैकेज 16 तक आते हैं. राजस्थान के अधिकांश पैकेज पूरी तरह ऑपरेशनल हैं. राजस्थान सेक्शन की सबसे बड़ी इंजीनियरिंग चुनौती मुकुंदरा हिल्स की पहाड़ियों को काटकर बनाई गई मुकुंदरा ट्विन टनल थी. इस टनल को अब उत्तर (Northbound) और दक्षिण (Southbound) दोनों दिशाओं के ट्रैफिक के लिए पूरी तरह खोल दिया गया है. कुछ हिस्सों में मामूली फिनिशिंग का काम बाकी है.
मध्य प्रदेश में पूरी तरह चालू हुआ एक्सप्रेसवे
मध्य प्रदेश के सभी पैकेज 100% ऑपरेशन हैं. यहां दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का काम सबसे सुचारू और रिकॉर्ड समय में पूरा हुआ है. यहां पैकेज 17 से 28 तक हैं.
गुजरात में फंसा है पेंच
गुजरात में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का सबसे ज्यादा काम अटका हुआ है. यहां कुछ पैकेज बनकर तैयार हैं, तो कुछ जगहों पर जमीन पर काम ही शुरू नहीं हो पाया है. गोधरा इंटरचेंज और लिमखेड़ा इंटरचेंज के बीच पैकेज 27 और पैकेज 28 को वाहनों के लिए ट्रायल बेसिस (Trial Basis) पर खोला गया है. पैकेज 28 से 31 के बीच काम 87% से 88% तक पूरा हो चुका है.
वडोदरा-विरार सेक्शन में वडोदरा से आगे पैकेज 1, 2, 3, 4, 5 और पैकेज 6 ऑपरेशनल हैं. वहीं पैकेज आइ के तहत आने वाले 35 किलोमीटर हिस्से और पैकेज 9 के 27 किलोमीटर हिस्सा क्रमश: 5% और 10% फीसदी ही बना है. ये दोनों पैकेज फिलहाल अंडर-बिडिंग (Under Bidding) स्थिति में बताए जा रहे हैं, यानी यहां नए सिरे से ठेके की प्रक्रिया चल रही है. वहीं 25 किलोमीटर लंबे पैकेज 10 में निर्माण कार्य अब तक करीब 47% ही हो पाया है.
महाराष्ट्र और जेएनपीटी
महाराष्ट्र में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को देश के सबसे बड़े कंटेनर पोर्ट यानी जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (JNPT) से जोड़ने की योजना है. इस हिस्से को जेएनपीटी स्पर कहा जाता है. महाराष्ट्र सीमा में आने वाले पैकेज 11 और 12 का 100% काम पूरा हो चुका है. यहां वैतरणा नदी पर कुल तीन बड़े पुल बनाए जाने हैं. इनमें से दो पुल तैयार हो चुके हैं, जबकि केवल तीसरे पुल का निर्माण चल रहा है. कुल मिलाकर इस पैकेज का लगभग 97% काम पूरा हो चुका है. इसी तरह इस सेक्शन के पैकेज 14 का 99%, 15 का 98%, 16 का 95% और 17 का 97% कााम पूरा हो चुका है. महाराष्ट्र के ये सभी पैकेज साल 2026 के अंत बनकरर तैयार हो जाएंगे.
DND-फरीदाबाद-केएमपी और जेवर एयरपोर्ट स्पर
दिल्ली और एनसीआर के यात्रियों को सीधे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर चढ़ाने के लिए DND-फरीदाबाद-KMP स्पर बनाया गया है.
- DND स्पर चालू : डीएनडी स्पर में तीन पैकेज हैं जिनकी कुल लंबाई 35 किलोमीटर है. इस हिस्से को ट्रैफिक के लिए खोल दिया गया है. पैकेज 1 खुलने से महारानी बाग और आश्रम की तरफ से आने वाले वाहनों को सीधा निकास मिल रहा है.