बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने दिया इस्तीफा, अब किसे मिलेगी जिम्मेदारी?

बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने दिया इस्तीफा, अब किसे मिलेगी जिम्मेदारी?


पटना. बिहार के सियासी गलियारे से बड़ी खबर सामने आ रही है. दरअसल बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. नई सरकार बनने के बाद विधान परिषद के सभापति पद को लेकर NDA में चल रही कवायद के बीच यह बड़ा बदलाव हुआ है. अब सभापति की कुर्सी जेडीयू के खाते में जाने की चर्चा है. वहीं, उपसभापति प्रो. डॉ. रामवचन राय ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. दोनों के इस्तीफे के बाद विधान परिषद के शीर्ष संवैधानिक पदों को लेकर नई व्यवस्था की कवायद शुरू हो गई है.

अवधेश नारायण सिंह के इस्तीफे के बाद उन्होंने विधान परिषद के कर्मचारियों से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने कहा कि सभी कर्मियों का उन्हें हमेशा साथ मिला है. उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि अगर उनसे अनजाने में कोई गलती हुई हो तो उन्हें माफ करेंगे. साथ ही उन्होंने कहा कि जब भी उनकी जरूरत हो, वे उनसे मिल सकते हैं.

चार बार संभाली सभापति की जिम्मेदारी

अवधेश नारायण सिंह का विधान परिषद के सभापति पद से लंबा जुड़ाव रहा है. उन्होंने पहली बार 8 अगस्त 2012 से 8 मई 2017 तक सभापति के रूप में कार्य किया. इसके बाद उन्होंने 16 जून 2020 से 25 अगस्त 2022 तक कार्यकारी सभापति की जिम्मेदारी संभाली. तीसरी बार 21 जून 2024 से 23 जुलाई 2024 तक वह कार्यकारी सभापति रहे. इसके बाद 23 जुलाई 2024 से इस्तीफा देने की तारीख यानी 28 सितंबर 2026 तक उन्होंने सभापति के रूप में जिम्मेदारी संभाली. इस तरह अलग-अलग कार्यकाल में अवधेश नारायण सिंह लंबे समय तक बिहार विधान परिषद की अध्यक्षीय जिम्मेदारी संभालते रहे हैं.

रामवचन राय ने भी छोड़ा उपसभापति पद

विधान परिषद के उपसभापति प्रो. डॉ. रामवचन राय ने भी अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. रामवचन राय लंबे समय से विधान परिषद की राजनीति से जुड़े रहे हैं. सभापति पद में बदलाव को लेकर पिछले दिनों जेडीयू के खाते में यह पद जाने की चर्चा भी सामने आई थी. कुछ रिपोर्टों में रामवचन राय को संभावित कार्यकारी सभापति के तौर पर आगे किए जाने की बात कही गई थी.

कौन होगा नया सभापति

अब ऐसे में जनता दल यूनाइटेड का नया सभापति बनना तय माना जा रहा है. सूत्रों के अनुसार, जेडीयू नेता रामबचन राय का नाम इस पद के लिए सबसे आगे चल रहा है. वे बिहार विधान परिषद के नए सभापति बनाए जा सकते हैं.

NDA में पदों के बंटवारे से जोड़कर देखा जा रहा बदलाव

अवधेश नारायण सिंह के इस्तीफे के बाद विधान परिषद के सभापति पद को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. पिछले दिनों सामने आई रिपोर्टों में इस बदलाव को बिहार में NDA के भीतर संवैधानिक पदों के संतुलन से जोड़कर देखा गया था. मुख्यमंत्री का पद और विधानसभा अध्यक्ष की कुर्सी बीजेपी के पास होने के बाद विधान परिषद के सभापति पद पर जेडीयू की दावेदारी की चर्चा थी. अब सभापति और उपसभापति दोनों के इस्तीफे के बाद विधान परिषद में आगे की संवैधानिक प्रक्रिया और नई नियुक्तियों पर नजर रहेगी.

कर्मचारियों से बोले- जब जरूरत हो, मुझसे मिल सकते हैं

इस्तीफा देने के बाद कर्मचारियों से मुलाकात के दौरान अवधेश नारायण सिंह ने अपने कार्यकाल के दौरान मिले सहयोग के लिए सभी का आभार जताया. उन्होंने कहा कि कर्मचारियों का उन्हें हमेशा साथ मिला. उन्होंने अपने व्यवहार या किसी अनजाने में हुई गलती के लिए माफी भी मांगी और कहा कि भविष्य में जब भी उनकी जरूरत हो, वे उनसे मिल सकते हैं. अवधेश नारायण सिंह के इस भावुक अंदाज की चर्चा विधान परिषद परिसर में भी रही.



Source link