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यूपी में बेल्जियम से आया 200 टन वजनी वेसल ट्रक चर्चा में है, जिसके लिए वाराणसी में 3 फुटओवर ब्रिज के हिस्से तोड़ने पड़े. यह बलरामपुर चीनी मिल के लिए मशीन ला रहा है. गुजरात से पानीपत लाए गए 800 टन वजनी
हरियाणा में 2025 में यह ट्रक पानीपत की रिफाइनरी के लिए लाया गया था.
चंडीगढ़. उत्तर प्रदेश में इन दिनों एक बड़े ट्रक की खासी चर्चा है. बेल्जियम से आया ये वेलस एक बड़े ट्रक में लाया जा रहा है और इसे देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है. कुछ ऐसा ही ट्रक 2025 में हरियाणा के पानीपत भी लाया गया था, जिसे की गुजरात से पानीपत तक पहुंचाने में करीब एक साल से अधिक का वक्त लग गया था. ऐसे में हम आपको बताने जा रहे हैं कि कौन सा वेसल और ट्रेलर ट्रक बड़ा था और कितने दिन बाद मंजिल तक पहुंचा था.
दरअसल, गुजरात से पानीपत लाए गए इस इस विशालकाय ट्रेलर में 400 टायर थे और इस पर लाया जा रहे बॉयलर समेत इसका वजन 800 टन हैं. हरियाणा में अक्तूबर 2024 में ट्रकों के जरिये लोड बॉयलर समेत सबका भार करीब 800 टन था. रोचक बात है कि रास्ते को खाली करवाने और परमिशन लेने और पुल बनाने के लिए करीब 250 लोग इसके साथ चलते थे. यह बाहुबली ट्रक एक दिन में 15-20 किलोमीटर का सफ़र तय करता है. सफ़र में इसके ट्रेलर में शामिल ट्रकों के लगभग 200 टायर फट गए थे. ट्रक के साथ टेक्निकल सपोर्ट टीम भी साथ चलती है.
हरियाणा लाया गया विशालकाय ट्रक गुजरात से चला था.
कैसे चलता था हरियाणा वाला बाहुबली ट्रकों का ट्रेलर
इस वायलर को समतल रास्ते पर ट्रेन पुलर खींचते थे, लेकिन अगर कोई पुल या फिर कोई चढ़ाई वाला रास्ता पार करना होता था तो इसमें 4-5 पुलर और लगाए गए थे. बताया जाता है कि एक पुलर में 500 हार्स पावर की ताकत थी. आसान भाषा में समझें तो 1500 से 2 हज़ार घोड़ों की ताक़त इसमें थी, लगभग 13-14 महीनों में ये विशालकाय ट्रक अपने गंतव्य तक पहुँचेगा. ट्रक के रास्ते में पहले ही 15-20 किलोमीटर की दूरी तक रास्ता साफ़ किया जाता है. इसमें बिजली की तारें अन्य कोई बाधा रेलवे फाटक जैसे अवरोधो को दूर किया जाता है. इसके लिए एक स्पेशल टीम काम करती है, जो बिजली, इरिगेशन और रेलवे आदि विभागों से परमिशन लेकर अपना काम शुरू करते हैं और रास्ते को भी ख़ाली करवाते हैं. कुल 250 लोग साथ चलते हैं.
यूपी वाला बाहुबलि हरियाणा के ट्रक से कम वजनी
बेल्जियम से उत्तर प्रदेश लाया गया 200 टन वजनी भारी-भरकम मशीन वाला यह ट्रक भी चर्चा में हैं और वाराणसी के 3 फुटओवर ब्रिज के कुछ हिस्सों को तोड़ना पड़ रहा है. इस में लादकर बलरामपुर चीनी मिल और एथेनॉल प्लांट के लिए मशीन लाई जा रही है. विदेश से लाए गए इस वेसल को समुद्र के रास्ते ओडिशा के पारादीप पोर्ट तक तक लाया गया और फिर सड़क मार्ग से इसे यूपी लाया गया है.
अब उत्तर प्रदेश में बेल्जियम से आया ये वेसल बड़े ट्रक में लाया जा रहा है.
लोगों में चर्चा का विषय
लोगों में कौतूहल बना 308 पहियों वाला बाहुबली ट्रक फिलहाल बनारस में दाखिल हुआ है. चंदौली से बनारस तक पहुंचने में काफी परेशानी भी हुई. यह ट्रक 48 घंटे में मात्र 48 किलोमीटर ही चल पाया. क्योंकि रास्ता खराब था. ट्रक को आगे ले जाने में एनएचआई और पुलिस प्रशासन को भारी मशक्कत करनी पड़ी है.