KGMU के कई डॉक्टरों और प्रोफेसरों पर गिरेगी गाज? STF रिपोर्ट के बाद इमरजेंसी बैठक, लिए जा सकते हैं बड़े फैसले

KGMU के कई डॉक्टरों और प्रोफेसरों पर गिरेगी गाज? STF रिपोर्ट के बाद इमरजेंसी बैठक, लिए जा सकते हैं बड़े फैसले


Last Updated:

KGMU News: किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में यौन शोषण, ब्लैकमेलिंग और जबरन धर्मांतरण पर एसटीएफ (STF) की रिपोर्ट के बाद से ही हड़कंप मचा हुआ है. जांच एजेंसी की रिपोर्ट के बाद पहले पीआरओ का बयान आया था, अब गुरुवार को प्रशासनिक बैठ की खबर आ रही है. कुलपति प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में 22 सदस्यों को बुलाया गया था. चलिए जानते हैं कि इस बैठक का मुख्य एजेंडा क्या हो सकता है? क्या दोषी प्रोफेसर और अधिकारियों के खिलाफ एक्शन होगा?

Zoom

एसटीएफ की रिपोर्ट के बाद केजीएमयू में इमरजेंसी बैठक?

लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में से बड़ी खबर आ रही है. संस्थान में हाल के दिनों में कथित यौन शोषण, ब्लैकमेलिंग और जबरन धर्म परिवर्तन (धर्मांतरण) वाले आरोप और एसटीएफ की रिपोर्ट के बाद संस्थान हरकत में आया है. एसटीएफ की रिपोर्ट में कई संगीन आरोप लगाए गए हैं. जांच रिपोर्ट के बाद 5 नवंबर, गुरुवार को दोपहर 3:00 बजे प्रशासनिक भवन में एग्जीक्यूटिव काउंसिल (Executive Council) की एक इमरजेंसी बैठक बुलाई गई थी. इस बैठक को लेकर पूरे विश्वविद्यालय परिसर और प्रशासनिक गलियारों में भारी हलचल मची हुई है.

इस आपात बैठक की अध्यक्षता केजीएमयू की कुलपति (Vice-Chancellor) प्रोफेसर सोनिया नित्यानंद ने किया. विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा इस बैठक में भाग लेने के लिए कार्यपरिषद के सभी 22 सदस्यों को विशेष तौर पर आमंत्रित किया गया था. मामलों की गंभीरता को देखते हुए सभी सदस्यों की उपस्थिति को अनिवार्य माना जा रहा है, ताकि इन संवेदनशील मुद्दों पर बिना किसी देरी के कड़े और निर्णायक कदम उठाए जा सकें.

क्या था इस बैठक एजेंडा?

बैठक का मुख्य एजेंडा संस्थान में हाल ही में उजागर हुए कथित यौन शोषण, ब्लैकमेलिंग और जबरन धर्मांतरण के काले कारनामों से जुड़ी एसटीएफ की जांच रिपोर्ट पर विस्तृत मंथन करना है. एसटीएफ की इस रिपोर्ट में कई बड़े और चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, जिसके आधार पर अब दोषियों के खिलाफ ताबड़तोड़ अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी चल रही है. सूत्रों का दावा है कि बैठक के दौरान एक विशेष अनुशासनात्मक समिति (Disciplinary Committee) के गठन पर भी गंभीर विचार किया जा सकता है, जो पूरे प्रकरण की आगे की निगरानी करेगी.

लीपापोती की कोई गुंजाइश नहीं

इस कार्रवाई की जद में केवल छोटे कर्मचारी ही नहीं, बल्कि कई बड़े चेहरे भी आने वाले हैं. सूत्रों के अनुसार, एसटीएफ की जांच के दायरे में आए कई नामी डॉक्टर, चिकित्सक और प्रोफेसरों से उनके तमाम प्रशासनिक पद तत्काल प्रभाव से छीने जा सकते हैं. विश्वविद्यालय की छवि को धूमिल करने वाले इन जिम्मेदारों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है. सरकार और प्रशासन के रुख को देखकर यह साफ हो गया है कि इस बार लीपापोती की कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी जाएगी और एक कड़ा संदेश देने की तैयारी है.

फैसले पर टिकी नजर

बहरहाल, आज दोपहर 3:00 बजे प्रशासनिक भवन में होने वाली यह आपात बैठक केजीएमयू के इतिहास की सबसे अहम बैठकों में से एक साबित होने जा रही है. जिस तरह से एक शिक्षण और चिकित्सा संस्थान में इस तरह के गंभीर आरोप सामने आए हैं, उसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है. इस बैठक के बाद काउंसिल उन दागदार चेहरों के खिलाफ क्या फैसला लेता है, देखना बाकी है.



Source link