ECI Clarification Work Allocation Order। DG IT Seema Khanna Reporting Structure। डीजी IT के रिपोर्टिंग स्ट्रक्चर में कोई बदलाव नहीं, वर्क ऑर्डर पर ECI


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डीजी IT के रिपोर्टिंग स्ट्रक्चर में कोई बदलाव नहीं, वर्क ऑर्डर पर ECI की सफाई

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निर्वाचन आयोग ने वर्क एलोकेशन ऑर्डर को लेकर उठी तमाम अफवाहों पर विराम लगाते हुए बड़ी सफाई दी है. आयोग के अधिकारियों का कहना है कि काम के बंटवारे का यह फैसला आयोग की सर्वसम्मति से लिया गया था और डीजी (IT) सीमा खन्ना के रिपोर्टिंग स्ट्रक्चर या पदानुक्रम (Hierarchy) में कोई बदलाव नहीं हुआ है. वह पहले भी डीईसी (DEC) स्तर के अधिकारी को ही रिपोर्ट करती थीं.

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चुनाव आयोग ने सफाई दी है. (PTI)

इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया (ECI) के अंदरूनी फैसलों को लेकर चल रही तमाम अटकलों और विवादों पर अब आयोग ने खुद स्थिति साफ कर दी है.  चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने साफ-साफ कहा कि काम के वर्क एलोकेशन से जुड़े जो भी आदेश जारी किए गए हैं, वे आयोग के सर्वसम्मत फैसले का हिस्सा हैं. यानी इस फैसले में किसी एक का मनमाना रवैया नहीं, बल्कि पूरी बॉडी की रजामंदी शामिल है. आयोग ने मीडिया में चल रही उन खबरों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें आईटी महानिदेशक सीमा खन्ना के अधिकारों या उनकी भूमिका में बदलाव का दावा किया जा रहा था. NDTV से बातचीत में अधिकारी ने स्पष्ट किया कि “डीजी (IT) के रिपोर्टिंग स्ट्रक्चर में पदानुक्रम (Hierarchy) के स्तर पर रत्ती भर भी बदलाव नहीं आया है. वह पहले भी सीनियर डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर (DEC) स्तर के अधिकारी को ही रिपोर्ट कर रही थीं और नए आदेश के बाद भी वही व्यवस्था लागू है.”

23 सितंबर के नियम ही लागू

आयोग ने यह भी साफ किया कि हालिया निर्देश केवल 23 सितंबर 2025 के पुराने ऑफिस ऑर्डर का आंशिक संशोधन मात्र हैं. जुलाई 2026 में डेपुटेशन पर आए एक अधिकारी द्वारा जारी किया गया विवादित वर्क ऑर्डर कभी असल में लागू हुआ ही नहीं था, जिस पर चुनाव आयुक्तों ने आपत्ति जताई थी. सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने हलफनामे में भी ECI ने यही बात दोहराई है कि आयोग का आंतरिक कामकाज पूरी तरह से पुराने और तयशुदा नियमों के तहत ही सुचारू रूप से चल रहा है.

RTI से खुली थी आंतरिक कलह की पोल
ट्रांसपेरेंसी एक्टिविस्ट कमोडोर लोकेश बत्रा (रि.) द्वारा हासिल आरटीआई दस्तावेजों से पता चला था कि 28 जुलाई को डीईसी भानू प्रकाश येतुरु के लीव पर जाते ही मनीष गर्ग को एडमिनिस्ट्रेशन विंग दिया गया था, जिसके कुछ ही घंटों में उन्होंने काम का बंटवारा बदल दिया. चुनाव आयुक्त जोशी ने अपनी चिट्ठी में यह भी लिखा था कि जब उन्होंने एडमिनिस्ट्रेशन डिवीजन से संबंधित फाइल मांगी, तो उन्हें फाइल तक नहीं दी गई थी.



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