राहुल गांधी और कांग्रेस जो कर रहे हैं, वह टूलकिट का हिस्सा
राठौड़ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का मानना है कि वह कोई काम करे तो वह नीति है, लेकिन वही काम कोई दूसरा करे तो राजनीति हो जाती है. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस जो कर रहे हैं, वह टूलकिट का हिस्सा है. उनके मुताबिक, भारतीय सेना और चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं का जनता सम्मान करती है, लेकिन कांग्रेस इन संस्थाओं को बदनाम करने और उनके प्रति लोगों के भरोसे को कमजोर करने की कोशिश कर रही है.
ईवीएम लेकर आई कांग्रेस, अब हारने पर उठाती है सवाल
ईवीएम के मुद्दे पर भी राज्यवर्धन राठौड़ ने कांग्रेस को घेरा. उन्होंने कहा कि ईवीएम मशीन लेकर आने वाली कांग्रेस ही थी, लेकिन आज जब पार्टी चुनाव हारती है तो मशीन पर सवाल उठाने लगती है. राठौड़ ने इसे दुष्प्रचार बताते हुए कहा कि चुनाव आयोग जैसी संस्थाओं पर लोगों का विश्वास है और उसे अविश्वास में बदलने का प्रयास किया जा रहा है.
जेन जी आंदोलन को राहुल गांधी की रिलॉन्चिंग से जोड़ा
जेन जी आंदोलन पर बोलते हुए राठौड़ ने कहा कि जब एजेंडा युवाओं का हो तो उसमें रिलॉन्चिंग गलत है. उन्होंने इस आंदोलन को राहुल गांधी की रिलॉन्चिंग का हिस्सा बताया. राठौड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के युवाओं का भविष्य बनाने का काम कर रहे हैं. आंदोलन में शामिल युवाओं को लेकर उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर किसी को अपनी बात रखने का अधिकार है. आज युवा सोशल मीडिया के जरिए पूरी दुनिया से जुड़े हुए हैं और उन्हें मैनिपुलेट नहीं किया जा सकता. उन्होंने राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि वे सड़क वाले मंच का इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि उन्हें सही मंच का उपयोग करना चाहिए.
बड़े मिशन के लिए बलिदान देना पड़ता है
अपनी जिंदगी के सबक के बारे में पूछे जाने पर राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि बड़े मिशन के लिए बलिदान देना पड़ता है. देशहित में वह हमेशा इसके लिए तैयार रहते हैं. उन्होंने भारत की आईटी कंपनियों की क्षमता का भी जिक्र किया. राठौड़ ने कहा कि देश की आईटी कंपनियों में बड़ी काबिलियत है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उन्हें आज बड़ा मौका मिल रहा है.
राजस्थान 2036 ओलंपिक के लिए खिलाड़ी तैयार करेगा
खेलों को लेकर राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि जब तक बीज नहीं डालेंगे, पौधा नहीं उगेगा और जब पौधा बड़ा होगा, तभी फल देगा. उन्होंने कहा कि सरकार भी इसी सोच के साथ काम कर रही है. नए खिलाड़ी तैयार करने के लिए योजनाएं बनाई जा रही हैं. राजस्थान को 2036 ओलंपिक के लिए तैयार करने का काम शुरू हो चुका है. राठौड़ के मुताबिक, खिलाड़ियों को तैयार करने के लिए अभी से काम करना जरूरी है, ताकि आगे चलकर बेहतर नतीजे मिल सकें.