मेरी बेटियां बच जातीं अगर… केदारताल हादसे पर पिता का छलका दुख, रेस्क्यू टीम पर लगाया आरोप

मेरी बेटियां बच जातीं अगर… केदारताल हादसे पर पिता का छलका दुख, रेस्क्यू टीम पर लगाया आरोप


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उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में केदारताल ट्रैक पर करीब 4000 मीटर की उंचाई पर भारी बर्फबारी और हिमस्खलन में लापता दो और ट्रैकर के शव बुधवार को बरामद किये गए. वहीं गुरुवार को एक शव मिला है. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. इसी के साथ, ट्रैक पर पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के सात ट्रैकर और एक स्थानीय गाइड समेत आठ लोगों की तलाश के लिए राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) और नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) की पर्वतीय बचाव टीम (एमआरटी) सहित अन्य एजेंसियों की संयुक्त टीम द्वारा चलाए जा रहे अभियान में अब तक चार शव बरामद हो चुके हैं.

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केदारताल में अभी भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी.

उत्तरकाशीः उत्तराखंड के उत्तरकाशी के केदारताल ट्रैक पर लापता ट्रेकिंग दल की तलाश में सातवें दिन भी सर्च एवं रेस्क्यू अभियान जारी है. गुरुवार को रेस्क्यू टीमों को एक और शव बरामद हुआ है. इसके साथ ही हादसे में बरामद शवों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है, जबकि तीन अन्य लापता लोगों की तलाश जारी है. इनमें दो महिला ट्रेकर्स की पहचान भी हो गई है. जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र से जारी रिपोर्ट के अनुसार, चार नवंबर को हेलीकॉप्टर के जरिए तीन शव मातली हेलीपैड पहुंचाए गए थे. जबकि एक अन्य शव दोपहर बाद केदारताल से मातली लाया गया था. इसके बाद सभी शवों को जिला अस्पताल उत्तरकाशी पहुंचाया गया.

लखनऊ की रहने वाली थीं वर्तिका और दीपिका
मृतकों में लखनऊ निवासी 28 वर्षीय सुशी बर्तिका वर्मा और 29 वर्षीय सुशी दीपिका वर्मा शामिल हैं. दोनों की पहचान परिजनों ने जिला अस्पताल में की है। अन्य दो शवों की पहचान की प्रक्रिया जारी है. बता दें कि केदारताल ट्रैक पर सात ट्रेकर्स और एक गाइड समेत कुल आठ लोग हिमपात और एवलांच के चलते लापता हो गए थे. अब तक चार ट्रेकर्स के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि अन्य चार लापता लोगों की तलाश जारी है.

चार लापता लोगों की तलाश अब भी जारी
प्रशासन के अनुसार, पांच नवंबर को भी सर्च एवं रेस्क्यू अभियान चलाया जाएगा. जिलाधिकारी लगातार पूरे अभियान की निगरानी कर रहे हैं. दीपिका और वर्तिका के पिता ने आरोप लगाया है कि टूर पर ले जाने वाली कंपनी ने उन्हें समय पर एयरलिफ्ट नहीं किया. कंपनी ने पहले अपने कर्मचारियों को सुरक्षित निकाला. जबकि दोनों बहनें एयर लिफ्ट करने के लिए गुहार लगाती रहीं. यह बात दीपितका के भाई अतुल से एयर लिफ्ट कर निकाले गए कंपनी के कर्मचारियों ने बताई.

दोनों बहनें करती थीं जॉब
मूल रूप से बाराबंकी सराय पांडेय निवासी श्रीनारायण वर्मा गुड़ंबा के गायत्रीपुरम में पत्नी ऊषा, बेटी दिपिका, वर्तिका और बेटे अतुल के साथ रहते हैं. श्रीनारायण एक साल पहले ही कृषि विभाग से कामदार के पद से रिटायर हुए हैं. उन्होंने बताया कि बड़ी बेटी दीपिका मुंबई की एक कंपनी में जॉब करती थी और वर्तमान में वर्क फ्रॉम होम होने के चलते लखनऊ वाले घर पर रह रही थी.



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