धनतेरस से पहले शिमला के सर्राफा बाजार का क्या है हाल? बर्तन कारोबारी मायूस, पारंपरिक आभूषणों की भी खूब डिमांड

धनतेरस से पहले शिमला के सर्राफा बाजार का क्या है हाल? बर्तन कारोबारी मायूस, पारंपरिक आभूषणों की भी खूब डिमांड


शिमला. धनतेरस से पहले राजधानी शिमला के बाजारों में रौनक बढ़ गई है. दीपावली के त्योहार और धनतेरस पर खरीदारी को लेकर लोअर बाजार समेत शहर के प्रमुख बाजारों में ग्राहकों की संख्या बढ़ने लगी है. हालांकि, इस बार बाजार में खरीदारी का ट्रेंड कुछ बदला हुआ नजर आ रहा है. सोने-चांदी के आभूषणों की दुकानों पर जहां ग्राहकों की भीड़ उमड़ रही है, वहीं बर्तन कारोबारियों को ग्राहकों का इंतजार करना पड़ रहा है.

एक तरफ शादी के सीजन और सोने-चांदी की कीमतों में आई गिरावट से सर्राफा कारोबारियों के चेहरे खिले हुए हैं, तो दूसरी तरफ महंगाई और ऑनलाइन शॉपिंग ने बर्तन कारोबारियों की चिंता बढ़ा दी है.धनतेरस का पर्व शुक्रवार को मनाया जाएगा.

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन सोना, चांदी, पीतल, कांसा और तांबे की वस्तुएं खरीदना शुभ माना जाता है. यही वजह है कि धनतेरस से पहले ही बाजारों में खरीदारी का माहौल बनने लगा है. हालांकि, महंगाई के चलते लोग इस बार अपनी जेब और जरूरत के हिसाब से खरीदारी कर रहे हैं. इसका असर बाजार के अलग-अलग कारोबार पर साफ दिखाई दे रहा है.

सोने-चांदी के दाम घटे तो सर्राफा बाजार में लौटी रौनक

शिमला के लोअर बाजार के आभूषण कारोबारी सौरव सूद का कहना है कि इस बार पिछले साल के मुकाबले कारोबार काफी अच्छा चल रहा है. सोने-चांदी की कीमतों में आई गिरावट के बाद ग्राहकों का उत्साह बढ़ा है. उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले कीमतें लगातार बढ़ने के कारण लोगों ने खरीदारी रोक दी थी. वहीं, शादियों का सीजन नहीं होने से भी बाजार में मांग कम थी. अब शादियों का सीजन शुरू होने, धनतेरस और दीपावली के चलते ग्राहक बड़ी संख्या में आभूषण खरीदने पहुंच रहे हैं. उनके मुताबिक, इस समय सोने का भाव करीब 1 लाख 35 हजार रुपये और चांदी का भाव करीब 1 लाख 95 हजार रुपये के आसपास है. चांदी की कीमतों में गिरावट से इसकी खरीदारी को लेकर भी लोगों में दिलचस्पी बढ़ी है.

दिसंबर तक शादियों का सीजन, सोने की डिमांड बरकरार

सौरव सूद ने बताया कि सोने के आभूषणों के साथ हिमाचल की पारंपरिक ज्वैलरी की भी खूब मांग है. लोग पारंपरिक डिजाइन वाले गहनों को पसंद कर रहे हैं. सोने में निवेश के साथ अब चांदी में निवेश को लेकर भी ग्राहकों की रुचि बढ़ रही है. लोअर बाजार के ही आभूषण कारोबारी प्रकाश ठाकुर का कहना है कि इन दिनों शादियों के सीजन के चलते सोने की मांग ज्यादा है. दिसंबर तक शादियों का सीजन जारी रहने वाला है, ऐसे में आने वाले दिनों में भी कारोबार अच्छा रहने की उम्मीद है. उन्होंने बताया कि सोने के अलावा चांदी की खरीदारी के लिए भी ग्राहक दुकानों का रुख कर रहे हैं. धनतेरस और दीपावली के चलते सर्राफा कारोबारियों को इस बार अच्छे कारोबार की उम्मीद है.

महंगाई की मार, जरूरत के हिसाब से खरीदारी कर रहे लोग

बाजार में खरीदारी करने पहुंचे स्थानीय निवासी प्रवीण चंदेल का कहना है कि महंगाई का असर अब हर तरह की खरीदारी पर दिखाई दे रहा है. सोने-चांदी के दामों में थोड़ी गिरावट जरूर आई है, जिससे कुछ राहत मिली है, लेकिन शादी-ब्याह जैसे आयोजनों में जरूरत के मुताबिक खरीदारी करना मजबूरी होती है.

उन्होंने कहा कि बाजार में हर चीज महंगी होने से आम लोगों को परेशानी हो रही है. ऐसे में लोग पहले के मुकाबले सोच-समझकर और जरूरत के हिसाब से सामान खरीद रहे हैं. त्योहार के मौके पर खरीदारी तो करनी पड़ती है, लेकिन बजट को ध्यान में रखना भी जरूरी हो गया है.

बर्तन कारोबारियों को ग्राहकों का इंतजार, ऑनलाइन शॉपिंग ने बढ़ाई परेशानी

जहां सर्राफा बाजार में रौनक दिखाई दे रही है, वहीं बर्तनों की दुकानों पर अपेक्षाकृत कम ग्राहक पहुंच रहे हैं. शिमला के बर्तन कारोबारी जय शर्मा का कहना है कि इस बार बर्तनों का कारोबार पिछले साल के मुकाबले काफी मंदा है. महंगाई के चलते लोग पहले की तरह खुलकर खरीदारी नहीं कर रहे हैं. पहले जहां ग्राहक 4 से 5 चीजें खरीदते थे, वहीं अब एक या दो सामान लेकर ही लौट रहे हैं. उन्होंने कहा कि ऑनलाइन शॉपिंग का भी स्थानीय कारोबार पर नकारात्मक असर पड़ रहा है. लोग घर बैठे ही ऑनलाइन सामान मंगवा रहे हैं, जिससे बाजार के दुकानदारों को नुकसान उठाना पड़ रहा है. जय शर्मा के मुताबिक, महंगाई और ऑनलाइन खरीदारी दोनों ने स्थानीय बर्तन कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं.

कांसा, पीतल और तांबे के बर्तनों की डिमांड का इंतजार

एक अन्य बर्तन कारोबारी संजय ने बताया कि धनतेरस पर आमतौर पर कांसा, पीतल और तांबे के बर्तनों की अच्छी मांग रहती है. इनमें बड़ी थालियां, गिलास, पतीले और अन्य घरेलू सामान शामिल हैं. हालांकि, इस बार अभी तक ग्राहकों की आवाजाही उम्मीद के मुताबिक नहीं है. उन्हें उम्मीद है कि छोटी दीपावली और दीपावली के दिन बाजार में खरीदारी बढ़ेगी और कारोबार में सुधार आएगा.

धनतेरस पर क्यों होती है सोने-चांदी और बर्तनों की खरीदारी?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार धनतेरस पर नई धातु की वस्तुएं घर लाना शुभ माना जाता है. मान्यता है कि इस दिन सोना, चांदी, पीतल और तांबे की वस्तुएं खरीदने से घर में सुख-समृद्धि और धन-धान्य में वृद्धि होती है. कई परिवार इस दिन सोने-चांदी के सिक्के, आभूषण, चांदी के बर्तन और पीतल के घरेलू सामान खरीदते हैं.



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