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Pension Update : अगर आपको भी पेंशन मिलती है तो नवंबर महीने में बेहद जरूरी काम करना न भूलें. सरकार ने भी अपील की है कि 30 नवंबर तक सभी पेंशनधारकों को अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा करना जरूरी है. अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो अगले महीने से पेंशन बंद भी की जा सकती है.
सरकार ने 30 नवंबर तक सभी पेंशनर्स से लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने के लिए कहा है.
नई दिल्ली. पेंशनधारकों के लिए बेहद जरूरी खबर है. सरकार ने सभी पेंशनधारकों से अपील की है कि वे नवंबर के आखिर तक अपने जीवित होने का प्रमाण पत्र संबंधित बैंक शाखाओं में जमा करा दें अथवा ऑनलाइन इसकी जानकारी अवश्य दें. पेंशन एवं पेंशनधारक कल्याण विभाग की सचिव निवेदिता शुक्ला वर्मा ने पेंशनभोगियों से डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र (डीएलसी) अपनाकर इस प्रक्रिया को जल्दी पूरा करने की अपील की है.
पेंशन जारी रखने के लिए पेंशनधारकों को हर साल जीवन प्रमाणपत्र जमा करना जरूरी होता है. ‘जीवन प्रमाण’ नामक बायोमेट्रिक आधारित डिजिटल सेवा के जरिये यह प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी की जा सकती है. सचिव ने कहा कि विभाग की सभी पहल के केंद्र में पेंशनभोगी हैं और डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र अभियान की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि दूरदराज के इलाकों में रहने वाले पेंशनधारकों सहित हर पेंशनभोगी तक इसकी पहुंच सुनिश्चित हो.
तकनीक से आसान हो जाएगा काम
कार्मिक मंत्रालय के अनुसार, सचिव ने पेंशनधारकों से अपने अनुभव साझा करके और साथी पेंशनभोगियों को चेहरे की पहचान वाली प्रौद्योगिकी अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने की भी अपील की है. उन्होंने कहा कि तकनीक की मदद से यह काम काफी आसान हो जाएगा. पेंशनभोगी स्मार्टफोन के जरिये घर बैठे अपना डिजिटल जीवन प्रमाणपत्र बना सकते हैं. इसके लिए उन्हें किसी दूसरे व्यक्ति पर निर्भर रहने या बैंक शाखा जाने की जरूरत नहीं है.
ऑनलाइन कैसे जमा करें प्रमाण पत्र
सरकार ने डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के लिए जीवन प्रमाण ऐप लॉन्च किया है. इसके अलावा आधार फेसआरडी के जरिये भी इसे जमा किया जा सकता है. इसके लिए मोबाइल से लिंक किया गया आधार नंबर चाहिए और पेंशन भुगतान आदेश यानी पीपीओ की भी जरूरत पड़ेगी. साथ ही बैंक अकाउंट की डिटेल और एक एक्टिव मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करके आप डिजिटल रूप से प्रमाण पत्र जमा करा सकते हैं.
जमा करने की प्रक्रिया क्या है
- सबसे पहले प्ले स्टोर से जीवन प्रमाण पत्र ऐप डाउनलोड करना होगा.
- ऐप खोलने के बाद ऑपरेटर के रूप में पेंशनधारक का आधार और मोबाइल नंबर डालकर ओटीपी के जरिये रजिस्टर करना होगा.
- पंजीकरण के बाद पेंशनधारक को अपना आधार नंबर और मोबाइल के जरिये इसे सत्यापित करना होगा.
- फिर बैंक की ओर से मिला पीपीओ नंबर, खाते की डिटेल व अन्य जानकारियां भरनी होंगी.
- आखिर में फेस ऑथेंटिकेशन विकल्प के जरिये कैमरे सामने लाइव आकर पेंशनधारक को चेहरा स्कैन कराना होगा.
- ऑथेंटिकेशन पूरा होने के बाद डिजिटल प्रमाण पत्र तैयार हो जाएगा और स्क्रीन पर इसकी आईडी भी दिखाई देने लगेगी.