JD Vance Donald Trump Rift : ‘ईरान जंग की वजह से हारे हम’: आखिरकार फट पड़े जेडी वेंस, ट्रंप के मुंह पर दे मारी सच्चाई

JD Vance Donald Trump Rift : ‘ईरान जंग की वजह से हारे हम’: आखिरकार फट पड़े जेडी वेंस, ट्रंप के मुंह पर दे मारी सच्चाई


अमेरिका के 2026 के मिडटर्म चुनावों के नतीजों ने वाशिंगटन की सियासत को पूरी तरह हिलाकर रख दिया है. रिपब्लिकन पार्टी की इस करारी हार के बाद अब पार्टी के अंदर ही घमासान और बयानों का दौर शुरू हो गया है. सबसे बड़ा हमला खुद अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने किया है. जेडी वेंस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक बहुत लंबा और विस्फोटक पोस्ट लिखा है. उन्होंने बिना किसी झिझक के साफ कह दिया कि रिपब्लिकन पार्टी की इस ऐतिहासिक हार की सबसे बड़ी वजह ईरान के साथ चल रही जंग, आसमान छूती महंगाई और इजराइल के साथ अमेरिका के रिश्ते हैं. वेंस का ये बयान अमेरिकी राजनीति में भूचाल लाने के लिए काफी है, क्योंकि ये पहली बार है जब प्रशासन का कोई इतना बड़ा चेहरा सीधे तौर पर विदेश नीति की फेलियर को अपनी हार का कारण मान रहा है.

‘वोटर टर्नआउट मुद्दा नहीं था, लोगों ने पाला बदल लिया’

अक्सर चुनाव हारने के बाद राजनीतिक पार्टियां ये बहाना बनाती हैं कि उनके समर्थक वोट देने घर से बाहर निकले ही नहीं. लेकिन जेडी वेंस ने इस तर्क को सिरे से खारिज कर दिया.

वेंस ने लिखा, ‘हमारे वोटरों ने मतदान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. समस्या टर्नआउट की नहीं थी. सबसे बड़ी समस्या ये थी कि जिन लोगों ने 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप और मुझे वोट दिया था, उनमें से बहुत से लोगों ने इस बार 2026 में डेमोक्रेटिक पार्टी को वोट दे दिया’.

उन्होंने बताया कि चुनाव से ठीक पहले रिपब्लिकन डेटा विश्लेषकों को लग रहा था कि स्थिति बहुत अच्छी है और कई राज्यों में वोटिंग बहुत शानदार हो रही है. लेकिन जब एक पोलस्टर ने गहराई से आंकड़े निकाले, तो सच सामने आ गया, 2024 में ट्रंप के समर्थक रहे लोग अब गुस्से में थे और डेमोक्रेट्स का रुख कर रहे थे.

अमेरिकी जनता किस बात से गुस्सा थी? पोलस्टर के 4 बड़े खुलासे

जेडी वेंस ने बताया कि जब उनकी पार्टी के पोलस्टर ने निराश और नाराज वोटरों से पूछा कि वो किस शर्त पर रिपब्लिकन पार्टी के पास वापस लौट सकते हैं, तो जनता ने 4 मुख्य मांगें रखीं.

  1. ईरान के साथ जंग को तुरंत खत्म किया जाए.
  2. देश में बढ़ती महंगाई और कॉस्ट ऑफ लिविंग पर ध्यान दिया जाए.
  3. ‘अमेरिका फर्स्ट’ की नीति पर सचमुच अमल किया जाए.
  4. इजराइल के साथ अमेरिका के मौजूदा संबंधों में बदलाव लाया जाए.

वेंस ने सीधे तौर पर कहा, ‘हमारी हार का असली कारण ये जंग ही है. खुद राष्ट्रपति ट्रंप ने भी बीती रात इस बात को स्वीकार किया है’. उन्होंने जोर देकर कहा कि अगर रिपब्लिकन पार्टी को अपने भविष्य के बारे में ईमानदारी से चर्चा करनी है, तो उसे इस युद्ध के असर से ही शुरुआत करनी होगी.

कूटनीति की वकालत करने वालों का वेंस ने किया बचाव

युद्ध के बीच अमेरिका में कुछ दक्षिणपंथी और कंजर्वेटिव विचारकों ने सरकार को कूटनीतिक रास्ता अपनाने की सलाह दी थी. इनमें जानी-मानी कंजर्वेटिव कमेंटेटर रेचल कैंपोस-डफी भी शामिल थीं. जब उन्होंने ईरान के साथ बातचीत के जरिए मसला सुलझाने की बात कही, तो रिपब्लिकन पार्टी के कट्टरपंथियों ने उनकी जमकर आलोचना की थी.

उपराष्ट्रपति वेंस ने अपने पोस्ट में रेचल का खुलकर बचाव किया. उन्होंने कहा कि रेचल ने जो सलाह दी थी, वो राजनीतिक और कूटनीतिक रूप से बिल्कुल सही साबित हुई है. वेंस का मानना है कि अमेरिका को युद्ध के बजाय बातचीत के जरिए रास्ता तलाशना चाहिए था.

अपनी ही पार्टी के नेताओं को वेंस की चेतावनी: ‘बहानेबाजी बंद करो’

जेडी वेंस ने अपनी पार्टी के उन नेताओं को सख्त चेतावनी दी जो हार का ठीकरा किसी और मुद्दे पर फोड़ने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि चुनाव हारने के बाद पार्टी के अंदर बहस होना स्वाभाविक है, लेकिन हार की असली वजहों से ध्यान भटकाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए.

उन्होंने कहा कि कुछ नेता अवैध अप्रवासन या अन्य मुद्दों को हार का कारण बता रहे हैं. वेंस ने साफ किया कि वो सीमाओं को मजबूत करने और बिना कागजात के काम करने वाले लोगों को रखने वाली कंपनियों पर कार्रवाई के समर्थक हैं, लेकिन सिर्फ अप्रवासन के नाम पर इतनी बड़ी चुनावी हार को सही नहीं ठहराया जा सकता.

‘अगर 6 साल के लिए सीनेट खोना मंजूर था, तो खुलकर सामने आओ!’

जेडी वेंस ने अपने पोस्ट के अंत में अपनी पार्टी के उन युद्ध-समर्थक नेताओं पर तीखा हमला बोला जो मानते थे कि राजनीतिक नुकसान के बावजूद ईरान पर हमला करना जरूरी था. वेंस ने चुनौती देते हुए लिखा ‘अगर आप सोचते हैं कि ये जंग राजनीतिक नुकसान से ज्यादा जरूरी थी, और अगले 6 सालों के लिए अमेरिकी सीनेट का कंट्रोल खो देना एक वाजिब कीमत थी, तो आकर खुलेआम ये बात कहिए. देश के सामने आकर तर्क दीजिए कि ये नुकसान उठाने लायक था.’

ट्रंप के लिए क्या है वेंस के तेवरों का मतलब?

जेडी वेंस का ये पोस्ट केवल एक चुनावी समीक्षा नहीं है, बल्कि ये अमेरिका की सत्ताधारी रिपब्लिकन पार्टी के भीतर पड़े गहरे दरार को उजागर करता है. कांग्रेस दोनों पर डेमोक्रेट्स का कब्जा हो जाने के बाद अब राष्ट्रपति ट्रंप और उपराष्ट्रपति वेंस के लिए मनमानी करना नामुमकिन होगा.

अमेरिकी जनता ने इस चुनाव में साफ संदेश दे दिया है कि वो विदेशों में अंतहीन युद्धों के बजाय अपने देश की अर्थव्यवस्था और महंगाई पर ध्यान देना पसंद करते हैं. आने वाले दिनों में ये देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या जेडी वेंस के इस बड़े खुलासे के बाद ट्रंप प्रशासन ईरान को लेकर अपनी आक्रामक नीति बदलेगा या नहीं.



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