Dharm Astha : धनतेरस पर काशी में मां अन्नपूर्णा भक्तों पर लुटाएंगी 21 किलो खजाना, कब से शुरू होंगे दर्शन?

Dharm Astha : धनतेरस पर काशी में मां अन्नपूर्णा भक्तों पर लुटाएंगी 21 किलो खजाना, कब से शुरू होंगे दर्शन?


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धनतेरस पर काशी में मां अन्नपूर्णा लुटाएंगी 21 किलो खजाना, कब से होंगे दर्शन?

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Dhanteras 2026 : काशी में धनतेरस पर माता अन्नपूर्णा के दरबार में उनके स्वर्णमयी प्रतिमा के दर्शन होते हैं. धनतेरस पर ही उनका कपाट खुलाता है. देवी अपना खजाना भक्तों पर लुटाती हैं. मंदिर के महंत शंकर पुरी ने लोकल 18 को बताया कि इस बार देवी के दरबार में 21 किलो के रजत खजाने को भक्तों में बांटा जाएगा. 6 नवंबर को धनतेरस के दिन से माता अन्नपूर्णा के स्वर्णमयी प्रतिमा के दर्शन शुरू होंगे, जो लगातार 5 दिनों तक चलेगा. 6 नवंबर को 2 बजकर 45 मिनट पर शास्त्रोक विधि से पूजन शुरू होगा.

वाराणसी. दीवाली से पहले धनतेरस का महापर्व मनाया जाता है. इस दिन धन की देवी माता लक्ष्मी के साथ भगवान धन्वंतरि के पूजा का विधान है. काशी में इस दिन माता अन्नपूर्णा के दरबार में उनके स्वर्णमयी प्रतिमा के दर्शन होते हैं. साल में धनतेरस पर उनका कपाट खुलाता है और देवी अपना खजाना भक्तों पर लुटाती हैं. इस बार देवी के दरबार में 21 किलो के रजत खजाने को भक्तों में बांटा जाएगा. धनतेरस को देखते हुए इस बार श्री अन्नपूर्णा मंदिर ट्रस्ट ने माता अन्नपूर्णा से भगवान शिव को भिक्षा मांगते हुए चित्र वाली खास सिक्कों को तैयार कराया है. इस खजाने के साथ आम सिक्कों को भी भक्तों में प्रसाद स्वरूप बांटा जाएगा. मंदिर के महंत शंकर पुरी ने लोकल 18 को बताया कि 6 नवंबर को धनतेरस के दिन से माता अन्नपूर्णा के स्वर्णमयी प्रतिमा के दर्शन शुरू होंगे, जो लगातार 5 दिनों तक चलेगा.

किस दिन मिलेगा खजाना

6 नवंबर की मंगलबेला में 2 बजकर 45 मिनट पर शास्त्रोक विधि से पूजन शुरू होगा. इस दौरान खजाने की भी पूजा होगी. करीब 2 घंटे पूजा के बाद 6 नवंबर की भोर 5 बजे से आम भक्तों के लिए देवी का कपाट खुल जाएगा. फिर रात 11 बजकर 15 मिनट तक देवी अनवरत भक्तों को दर्शन देंगी. 7 नवंबर से भोर में 4 बजे से रात सवा ग्यारह बजे तक भक्तों को देवी के दर्शन के साथ उनका खजाना मिलेगा.

क्या है धार्मिक मान्यता

महंत शंकर पुरी बताते हैं कि देवी के दर्शन से पूर्व ही मंदिर के सेवादार भक्तों को सिक्का और धान का लावा देंगे. उसके बाद उन्हें देवी के स्वर्णमयी प्रतिमा के दर्शन होंगे. माता अन्नपूर्णा के स्वर्णमयी प्रतिमा के साथ भक्त महादेव के रजत प्रतिमा का भी दर्शन करेंगे. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो भी भक्त देवी के खजाने को अपने घर के तिजोरी में रखता है, उस पर देवी का आशीर्वाद सदैव बना रहता है. उसके घर में कभी अन्न और धन की कमी नहीं होती है. यही वजह है की देवी के दर्शन और उनके खजाने को पाने के लिए देशभर से श्रद्धालु धनतेरस पर काशी आते हैं.

5 लाख भक्तों के आने का अनुमान

अनुमान है कि इस बार धनतेरस पर करीब 5 लाख से ज्यादा श्रद्धालु देवी का दर्शन करेंगे. इसको देखते हुए सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम भी किए गए है. सड़कों पर 2 किलोमीटर लंबी बैरेकेडिंग लगाई गई है. आला अफसरों की तैनाती भी की गई है.



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