Ashok Kumar Mohapatra Death Reason: डॉ. अशोक कुमार महापात्र: देश का वह न्यूरोसर्जन, जिसने कभी जुड़वां बच्चों ‘जग्गा-कालिया’ को किया था अलग

Ashok Kumar Mohapatra Death Reason: डॉ. अशोक कुमार महापात्र: देश का वह न्यूरोसर्जन, जिसने कभी जुड़वां बच्चों ‘जग्गा-कालिया’ को किया था अलग


Ashok Kumar Mohapatra Death News: देश के प्रख्यात न्यूरोसर्जन डॉ. अशोक कुमार महापात्र अब इस दुनिया में नहीं रहे. जुड़वां बच्चों ‘जग्गा-कालिया’ को अलग करने वाले देश के फेमस न्यूरोसर्जन डॉ. अशोक कुमार महापात्र का निधन हो गया. डॉ. अशोक कुमार महापात्र ने भुवनेश्वर एम्स की स्थापना में अहम भूमिका निभाई थी. पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित डॉ. अशोक कुमार महापात्र का दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में सोमवार रात निधन हो गया. पारिवारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी. वह 74 वर्ष के थे. उनके निधन से देशभर में शोक की लहर है.

सूत्रों ने बताया कि डॉ. अशोक कुमार महापात्र का एम्स में तंत्रिका तंत्र संबंधी बीमारियों का इलाज चल रहा था. उनके परिवार में पत्नी और एक बेटी हैं. ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने मंगलवार को प्रख्यात न्यूरोसर्जन के निधन पर शोक व्यक्त किया.

डॉ. अशोक कुमार महापात्र का कैसे हुआ निधन?

डॉ. अशोक महापात्र लंबे समय ब्रेन कैंसर के सबसे खतरनाक रूप ग्लोबलास्टोमा से पीड़ित थे. उनकी हालत बिगड़ने पर पिछले महीने ही दो अक्टूबर को उन्हें भुवनेश्वर से एयरलिफ्ट कर दिल्ली एम्स लाया गया था. यहां ब्रेन स्ट्रोक का इलाज चल रहा था. मगर सोमवार को इलाज के दौरान ही उनका निधन हो गया.

माझी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘प्रसिद्ध चिकित्सा विशेषज्ञ एवं पद्मश्री से सम्मानित प्रोफेसर (डॉ.) अशोक कुमार महापात्र के निधन की खबर सुनकर मुझे गहरा दुख हुआ है. देश के एक प्रतिष्ठित न्यूरोसर्जन और चिकित्सा विज्ञान की दुनिया में एक अग्रणी व्यक्ति के रूप में उन्होंने ओडिशा और पूरे देश का गौरव बढ़ाते हुए स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र को समृद्ध किया. चिकित्सा सेवाओं और अनुसंधान में उनका उल्लेखनीय योगदान हमेशा याद रखा जाएगा.’

वहीं, बीजद अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा, ‘महापात्र ने चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में एक अमिट छाप छोड़ी है. चाहे ओडिशा में एम्स की स्थापना करना हो या लोगों को उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना हो, उन्हें हमेशा याद रखा जाएगा. यह पूरे राज्य के साथ-साथ भारत के लिए भी एक अपूर्णनीय क्षति है.’

उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, ‘दुख की इस घड़ी में शोक संतप्त परिवार के सदस्यों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए, मैं दिवंगत आत्मा की शाश्वत शांति के लिए प्रार्थना करता हूं.’

कौन थे अशोक कुमार महापात्र?

डॉ. अशोक कुमार महापात्र को चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए 2024 में पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित किया गया था. उन्होंने 2017 में नई दिल्ली स्थित एम्स में ओडिशा के रहने वाले, सिर से जुड़े जुड़वां बच्चों को 16 घंटे लंबे ऑपरेशन के बाद सफलतापूर्वक अलग किया था.

जग्गा और कालिया को किया था अलग

इस सर्जरी में जग्गा और कालिया नामक दोनों जुड़वा बच्चों को अलग-अलग किया गया था. मीडिया में यह सर्जरी खासी चर्चित रही थी. इसे भारत में अपनी तरह की पहली सर्जरी बताया गया था. महापात्र ने भुवनेश्वर में एम्स की स्थापना में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और उन्हें इसका पहला निदेशक नियुक्त किया गया था. महापात्र का पार्थिव शरीर मंगलवार को अंतिम संस्कार के लिए भुवनेश्वर लाया जाएगा.



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