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Saharanpur News: सहारनपुर के तैरने वाले गोबर के दीपक से पीएम, सीएम और राष्ट्रपति आवास जगमग होंगे. इन खास दीपकों की डिमांड देशभर में है. लोग इसे ऑनलाइन मंगवाते है. पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉक्टर संदीप मिश्रा ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि दीपावली पर्व पर नगर निगम सहारनपुर द्वारा संचालित मां शाकंभरी उपवन गौशाला में लोग गाय के शुद्ध गोबर से दीपक बना रहे हैं.
सहारनपुर: शहर के आत्मनिर्भर गौशाला में बनने वाले अनोखे गोबर के दीपक से इस बार न केवल लोगों के घर जगमग होंगे बल्कि प्रदेश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सीएम योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल और राष्ट्रपति के आवासों भी जगमग करेंगे. बता दे कि नगर निगम के नवादा में मां शाकंभरी कान्हा उपवन गौशाला का संचालन किया जा रहा है. जिसमें सड़कों पर आवारा घूमने वाले गोवंशों को संरक्षित किया जाता है. इस गौशाला में अभी तक 575 गोवंश संरक्षित है. जिनके गोबर और गोमूत्र से विभिन्न तरह के उत्पाद बनाए जाते हैं.
यहां पर बनने वाले दीपक भी उन्ही उत्पादों में से एक है जो की अन्य दीपकों से बेहद अनोखे हैं. यह दीपक गायों के शुद्ध देसी गोबर से तैयार किया जा रहे हैं जबकि यह दीपक पानी में तैरते हैं और इनका इस्तेमाल खत्म हो जाने पर पेड़ पौधों में खाद के रूप में इस्तेमाल किये जा सके है. गायों के गोबर से बने यह दीपक पूरी तरह से बायोडिग्रेडेबल है. इन दीपकों की डिमांड देशभर से ऑनलाइन आती है.
अयोध्या भी भेजे जा रहे 5100 दीये
इस बार यह दीपक अयोध्या राम मंदिर में भी रोशनी बिखरने का काम करेंगी. उसके लिए 5100 दीपक भेज रहे हैं. पशु चिकित्सा एवं कल्याण अधिकारी डॉक्टर संदीप मिश्रा ने लोकल 18 से बात करते हुए बताया कि दीपावली पर्व के दृष्टिगत नगर निगम सहारनपुर द्वारा संचालित मां शाकंभरी उपवन गौशाला में हम लोग गाय के शुद्ध गोबर से दीपक बना रहे हैं और दीपक के साथ-साथ हम लोग गणेश और लक्ष्मी जी की मूर्ति, सम्भराणी कप, धूपबत्ती भी बना रहे हैं.
पानी में तैरने के साथ कई खूबी है दीपक में
उनका कहना है कि अयोध्या में दीपोत्सव दीपावली बड़े जोर-शोर से मनाई जाती है. हमारा प्रयास है कि इस खास दीपक से लोग दीवाली मना सकें. इससे वातावरण भी अनुकूल बना रहता है. इनमें कई प्रकार की खूबी है. ये पानी में भी तैरते हैं. इस दीपक को लोग इसलिए भी ले जाते हैं. ये दीपक घर में किसी पात्रों में पानी भर के उनके घर शोभायमान होते हैं. उसके अलावा इसकी खास बात यह है कि जब हम इस्तेमाल कर लेते हैं तो अपने गमलों या क्यारियों में हम इन दीपकों को डालेंगे तो वो खाद के रूप में परिवर्तित हो जाएंगे.