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आपको बता दें कि बिहार में सम्राट सरकार बनने के बाद बड़े पैमाने पर आईएएस अधिकारियों का फेरबदल हुआ था. उस फेरबदल में दीपक सिंह को राज्यपाल का प्रधान सचिव बनाया गया था. अब उन्हें इस पद से हटा दिया गया है. उन्हें हटाए जाने और नई जिम्मेदारी दिए जाने की जानकारी सामान्य प्रशासन विभाग ने दी है.
पटना: बिहार में सीनियर आईएएस अधिकारी दीपक कुमार सिंह का तबादला कर दिया गया है. उन्हें राज्यपाल सचिवालय में अपर मुख्य सचिव के पद से हटा दिया गया है. उनका ट्रांसफर कर उन्हें बिहार राज्य योजना परिषद का मुख्य परामर्शी बनाया गया है. अगले आदेश तक दीपक कुमार इसी पद पर रहेंगे. दीपक कुमार अभी तक राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव थे.
दीपक कुमार सिंह के तबादले के बारे में बिहार सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग ने अधिसूचना जारी की है. बिहार सरकार के विशेष सचिव संजय कुमार ने उनके तबादले का आदेश जारी किया. 1992 बैच के आईएएस अधिकारी दीपक कुमार सिंह के पास महानिदेशक-सह-मुख्य जांच आयुक्त, सामान्य प्रशासन विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी रहेगा.
दीपक कुमार के बारे में बात करें तो वह बिहार की ब्यूरोक्रेसी में वरिष्ठ होने के साथ ही प्रभावशाली अधिकारियों में गिने जाते हैं. उन्हें रिटायर होने के बाद भी बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने समय में उन्हें मुख्यमंत्री का प्रधान सचिव नियुक्त कर दिया था. हालांकि, बाद में जब बिहार में सरकार बदली और सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री बने तो उन्हें उनके पद से हटा दिया था और बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण का उपाध्यक्ष बना दिया गया था.
दीपक कुमार अपने आईएएस की नौकरी के दौरान शुरुआत में बिहार और झारखंड के कई जिलों में डीएम रह चुके हैं. माना जाता है कि उस समय के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उनकी करीबी थी. नीतीश के बाद सम्राट सरकार में भी लंबे समय तक दीपक प्रधान सचिव रहे. हालांकि, नीतीश कुमार के सीएम पद से हटने के बाद लंबी पारी खेलकर दीपक कुमार को हल्का कर दिया गया.
दिल्ली में भी संभाली बड़ी जिम्मेदारियां
राज्य सरकार के साथ काम करने के अलावा दीपक कुमार केंद्र सरकार में भी कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे. वे कर्मचारी राज्य बीमा निगम के महानिदेशक रहे. ESIC में उनकी भूमिका स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े काम में रही. जून 2017 में उन्हें भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण का चेयरमैन भी बनाया गया.