ट्रंप का एक बयान और अमेर‍िकी शेयर बाजार ने मनाया जश्न, GIFT निफ्टी भी 190 अंक चढ़ा

ट्रंप का एक बयान और अमेर‍िकी शेयर बाजार ने मनाया जश्न, GIFT निफ्टी भी 190 अंक चढ़ा


Agency:एजेंसियां

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के चुनाव नतीजे स्वीकार करने के बयान के बाद वॉल स्ट्रीट में जबरदस्त रिकवरी देखने को मिली. नैस्डैक 100 फ्यूचर दिन के निचले स्तर से करीब 950 अंक उछल गया. डाउ जोन्स और S&P 500 फ्यूचर भी तेजी में आ गए. अमेरिकी बाजारों में बदले इस माहौल का असर भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखा और GIFT निफ्टी 190 अंक चढ़कर 23,950 के स्तर पर पहुंच गया.

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अमेर‍िकी शेयर बाजार में जबरदस्‍त उछाल.

अमेरिकी शेयर बाजार में बुधवार को जबरदस्त उतार-चढ़ाव देखने को मिला. अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी की बड़ी जीत के बाद शुरुआती कारोबार में वॉल स्ट्रीट के शेयर फ्यूचर में भारी गिरावट आई, लेकिन कुछ ही घंटों में बाजार ने जोरदार वापसी कर ली. नैस्डैक 100 फ्यूचर अपने दिन के निचले स्तर से करीब 950 अंक उछल गया. वहीं, डाउ जोन्स और S&P 500 फ्यूचर भी गिरावट से निकलकर हरे निशान में पहुंच गए. इस तेजी का असर भारतीय बाजार पर भी दिखाई दिया. GIFT निफ्टी करीब 190 अंक चढ़कर 23,950 के स्तर पर पहुंच गया. इससे भारतीय शेयर बाजार में भी सकारात्मक माहौल बनने के संकेत मिले.

अमेरिकी शेयर बाजार के प्रमुख इंडेक्स फ्यूचर में शुरुआती गिरावट के बाद जबरदस्त रिकवरी देखने को मिली. नैस्डैक 100 ई-मिनी फ्यूचर 28,555 पर कारोबार कर रहा था. इसमें 250 अंक यानी करीब 0.88 फीसदी की तेजी दर्ज की गई. खास बात यह रही कि नैस्डैक फ्यूचर दिन के निचले स्तर से करीब 950 अंक ऊपर आ गया. इससे पहले चुनाव नतीजों के बाद इसमें करीब 2.4 फीसदी तक की गिरावट आ गई थी.

इसी तरह डाउ जोन्स ई-मिनी फ्यूचर 676 अंक यानी 1.3 फीसदी उछलकर 52,571 पर पहुंच गया. S&P 500 ई-मिनी फ्यूचर में भी 67 अंक यानी 0.89 फीसदी की तेजी आई और यह 7,664 पर पहुंच गया. S&P 500 फ्यूचर भी दिन के निचले स्तर से करीब 1.4 फीसदी की गिरावट के बाद संभल गया. बाजार में आई इस रिकवरी से साफ हुआ कि निवेशकों ने शुरुआती राजनीतिक चिंता के बाद अमेरिकी अर्थव्यवस्था और बॉन्ड यील्ड से जुड़े संकेतों को ज्यादा अहमियत देनी शुरू कर दी.

अमेरिकी चुनाव नतीजों से क्यों घबराया था बाजार?

  • अमेरिका में मिडटर्म चुनाव के नतीजों में डेमोक्रेटिक पार्टी को बड़ी जीत मिली. पार्टी ने सीनेट और प्रतिनिधि सभा, दोनों पर नियंत्रण हासिल कर लिया. इससे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की राजनीतिक स्थिति को बड़ा झटका लगा और अमेरिकी सरकार के सामने एक तरह की राजनीतिक खींचतान की स्थिति बन गई.
  • चुनाव नतीजों के बाद निवेशकों को चिंता सताने लगी कि कांग्रेस में डेमोक्रेट्स का नियंत्रण बढ़ने से टेक्नोलॉजी कंपनियों पर नियामकीय सख्ती बढ़ सकती है. खासतौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्रिप्टोकरेंसी और तेजी से बढ़ते दूसरे टेक्नोलॉजी कारोबार पर सरकार की निगरानी बढ़ने की आशंका जताई गई.
  • निवेशकों को यह भी डर था कि टेक्नोलॉजी कंपनियों पर ज्यादा टैक्स लगाने की कोशिश हो सकती है. इसका असर उन कंपनियों पर पड़ सकता है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में अरबों डॉलर का निवेश कर रही हैं. इन्हीं आशंकाओं के चलते अमेरिकी फ्यूचर बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान बिकवाली बढ़ गई थी.

ट्रंप के बयान से भी बदला बाजार का मूड

शुरुआती गिरावट के बाद बाजार में माहौल बदलने की एक वजह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान भी रहा. ट्रंप ने कहा कि वह चुनाव नतीजों को स्वीकार करेंगे. इससे चुनाव के बाद राजनीतिक अनिश्चितता कम होने का संकेत मिला. इसके अलावा अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड की यील्ड में गिरावट ने भी शेयर बाजार को सहारा दिया. बॉन्ड यील्ड घटने से खासतौर पर टेक्नोलॉजी और ग्रोथ कंपनियों के शेयरों को राहत मिल सकती है. निवेशकों ने यह आकलन करना शुरू किया कि अमेरिकी सरकार में राजनीतिक मतभेद के बावजूद अर्थव्यवस्था की मजबूती और कंपनियों की कमाई बाजार को संभाल सकती है.

AI कंपनियों के शेयरों पर रहेगी नजर

अमेरिकी शेयर बाजार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी कंपनियां निवेशकों के रडार पर बनी हुई हैं. चुनाव नतीजों के बाद इन कंपनियों पर संभावित नियामकीय सख्ती को लेकर चिंता बढ़ी थी. हालांकि, नैस्डैक फ्यूचर में आई जोरदार रिकवरी बताती है कि निवेशक फिलहाल राजनीतिक घटनाक्रम के साथ-साथ कंपनियों के कारोबारी प्रदर्शन पर भी ध्यान दे रहे हैं.

AI से जुड़ी कंपनियों के भविष्य को लेकर निवेशकों की धारणा पर AMD जैसी कंपनियों के बिजनेस आउटलुक का भी असर पड़ रहा है. बाजार की नजर इस बात पर है कि AI में बढ़ते निवेश से कंपनियों की कमाई कितनी तेजी से बढ़ती है और नियामकीय बदलाव उनके कारोबार को किस तरह प्रभावित करते हैं.



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