गाय का दूध बढ़ाना है तो सर्दियों में खिलाएं ये 3 चीजें, बाल्टी भर भरकर देंगी मिल्क, जानें बोकारो की पशु एक्सपर्ट से डाइट

गाय का दूध बढ़ाना है तो सर्दियों में खिलाएं ये 3 चीजें, बाल्टी भर भरकर देंगी मिल्क, जानें बोकारो की पशु एक्सपर्ट से डाइट


बोकारो: सर्दियों का मौसम शुरू होते ही अक्सर गायों के दूध उत्पादन में कमी देखने को मिल,ती है जिसका सीधा असर पशुपालकों की आमदनी पर पड़ता है. ऐसे में इसे लेकर बोकारो की कृषि विज्ञान केंद्र की वैज्ञानिक (पशुपालन) डॉ. सुषमा ने सर्दियों में गायों में दूध उत्पादन को बढ़ाने और सर्दियों में विशेष डाइट को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की हैं.

डॉ. सुषमा ने लोकल 18 से खास बातचीत में बताया कि सर्दियों के मौसम में गायों के शरीर का तापमान सामान्य बनाए रखने के लिए अधिक ऊर्जा खर्च होती है. इसके अलावा ठंडे फर्श पर बैठने से भी उनके शरीर का तापमान प्रभावित होता है, जिसका सीधा असर दूध उत्पादन पर पड़ता है. ऐसे में इस समस्या से बचने के लिए पशुपालकों को गायों के खान-पान पर विशेष ध्यान और पौष्टिक आहार उपलब्ध कराना बहुत जरूरी है.

10 लीटर दूध देने वाली गाय को दें ये चारा

डॉ. सुषमा आगे बताती हैं कि दूध उत्पादन का सीधा संबंध पशुओं के खान-पान से होता है. इसलिए दुधारू गायों को संतुलित आहार देना बेहद जरूरी है. उनके भोजन में ऊर्जा के लिए अनाज का दर्रा, प्रोटीन के लिए दलहनी फसलों का चूरा और फैट के लिए सरसों खली शामिल करनी चाहिए. इसके अलावा शरीर की सामान्य कामकाज और तापमान को बनाए रखने के लिए विटामिन और खनिज लवण भी जरूरी हैं.

वहीं, एक दिन में लगभग 10 लीटर दूध देने वाली बड़ी गाय को प्रतिदिन 80 से 100 ग्राम मिनरल मिक्सचर दिया जा सकता है. जबकि ठंड के मौसम में पशुपालक गायों के आहार में खली की मात्रा को बढ़ा सकते हैं. इससे आहार में ऊर्जा और प्रोटीन की आपूर्ति बनाए रखने में मदद मिलती है. साथ ही अनाज का दर्रा खिलाने से पहले उसे थोड़ा भिगो लेना चाहिए या अच्छी तरह पकाकर देना चाहिए, ताकि पशुओं के पाचन में आसानी हो सके.

जबकि प्रोटीन की पूर्ति के लिए अरहर का चूरा, चना का छिलका और अन्य दलहनी फसलों के अवशेष भी आहार में शामिल किए जा सकते हैं. इसके साथ दलहनी और गैर दलहनी चारे को लगभग 1:3 के अनुपात में मिलाकर खिलाना गायों के लिए फायदेमंद होता है.

एक बड़ी गाय को रोज दें 20-25 किलो हरा चारा

वहीं, गायों के लिए हरा चारा लिए बेहद जरूरी है. क्योंकि इससे उन्हें पानी के साथ विटामिन और खनिज लवण भी मिलते हैं और एक बड़ी गाय को प्रतिदिन लगभग 20 से 25 किलो हरा चारा देना चाहिए. वहीं, सर्दियों के मौसम में पशुपालक बरसीम को हरे चारे के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके अलावा सालभर उपलब्ध रहने वाली हाइब्रिड नेपियर घास को कुट्टी के रूप में काटकर भी खिलाया सकते हैं.

वहीं, सुबह के समय गायों को हरा चारा दें और दोपहर में पुआल और अन्य सूखे चारे को कुट्टी काटकर खिलाएं. जबकि शाम को दूध निकालने के बाद उन्हें चारा और संतुलित आहार दें. बता दें कि अक्सर ठंड के मौसम में पशुपालक गायों को कम पानी पिलाते हैं, जबकि इस दौरान भी उन्हें पर्याप्त पानी देना जरूरी है. पशुपालकों को गायों को साफ, ताजा और हल्का गुनगुना पानी पिलाना चाहिए. इसके साथ ही उनके रहने की उचित व्यवस्था, संतुलित खान-पान और हरे व सूखे चारे का सही अनुपात बनाए रखना जरूरी है. तभी पशु सर्दियों में सेहतमंद रहेंगे और दूध उत्पादन में कमी को रोकने में मदद मिलेगी.



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