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Agniveer Bharti : अग्निवीरों की सेवा अवधि को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. केंद्र सरकार ने पहले बैच के अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार देने पर मुहर लगा दी है. इसके बाद कुछ अग्निवीर चार साल के बजाय छह साल तक सेना में सेवा दे सकेंगे. इस फैसले को सेकेंड टूर ऑफ ड्यूटी नाम दिया गया है.
अग्निवीरों के लिए खुशखबरी! अब 4 नहीं, 6 साल में होंगे सेवामुक्त
Agniveer Bharti : भारतीय सेनाओं में भर्ती के लिए साल 2022 में शुरू की गई अग्निपथ स्कीम में बड़े बदलाव की खबर है. भारत सरकार ने पहले बैच के अग्निवीरों की सेवा अवधि में दो साल का विस्तार कर दिया है. पहले बैच के अग्निवीरों की चार साल की सेवा अवधि 21 नवंबर को समाप्त हो रही है. केंद्र सरकार ने अग्निवीरों की दो साल की सेवा अवधि विस्तर पर मुहर लगा दी है. दो साल के सेवा विस्तार को सेकेंड टूर ऑफ ड्यूटी कहा जाएगा. इसकी घोषणा भारतीय सेना के सीडीएस जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने की. उन्होंने कहा कि यह फैसला मौजूदा अग्निपथ योजना की समीक्षा के बाद लिया गया है.
मौजूदा नियम के तहत चार साल की सेवा पूरी होने के बाद 25 फीसदी अग्निवीरों को नियमित कैडर में परमानेंट कर लिया जाता है. शेष 75 फीसदी को सेवा मुक्त कर दिया जाता है. नए प्रस्ताव के अनुसार 75 फीसदी सेवा मुक्त होने वाले जवानों में से भी एक निश्चित हिस्से को दो साल और सेवा का विकल्प मिलेगा.
अग्निवीरों का पहला बैच कब होगा सेवा मुक्त
भारतीय सेनाओं में भर्ती हुए अग्निवीरों के सेवा मुक्त होने की उल्टी गिनती शुरू हो गई है. भारतीय थल सेना के अग्निवीरों का पहला बैच 31 दिसंबर 2026 को सेवा मुक्त होगा. जबकि भारतीय वायुसेना के अग्निवीर 21 दिसंबर और नौसेना के 21 नवंबर को सेवामुक्त होंगे.
क्या है अग्निवीर योजना
- यह योजना 14 जून 2022 को शुरू हुई थी. जिसका आधिकारिक नाम अग्निपथ योजना है. इसके तहत भर्ती होने वाले जवानों को अग्निवीर कहा जाता है.
- इसके जरिए साढ़े 17 से 21 साल के युवाओं को तीनों सेनाओं में भर्ती किया जाता है.
- चार साल तक हर महीने सैलरी मिलती है. सेवा समाप्त होने पर करीब 11 लाख 71 हजार रुपये एकमुश्त मिलते हैं. लेकिन इसमें पेंशन नहीं होती.
- 4 साल बाद सिर्फ 25% अग्निवीरों को ही सेना में परमानेंट रखा जाता है.
- शेष 75% युवाओं को सेवा निधि देकर विदा कर दिया जाता है. जिन्हें पुलिस और सुरक्षा बलों की भर्ती में छूट मिलता है.