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India Nepal border bridge: उत्तराखंड के पिथौरागढ़ स्थित भारत-नेपाल सीमा पर ₹33 करोड़ की लागत से छारछुम इंटरनेशनल मोटर पुल बनकर पूरी तरह तैयार हो चुका है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार, पर्यटन और ऐतिहासिक रिश्तों को नई मजबूती मिलेगी. हालांकि, 4 साल के लंबे इंतजार के बाद तैयार हुए इस दूसरे बड़े सड़क संपर्क मार्ग पर वाहनों की आवाजाही अभी सुरक्षा एजेंसियों की चौकियों और औपचारिकताओं की वजह से अटकी हुई है.
India Nepal border bridge: उत्तराखंड में नेपाल से भारत का 275 किलोमीटर का खुला बॉर्डर सटा है. इस बॉर्डर पर आवाजाही के लिए भले ही दर्जनों झूला पुल बने हों, मगर अब तक दोनों मुल्कों के बीच गाड़ियों की आवाजाही सिर्फ बनबसा पुल से होती थी. छारछुम में इंटरनेशनल पुल बनने के बाद यह दूसरा ऐसा पुल बना है, जहां से भारत और नेपाल के बीच गाड़ियों की आवाजाही हो सकेगी.
चार साल में बनकर तैयार हुआ ₹33 करोड़ का पुल
छारछुम मोटर पुल बनाने का काम साल 2022 में शुरू हुआ था. पुल को बनाने में साल भर का समय तय किया गया था, लेकिन कार्यदायी संस्था ने इसे बनाने में चार साल लगा डाले. 33 करोड़ की लागत से 110 मीटर लंबा मोटर पुल भारत-नेपाल बॉर्डर पर अब पूरी तरह तैयार है. डबल लेन मोटर पुल को नेपाल की ओर से भी कनेक्ट कर दिया गया है, जबकि भारत की तरफ से यह पुल पहले ही कनेक्ट था.
चौकियों के अभाव में आवाजाही में देरी की आशंका
बॉर्डर पर इंटरनेशनल मोटर पुल भले ही बन गया हो, लेकिन अभी तक भी भारत की तरफ कस्टम, आईबी और एसएसबी की चौकियां नहीं बन पाई हैं. स्थानीय प्रशासन चौकियों के लिए जमीन की तलाश में जुटा है. जितनी देर इन चौकियों के बनने में लगेगी, उतनी ही देरी से पुल पर आवाजाही हो पाएगी.
व्यापार-पर्यटन को रफ्तार और कसीनो पर रोक की मांग
स्थानीय विधायक हरीश धामी का कहना है कि इंटरनेशनल मोटर पुल बनने से दोनों मुल्कों के बीच व्यापार के साथ पर्यटन की गतिविधियां भी बढ़ेंगी. यही नहीं, बॉर्डर पर रहने वालों को भी खासा फायदा होगा. भारत-नेपाल के बीच जो रोटी-बेटी के रिश्ते हैं, उन्हें भी मजबूती मिलेगी. साथ ही विधायक धामी ने नेपाल सरकार से डिमांड की है कि बनबसा की तरह छारछुम में कसीनो जैसी गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगे, नहीं तो तय है कि पुल का जितना फायदा होगा.
उससे कहीं अधिक जुआ खेलकर भारतीय नागरिक बर्बाद हो सकते हैं. असल में बनबसा में नेपाल ने कसीनो खोला है. इस कसीनो में सिर्फ विदेशियों को ही जुआ खेलने की परमिशन है. ऐसे में लाखों की संख्या में अब तक भारतीय नागरिक यहां जुआ खेलकर बर्बाद हो चुके हैं.