पश्चिम एशिया में ईरान-अमेरिकी की अंधी जंग अब न्यूक्लियर अटैक तक पहुंच गई है. अब इस वॉर में परमाणु युद्ध की आहट महसूस की जाने लगी है. अमेरिका और इजराइल के साथ बढ़ते गतिरोध के बीच, ईरानी अधिकारियों ने अपनी जनता के लिए एक चौंकाने वाली पब्लिक एडवाइजरी जारी की है. ईरान के सरकारी मीडिया ने 8 मिनट का एक डीटेल एजुकेशनल वीडियो जारी किया है, जिसमें ये बताया गया है कि परमाणु विस्फोट और उसके जहरीले रेडिएशन से कैसे बचा जाए? इस वीडियो के बाद से पूरी दुनिया में खौफ फैल गया है कि कहीं ये न्यूक्लियर वॉर का पहला स्टेप तो नहीं
क्या है ये वीडियो एडवाइजरी और ईरान ने क्यों जारी की?
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA द्वारा जारी की गई ये वीडियो गाइड ऐसे समय पर आई है, जब अमेरिका द्वारा ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमला किए जाने की अटकलें तेज हैं.
ये दिशा-निर्देश ईरान के इस्फहान प्रांत की आपातकालीन सेवाओं द्वारा जारी किए गए हैं. इस्फहान वही संवेदनशील इलाका है जहां ईरान का प्रसिद्ध ‘नतांज परमाणु संयंत्र’ और गहराई में बना ‘पिकैक्स माउंटेन’ परमाणु केंद्र मौजूद है.
ये एडवाइजरी ईरान में हर साल आयोजित होने वाले ‘पैसिव डिफेंस वीक’ के तहत जारी की गई है. इस अभ्यास का मकसद किसी भी संभावित सैन्य हमले या आपातकालीन स्थिति के लिए नागरिकों को तैयार करना है.
लेकिन इस बार का वीडियो इसलिए खास और चिंताजनक माना जा रहा है क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल ही में ईरान के ‘पिकैक्स माउंटेन’ वाले परमाणु स्थल को निशाना बनाने का संकेत दिया था. हालाँकि, ट्रम्प ने ये भी साफ किया था कि अमेरिका परमाणु हथियारों का इस्तेमाल नहीं करेगा, फिर भी ईरान कोई जोखिम नहीं लेना चाहता और अपने नागरिकों को सबसे बुरे हालात के लिए तैयार कर रहा है.
परमाणु विस्फोट के समय क्या करें और क्या न करें? ईरान की 8 मिनट की गाइडलाइन
इस 8 मिनट के वीडियो में ‘इस्फहान रेड क्रेसेंट सोसाइटी’ के अधिकारी इब्राहिम अदेलजादेह ने नागरिकों को परमाणु हमले के समय बचाव के कई बुनियादी तरीके बताए हैं.
वीडियो के अनुसार, परमाणु विस्फोट में सबसे बड़े खतरे, अत्यधिक तेज रोशनी, प्रचंड ब्लास्ट वेव, जानलेवा गर्मी और रेडियोएक्टिव रेडिएशन्स होते हैं. इनसे बचने के लिए ये कदम उठाने की सलाह दी गई है.
- खिड़कियां बंद करें और AC तुरंत बंद कर दें : अगर आप किसी घर या इमारत में हैं, तो तुरंत सारी खिड़कियाँ और दरवाजे कसकर बंद कर लें. घर में चल रहे एयर कंडीशनर या वेंटिलेशन सिस्टम को तुरंत बंद कर दें, क्योंकि बाहर से आने वाली हवा रेडियोधर्मी धूल के कणों को घर के अंदर ला सकती है.
- बेसमेंट या मध्य हिस्से में शरण लें : इमारत के सबसे निचले हिस्से यानी बेसमेंट या किसी ऐसे कमरे में जाएं जो घर के एकदम बीच में हो और जिसकी दीवारें मोटी हों. खिड़कियों से जितना हो सके दूर रहें, क्योंकि धमाके के शॉकवेव से टूटे कांच घातक साबित हो सकते हैं.
- अगर बाहर फंस जाएं तो क्या करें : अगर विस्फोट के समय आप खुले मैदान या सड़क पर हैं, तो धमाके या तेज रोशनी की तरफ भूलकर भी न देखें, इससे आंखों की रोशनी हमेशा के लिए जा सकती है. तुरंत जमीन पर पेट के बल लेट जाएं, अपने सिर और चेहरे को हाथों या किसी कपड़े से ढकें. धमाके की पहली लहर गुजरने के बाद तुरंत किसी पक्की इमारत में शरण लें. गाड़ियों में शरण लेने से मना किया गया है, क्योंकि गाड़ियां विकिरण से सुरक्षा नहीं देतीं.
- 24 घंटे तक अंदर ही रहें, पैक किया हुआ पानी-खाना ही इस्तेमाल करें : रेडियोधर्मी कण वातावरण में तेजी से फैलते हैं. इसलिए कम से कम 24 घंटे तक किसी भी सूरत में शेल्टर या बेसमेंट से बाहर न निकलें. केवल पहले से सीलबंद भोजन और बोतल बंद पानी का ही सेवन करें. जो पानी या खाना बाहर खुला रह गया हो, उसे छूने से भी बचें.
- दूषित कपड़े उतारें और शरीर साफ करें : अगर आप रेडियोधर्मी धूल के संपर्क में आ गए हैं, तो घर में घुसते ही अपने कपड़े बहुत सावधानी से उतारकर प्लास्टिक की थैली में पैक कर दें. अपने शरीर और बालों को साफ पानी से अच्छी तरह धोएं ताकि त्वचा पर लगी रेडियोधर्मी धूल साफ हो सके.
- बिना डॉक्टरी सलाह के न लें आयोडीन की गोलियां : अधिकारियों ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि वे बिना डॉक्टरी सलाह के पोटेशियम आयोडीन की गोलियां न खाएं. ये गोलियां केवल कुछ खास तरह के रेडिएशन से ही बचाती हैं और बिना ज़रूरत इनका सेवन सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है. संचार नेटवर्क (इंटरनेट/मोबाइल) ठप होने पर आपातकालीन निर्देशों को सुनने के लिए बैटरी से चलने वाला रेडियो अपने पास रखने की सलाह दी गई है.
क्या वाकई पश्चिम एशिया में शुरू होने वाला है बड़ा युद्ध?
ईरान की ओर से अपने नागरिकों को परमाणु हमले से बचने की ट्रेनिंग देना ये दिखाता है कि क्षेत्र में हालात कितने गंभीर हो चुके हैं. इस्फहान के परमाणु ठिकानों पर अमेरिका या इजराइल का कोई भी संभावित हमला पूरे मध्य पूर्व को एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध की ओर धकेल सकता है.
ईरान का ये कदम एक तरफ जहां अपने नागरिकों को सतर्क करने की रणनीति है, वहीं दूसरी तरफ ये दुनिया को ये कड़ा संदेश देने की कोशिश भी है कि ईरान हर स्थिति और सबसे भीषण हमले का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है. अब देखना ये होगा कि क्या कूटनीति के रास्ते से ये तनाव कम होता है या फिर पश्चिम एशिया किसी बड़ी तबाही की ओर बढ़ता है.