अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार ही ईरान के खिलाफ नए सिरे से हमले की धमकियां दे रहे हैं. इन हमलों के खतरे को देखते हुए ईरान ने अपने नागरिकों के लिए खास अलर्ट जारी किया है. ईरान के सरकारी टेलीविजन और समाचार एजेंसियों से जारी इस खास एडवाइजरी में बताया गया है कि अगर देश पर परमाणु हमला होता है तो लोगों को कहां शरण लेनी चाहिए, रेडियोएक्टिव धूल से कैसे बचना है और धमाके के बाद किन चीजों का इस्तेमाल करना सुरक्षित हो सकता है. करीब आठ मिनट के इस वीडियो के जरिए लोगों को यह भी समझाया गया है कि अगर कोई व्यक्ति धमाके के समय खुले में फंस जाए तो उसे क्या करना चाहिए.
बेसमेंट में छिपें, खिड़कियों से रहें दूर, AC भी कर दें बंद
इस एडवाइजरी में कहा गया है कि धमाके की तेज रोशनी को बिल्कुल न देखें. अगर आप खुले में हैं तो किसी मजबूत दीवार या आड़ के पीछे छिप जाएं, जमीन पर लेट जाएं और अपने सिर और चेहरे को ढक लें. वहीं धमाके की लहर गुजरने के बाद तुरंत नजदीकी इमारत में शरण लें. खिड़कियों और बाहरी दीवारों से दूर रहें. संभव हो तो बेसमेंट या इमारत के बीच वाले हिस्से में रहें. दरवाजे-खिड़कियां बंद रखें और बाहर से हवा खींचने वाले एसी और वेंटिलेशन सिस्टम बंद कर दें.
एडवाइजरी में रेडिएशन के खतरे से बचने के लिए बाहर पहने गए कपड़े सावधानी से उतारकर सीलबंद बैग में रखने और साबुन-पानी से नहाने की सलाह भी दी गई है. लोगों से कहा गया है कि बोतलबंद पानी और पैक्ड खाना इस्तेमाल करें और कम से कम 24 घंटे शेल्टर में रहने की तैयारी रखें.
आयोडीन की गोली खुद से न खाएं, दवाओं पर भी चेतावनी
ईरान की गाइडलाइन में रेडिएशन से बचाव के लिए इस्तेमाल होने वाली कुछ दवाओं का भी जिक्र है. हालांकि, अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि बिना डॉक्टरों की सलाह के आयोडीन की गोलियां नहीं खानी चाहिए.
इस्फहान की प्री-हॉस्पिटल इमरजेंसी सर्विसेज के प्रवक्ता अब्बास आबेदी के मुताबिक, कुछ खास परिस्थितियों में स्टेबल आयोडीन थायरॉयड ग्रंथि में रेडियोएक्टिव आयोडीन के अवशोषण को कम कर सकता है. लेकिन यह परमाणु विस्फोट से निकलने वाले दूसरे रेडियोएक्टिव पदार्थों या सभी तरह के विकिरण से सुरक्षा नहीं देता.
वीडियो में प्रशियन ब्लू नाम की दवा का भी जिक्र किया गया है. इसका इस्तेमाल कुछ खास मामलों में शरीर के भीतर रेडियोएक्टिव सीजियम-137 के संक्रमण के इलाज के लिए किया जाता है. यानी ये दवाएं सामान्य सुरक्षा उपाय नहीं हैं और इनका इस्तेमाल डॉक्टरों की सलाह पर ही किया जाना चाहिए.
‘पिकैक्स माउंटेन’ पर हमले की आशंका के बीच एडवाइजरी
ईरान की इस गाइडलाइन का समय भी काफी अहम माना जा रहा है. यह वीडियो इस्फहान प्रांत की आपातकालीन सेवाओं की ओर से जारी किया गया है. इसी प्रांत में नतांज परमाणु केंद्र भी स्थित है. इसके अलावा, नतांज के पास पहाड़ के भीतर गहराई में बने परमाणु-संबंधी ठिकाने ‘पिकैक्स माउंटेन’ को लेकर भी चर्चाएं चल रही हैं.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 16 अक्टूबर को संकेत दिया था कि अमेरिका इस ठिकाने को निशाना बना सकता है. हालांकि, उन्होंने परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की संभावना से इनकार किया था.
इस बीच अमेरिकी पत्रकार और कमेंटेटर टकर कार्लसन ने सोमवार को आरोप लगाया कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू डोनाल्ड ट्रंप पर आने वाले दिनों में पिकैक्स माउंटेन पर परमाणु हमला करने का दबाव बना रहे हैं. यह कार्लसन का दावा है, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. इसे अमेरिकी सरकार की घोषित सैन्य योजना नहीं माना जा सकता.