Deepali Masirkar IPS ONGC Executive Director: BSc करके पहुंची लंदन, दीपाली ने पहले प्रयास में पास की यूपीएससी परीक्षा, अब ONGC में मिली अहम जिम्मेदारी

Deepali Masirkar IPS ONGC Executive Director: BSc करके पहुंची लंदन, दीपाली ने पहले प्रयास में पास की यूपीएससी परीक्षा, अब ONGC में मिली अहम जिम्मेदारी


Last Updated:

Deepali Masirkar IPS ONGC Executive Director: महाराष्ट्र के छोटे से गांव से निकलकर यूपीएससी सीएसई क्रैक करने वाली दीपाली मासिरकर को ओएनजीसी का एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर (चीफ सिक्योरिटी) नियुक्त किया गया है. दीपाली मासिरकर ने लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पढ़ाई की है.

Zoom

Deepali Masirkar IPS Story: आईपीएस दीपाली मासिरकर को क्लास 5 में सिविल सेवा में जाने की प्रेरणा मिली थी

नई दिल्ली (Deepali Masirkar IPS). महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के एक छोटे से गांव कोरपना (आवलपुर) से निकली दीपाली मासिरकर ने अपनी लगन और मेहनत के दम पर टॉप प्रशासनिक ढांचे में अपनी अलग पहचान बनाई है. अब उन्हें देश की सबसे बड़ी ऊर्जा महारत्न कंपनी ONGC की सुरक्षा व्यवस्था की कमान सौंपी गई है. 2008 बैच की सीनियर आईपीएस अधिकारी दीपाली मासिरकर को ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन का नया कार्यकारी निदेशक और मुख्य सुरक्षा नियुक्त किया गया है.

आईपीएस दीपाली मासिरकर ने 28 अक्टूबर 2026 को पदभार संभाला है. दीपाली मासिरकर की सक्सेस स्टोरी केवल यहीं तक सीमित नहीं है. अपने पहले ही प्रयास में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा क्रैक करने वाली दीपाली ने बायोटेक्नोलॉजी में बीएससी और कानून की डिग्री हासिल की. इसके बाद उन्होंने दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में शामिल ‘लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स’ (LSE) से मास्टर ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन की पढ़ाई पूरी की. उनके पति रोहन सामंत भी महाराष्ट्र कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं.

बचपन से जुड़ी है सफलता की गजब कहानी

दीपाली मासिरकर का जन्म नागपुर में हुआ था. उनके पिता महाराष्ट्र वन विभाग में सीनियर अधिकारी थे. जब दीपाली क्लास 5 में थीं, तब किसी आईएएस अधिकारी का उनके घर आना हुआ. उस अधिकारी के तौर-तरीकों, व्यक्तित्व और समाज में उनके प्रभाव ने नन्ही दीपाली के दिल पर ऐसी छाप छोड़ी कि उन्होंने उसी दिन तय कर लिया कि उन्हें भी प्रशासनिक सेवा में जाकर देश की सेवा करनी है. वह शुरुआती दिनों में एवरेज स्टूडेंट थीं. लेकिन क्लास 10वीं और 12वीं में मेहनत कर उन्होंने रिजल्ट सुधार लिया.

बायोटेक्नोलॉजी से IPS अफसर बनने तक का शानदार सफर

12वीं के बाद ज्यादातर बच्चे इंजीनियरिंग या मेडिकल चुनते हैं. वहीं दीपाली ने लीक से हटकर हैदराबाद से बायोटेक्नोलॉजी में BSc करने का फैसला किया. परिवार के शुरुआती विरोध के बावजूद उन्होंने अपनी सोच पर भरोसा रखा. इसके बाद वह दिल्ली आईं और यूपीएससी की तैयारी शुरू की. अपनी पहली ही कोशिश में AIR 384 हासिल कर वह नागालैंड कैडर की आईपीएस चुनी गईं. बाद में मुंबई यूनिवर्सिटी से एलएलबी और लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से डिग्री लेकर उन्होंने प्रशासनिक समझ को मजबूत किया.

नागपुर पुलिस से चुनाव आयोग और ONGC तक का सफर

आईपीएस दीपाली मासिरकर का करियर अनुभव बेहद समृद्ध रहा है. वह नागालैंड में DIG पद पर रहीं, महाराष्ट्र पुलिस में डेपुटेशन के दौरान नागपुर और मुंबई में DCP रहीं. इस दौरान उन्होंने साइबर क्राइम और आर्थिक अपराधों पर नकेल कसी. भारत निर्वाचन आयोग में निदेशक रहते हुए उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनावों के सफल संचालन में भूमिका निभाई. वह केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्रालय में निदेशक पद पर तैनात रह चुकी हैं. अब वह देश के संवेदनशील तेल कुओं और रिफाइनरी की सुरक्षा का नेतृत्व करेंगी.

पति भी हैं आईपीएस अधिकारी

आईपीएस दीपाली मासिरकर की पर्सनल लाइफ की बात करें तो उनके पति रोहन सामंत भी भारतीय पुलिस सेवा के सीनियर अधिकारी हैं. आईपीएस रोहन सामंत भी महाराष्ट्र कैडर से ताल्लुक रखते हैं. प्रशासनिक सेवा की व्यस्तताओं के बीच दोनों सीनियर आईपीएस अधिकारी देश की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा में अपना अहम योगदान दे रहे हैं.



Source link