40 लाख के नोटों से सजेगा मां गजलक्ष्मी का दरबार, 5100 लीटर दूध से होगा अभिषेक

40 लाख के नोटों से सजेगा मां गजलक्ष्मी का दरबार, 5100 लीटर दूध से होगा अभिषेक


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Ujjain News: इस साल दीवाली पर मां गजलक्ष्मी मंदिर को भव्य रूप देने के लिए करीब 40 लाख रुपये के नोटों से सजाया जाएगा. 20, 50, 100 और 200 रुपये के नोटों से मां का दरबार सजाया जाएगा. मंदिर के आसपास के व्यापारियों द्वारा अपने-अपने हिसाब से रुपये दिए जाते हैं, जिससे मंदिर को सजाया जा सके. दीवाली के अगले दिन उन पैसों को व्यापारियों को वापस कर दिया जाता है.

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दीवाली के अगले दिन पैसे व्यापारियों को लौटा दिए जाते हैं.

रिपोर्ट- अजय कुमार पटवा, उज्जैन. दीपावली पर धन की देवी मां लक्ष्मी की आराधना का विशेष महत्व है. धर्मनगरी उज्जैन में भी दीपावली को लेकर मां गजलक्ष्मी मंदिर में भव्य तैयारियां की जा रही हैं. नईपेठ स्थित करीब 2000 साल पुराने इस ऐतिहासिक मंदिर में इस बार 40 लाख रुपये के नोटों से मां का दरबार सजाया जाएगा. वहीं दीपावली पर 5100 लीटर दूध से विशेष अभिषेक होगा. धनतेरस से भाईदूज तक मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ेगी.

उज्जैन के नईपेठ स्थित मां गजलक्ष्मी मंदिर में दीपावली की तैयारियां शुरू हो गई हैं. सफेद ऐरावत हाथी पर विराजमान मां गजलक्ष्मी की दुर्लभ प्रतिमा भक्तों की विशेष आस्था का केंद्र है. धनतेरस से भाईदूज तक यहां श्रद्धालुओं का तांता लगा रहता है. इस बार दीपावली पर मंदिर को भव्य रूप देने के लिए करीब 40 लाख रुपये के नोटों से सजावट की जाएगी. 200, 100, 50 और 20 रुपये के नोटों से मां का दरबार सजाया जाएगा. मां को सोने के आभूषणों से भी अलंकृत किया गया है. मंदिर के आसपास के व्यापारियों द्वारा माता लक्ष्मी के मंदिर के लिए अपने-अपने हिसाब से रुपये दिए जाते हैं, जिससे मंदिर को सजाया जा सके. दीपावली के दूसरे दिन उन पैसों को व्यापारियों को लौटा दिया जाता है. माना जाता है कि ऐसा करने से उनके व्यापार में बरकत बनी रहती है. नोटों की सुरक्षा में सीसीटीवी कैमरे, पुलिस के जवान और मंदिर समिति के लोग लगे रहते हैं.

पीली कौड़ी और चावल का विशेष प्रसाद
मंदिर के पुजारी अवदेश शर्मा ने कहा कि मंदिर की परंपराओं के अनुसार धनतेरस पर श्रद्धालुओं को पीली कौड़ी और चावल का विशेष प्रसाद दिया जाता है. मान्यता है कि मां गजलक्ष्मी की आराधना से घर में सुख-समृद्धि और धन-धान्य की वृद्धि होती है. दीपावली के दिन सुबह 8 से 11 बजे तक विशेष पूजन और अभिषेक का आयोजन होगा. इस बार मां का 5100 लीटर दूध से अभिषेक किया जाएगा. इसके बाद मां को छप्पन भोग अर्पित किया जाएगा, जिसका प्रसाद अगले दिन श्रद्धालुओं में वितरित होगा.

मंदिर का ऐतिहासिक महत्व
मां गजलक्ष्मी मंदिर का इतिहास सम्राट राजा विक्रमादित्य से जुड़ा माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, राजा विक्रमादित्य ने अपनी तपस्या और साधना से मां गजलक्ष्मी का आह्वान किया था. मां लक्ष्मी सफेद ऐरावत हाथी पर विराजमान होकर प्रकट हुईं और राजा की प्रार्थना पर उज्जैन नगरी में सदा के लिए विराजमान होने का वरदान दिया. मान्यता है कि तभी से मां गजलक्ष्मी उज्जैन की राजलक्ष्मी के रूप में पूजित हैं. मंदिर में मां गजलक्ष्मी की समुद्री पाषाण से निर्मित दुर्लभ प्रतिमा स्थापित है. खास बात यह है कि सफेद हाथी पर विराजमान मां लक्ष्मी की ऐसी प्रतिमा देश में अद्वितीय मानी जाती है. मंदिर परिसर में भगवान विष्णु की दशावतार प्रतिमा और गरुड़ पर विराजमान लक्ष्मीनारायण की प्रतिमाएं भी स्थापित हैं. मंदिर का उल्लेख स्कंद पुराण में भी बताया जाता है.

महिलाओं को मिलेगा सिंदूर का प्रसाद
दीपावली के अगले दिन सुहाग पड़वा पर महिलाओं के लिए भी विशेष आयोजन होगा. इस अवसर पर महिलाओं को प्रसाद स्वरूप सिंदूर वितरित किया जाएगा. मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए करीब 100 लोगों की टीम तैनात रहेगी. वहीं सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से पूरे परिसर पर नजर रखी जाएगी. धनतेरस से भाईदूज तक मां गजलक्ष्मी के दरबार में आस्था और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिलेगा.



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