यूक्रेन पर परमाणु मिसाइल दागने रहा था रूस? रात में मोबाइल पर अलर्ट की सच्चाई
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यूक्रेन और रूस के इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम पर साइबर हमला हुआ, जिसके बाद लोगों के मोबाइल फोन पर परमाणु हमले और रेडिएशन के खतरे से जुड़े फर्जी संदेश भेजे गए. दोनों देशों के बीच ऐसा पहली बार नहीं हुआ है. लेकिन यहां सवाल है कि आखिर ये अलर्ट ऐप कैसे काम करते हैं, हैकर्स ने इनमें सेंध कैसे लगाई और इस तरह के फर्जी संदेश किसी देश में कितनी बड़ी दहशत पैदा कर सकते हैं?
मोबाइल पर अलर्ट
Ukraine Russia Cyber Attack: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध अब साइबर दुनिया में भी एक नया मोड़ लेता दिखाई दे रहा है. दोनों देशों के इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम पर साइबर हमला हुआ, जिसके बाद लोगों के मोबाइल फोन पर परमाणु हमले और रेडिएशन के खतरे से जुड़े फर्जी संदेश भेजे गए. दोनों देशों के बीच ऐसा पहली बार नहीं हुआ है. लेकिन यहां सवाल है कि आखिर ये अलर्ट ऐप कैसे काम करते हैं, हैकर्स ने इनमें सेंध कैसे लगाई और इस तरह के फर्जी संदेश किसी देश में कितनी बड़ी दहशत पैदा कर सकते हैं? इसका क्या खामियाजा भुगतना पड़ सकता है?
रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध सिर्फ मिसाइलों, ड्रोन और टैंकों तक सीमित नहीं है. अब इस संघर्ष में डिजिटल सिस्टम और साइबर हमले भी अहम हथियार बनते जा रहे हैं. हालिया घटनाक्रम में दोनों देशों के आपातकालीन चेतावनी सिस्टम को निशाना बनाया गया. इन सिस्टम के जरिए लोगों को हवाई हमले, मिसाइल हमले और दूसरे संभावित खतरों की जानकारी दी जाती है. लेकिन साइबर हमले के बाद इन्हीं सिस्टम से ऐसे मैसेज आए, जिनमें परमाणु हमले और रेडियोऐक्टिव खतरे की चेतावनी दी गई थी. इससे आम लोगों के बीच भ्रम और चिंता पैदा हुई. हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि परमाणु हमले या रेडिएशन से जुड़ा कोई असल खतरा नहीं था.
दरअसल 1 नवंबर 2026 की रात के समय यूक्रेन की राजधानी कीव समेत कई इलाकों में रात करीब 11 बजे करीब लोगों के मोबाइल फोन पर असामान्य अलर्ट आने शुरू हुए. ये अलर्ट यूक्रेन के आधिकारिक Air Alert App के जरिए भेजे गए थे. आमतौर पर इस ऐप का इस्तेमाल रूस की ओर से होने वाले मिसाइल और ड्रोन हमलों की वॉर्निंग देने के लिए किया जाता है. लेकिन इस बार लोगों को कुछ अलग ही तरह के संदेश मिले.
अलर्ट में कहा गया कि कीव में रेडिएशन का खतरा है. एक अन्य मैसेज में केमिकल अटैक की आशंका जताई गई और लोगों को घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी गई. सबसे चौंकाने वाला संदेश रूस की ओरेश्निक हाइपरसोनिक मिसाइल से जुड़ा था. इसमें दावा किया गया कि पूरे यूक्रेन में परमाणु हमले का अलर्ट जारी किया गया है और ओरेश्निक मिसाइल आ रही है. ओरेश्निक, रूस की ऐसी बैलिस्टिक मिसाइल है, जो परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है. इस वजह से मैसेज ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी.
यूक्रेन की एयरफोर्स ने जल्द ही टेलीग्राम के जरिए लोगों को बताया कि एयर अलर्ट ऐप के साथ दुश्मन की ओर से छेड़छाड़ की आशंका है. रेडिएशन का कोई भी खतरा नहीं है. लोगों से शांत रहने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करने की अपील की गई. कई लोगों ने इन मैसेज को देखकर घबराहट महसूस की, जबकि कई लोगों को तुरंत शक हो गया कि ऐप हैक हुआ है.
यूक्रेन में रूस के साथ युद्ध शुरू होने के बाद आम नागरिकों को समय रहते सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए Air Alert ऐप बेहद महत्वपूर्ण बन गया है. इस ऐप को 2022 में रूस के पूर्ण पैमाने पर हमले के बाद लॉन्च किया गया था. इसे यूक्रेन की टेक्नोलॉजी कंपनी Ajax Systems और Stfalcon ने डेवलप किया था. इसमें यूक्रेन के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन मंत्रालय का भी सहयोग रहा. इसका मकसद देश के अलग-अलग इलाकों में रहने वाले लोगों को मिसाइल, ड्रोन, केमिकल अटैक के खतरों की जानकारी देना है.
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