कौन थे वेद राही? नीना गुप्ता-कुणाल खेमू के सीरियल से बनाई घर-घर में पहचान, रच डाली थी 25 फिल्मों की कहानी

कौन थे वेद राही? नीना गुप्ता-कुणाल खेमू के सीरियल से बनाई घर-घर में पहचान, रच डाली थी 25 फिल्मों की कहानी


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दिग्गज लेखक वेद राही ने रविवार सुबह इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कह दिया. 93 साल की उम्र में उन्होंने अपनी अंतिम सांसें लीं. अब वो भले ही हमारे बीच मौजूद नहीं हैं लेकिन उनकी विरासत को साहित्य हमेशा संजो कर रखेगा. वेद राही ने अपने लंबे करियर में 25 फिल्मों की पटकथा लिखी लेकिन उन्हें असल पहचान सालों पहले आए सीरियल गुल गुलशन गुलफाम से मिली थी.

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वेद राही का रविवार को निधन हो गया.

नई दिल्ली. भारतीय साहित्य और मनोरंजन जगत ने अपना एक अनुभवी और प्रतिभाशाली रचनाकार खो दिया है. मशहूर लेखक, पटकथा लेखक और फिल्म निर्देशक वेद राही का 93 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. उनके जाने की खबर से साहित्यकारों, फिल्म जगत से जुड़े लोगों और उनके प्रशंसकों के बीच शोक का माहौल है. वेद राही ने 1 नवंबर को रविवार सुबह महाराष्ट्र के ठाणे जिले में स्थित अपने घर पर अंतिम सांस ली. दिग्गज लेखक ने अपने लंबे करियर में उन्होंने साहित्य से लेकर टेलीविजन और फिल्मों तक अपनी प्रतिभा का परिचय दिया.

वेद राही ने अपने दशकों लंबे करियर के दौरान कई किताबें लिखीं जिसने उन्में साहित्य की दुनिया में अमर बना दिया लेकिन एक सीरियल ऐसा रहा जिससे उन्हें घर-घर में पहचान मिली. वो दूरदर्शन का सीरियल ‘गुल गुलशन गुलफाम’ था . 1980 के दशक के आखिर और 1990 के दशक के दौर में लोकप्रिय हुए इस धारावाहिक ने कश्मीर की संस्कृति, वहां के लोगों की जिंदगी और आपसी रिश्तों को पर्दे पर खूबसूरती से पेश किया. इस सीरियल के निर्देशन से लेखक और फिल्ममेकर वेद राही को भी खास पहचान मिली.

‘गुल गुलशन गुलफाम’ से बने थे घर-घर का नाम

वेद राही के सीरियल ‘गुल गुलशन गुलफाम’ में परीक्षित साहनी ने मल्ला खालिक का किरदार निभाया था, जबकि राधा सेठ ने अजीज द्याद की भूमिका अदा की. इनके अलावा नीना गुप्ता, पंकज बेरी और कई स्थानीय कलाकार भी इसका हिस्सा थे. उस समय बाल कलाकार रहे कुणाल खेमू भी इस सीरियल में नजर आए थे. कुणाल खेमू ने इस सीरियल में अपनी मासूमियत से सबका दिल जीत लिया था.

‘गुल गुलशन गुलफाम’ से वेद राही को घर-घर में पहचान मिली थी. अपनी कलम से इस सीरियल के लिए उन्होंने कुछ ऐसे गीत लिखे थे जो आज भी लोगों के जहन में बसे हुए हैं. ‘गुल गुलशन गुलफाम’ ने कश्मीर से दूर रहने वाले लोगों को कश्मीर की संस्कृति और वहां के लोगों से वाकिफ कराया था.

वेद राही ने लिखी थी 25 फिल्में

वेद राही ने अपने लंबे करियर के दौरान 25 फिल्मों की कहानी लिखी थी. उन्होंने ‘ये रात फिर न आएगी’, ‘पवित्र पापी’, ‘आप आए बहार आई’, ‘पराया धन’, ‘बेईमान’, ‘मोम की गुड़िया’, ‘संन्यासी’, ‘चरस’, ‘बेजुबान’, ‘वीर सावरकर’ जैसी फिल्मों की पटकथा लिखी थी. इन फिल्मों में राखी गुलजार जैसे कलाकार नजर आए थे.



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