Gorakhpur-Siliguri Expressway: बिहार के इन 8 जिलों से गुजरेगा गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे, अब इसपर आया नया अपडेट


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Gorakhpur Siliguri Expressway: गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे पर होने वाले खर्च का नये सिरे से आकलन किया गया है. इसको लेकर तैयार संशोधित रिपोर्ट को शीघ्र ही सार्वजनिक निजी भागीदारी मूल्यांकन समिति यानी पीपीपी-एसी को भेजी जाएगी. पीपीपी-एसी के द्वारा सहमति प्राप्त होने के बाद इसे केंद्रीय कैबिनेट में मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. बता दें कि ये एक्सप्रेस -वे बिहार के 8 जिलों से गुजरेगा. इस पर नए अपडेट के साथ रुट और प्लान आगे विस्तार से जानिए.

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बिहार के इन 8 जिलों से गुजरेगा गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे, अब आया नया अपडेटZoom

बिहार के 8 जिलों से गुजरेगा गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे, 45 हजार करोड़ निर्माण पर होंगे खर्च

पटना. गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे की लागत का नए सिरे से आकलन किया गया है. अब इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब 73 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने संशोधित रिपोर्ट तैयार कर ली है, जिसे जल्द ही सार्वजनिक निजी भागीदारी मूल्यांकन समिति (PPPAC) के पास भेजा जाएगा. समिति की मंजूरी के बाद प्रस्ताव केंद्रीय कैबिनेट के पास जाएगा. इस एक्सप्रेस-वे का करीब 417 किलोमीटर हिस्सा बिहार से होकर गुजरेगा और राज्य के आठ जिलों को बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा.

गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे की लागत बढ़कर 73 हजार करोड़

बता दें कि गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे के निर्माण पर अब करीब 73 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है. पहले तैयार की गई रिपोर्ट में परियोजना की लागत कम आंकी गई थी. इसके बाद PPPAC की बैठक में प्राधिकरण से नए सिरे से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया था. इस बीच अब NHAI ने संशोधित रिपोर्ट तैयार कर ली है. इसे जल्द ही PPPAC के पास भेजा जाएगा. उम्मीद है कि इसी महीने समिति की बैठक में इस प्रस्ताव पर विचार होगा. समिति की सहमति मिलने के बाद इसे केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. जानकारी के अनुसार, परियोजना की कुल लागत में करीब 45 हजार करोड़ रुपये निर्माण पर खर्च होंगे. बाकी राशि जमीन अधिग्रहण और अन्य मदों के लिए रखी गई है. एक्सप्रेस-वे का निर्माण जन-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर किया जाना है.

गोरखपुर से शुरू होकर देवरिया के रास्ते बिहार में प्रवेश करेगा

गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे की शुरुआत उत्तर प्रदेश के गोरखपुर स्थित जगदीशपुर से होगी. यह देवरिया होते हुए बिहार में प्रवेश करेगा. करीब 568 किलोमीटर लंबी प्रस्तावित परियोजना का लगभग 417 किलोमीटर हिस्सा बिहार से होकर गुजरेगा. बिहार में यह एक्सप्रेस-वे पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज से होकर गुजरेगा. इसके निर्माण से उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के बीच सड़क संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है. साथ ही पूर्वोत्तर भारत की ओर जाने वाले यात्रियों और मालवाहक वाहनों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकती है.

जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पहले से शुरू

गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे के लिए बिहार में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है. पथ निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, PPPAC की मंजूरी मिलने के बाद अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी. केंद्र सरकार ने इस परियोजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक योजना में शामिल करने पर सहमति दी है. हालांकि, निर्माण शुरू होने की अंतिम समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं है. परियोजना की आगे की प्रक्रिया केंद्रीय मंजूरी और जमीन अधिग्रहण पर निर्भर करेगी.

चार लेन से छह लेन करने की मांग

बिहार सरकार ने गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे को चार लेन के बजाय छह लेन बनाने का अनुरोध किया है. राज्य सरकार का मानना है कि भविष्य में वाहनों की संख्या बढ़ने पर छह लेन का मार्ग ज्यादा उपयोगी होगा. हालांकि, इस प्रस्ताव पर अभी सहमति नहीं मिली है. बिहार सरकार ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से एक्सप्रेस-वे को लेकर औपचारिक अधिसूचना जारी करने का भी आग्रह किया है. परियोजना को अंतिम मंजूरी मिलने के बाद इसकी निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.



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