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Ayodhya News: अयोध्या राम मंदिर में इस बार दीपोत्सव बेहद भव्यता के साथ आयोजित किया जाएगा. इसके लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं. दीपोत्सव में कई देशों की विदेशी रामलीला का मंचन कराया जाएगा. इसके साथ ही विभिन्न देशों के राजदूतों को भी निमंत्रण दिया गया है.
अयोध्या: रामनगरी अयोध्या में दीपोत्सव को इस बार बेहद भव्य और दिव्य स्वरूप देने की तैयारी की जा रही है. दीपों की जगमगाहट, रामायण कालीन परंपराओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए पूरी अयोध्या त्रेतायुग जैसी नजर आएगी. इस बार दीपोत्सव में भारतीय संस्कृति के साथ-साथ विदेशी संस्कृति का भी अनोखा संगम देखने को मिलेगा. अलग-अलग देशों में प्रचलित रामलीला का मंचन आयोजन का प्रमुख आकर्षण बनेगा. इसके माध्यम से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भगवान श्रीराम के जीवन आदर्शों के साथ अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक परंपराओं से रूबरू होने का अवसर मिलेगा.
दीपोत्सव को यादगार बनाने के लिए जिला प्रशासन और संबंधित विभागों की ओर से तैयारियां तेज कर दी गई हैं. आयोजन में भारतीय संस्कृति, धार्मिक मान्यताओं और भगवान श्रीराम के आदर्शों को विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा. वहीं विदेशों में भगवान श्रीराम के प्रति आस्था और रामकथा की लोकप्रियता को दर्शाने के लिए विदेशी रामलीला दलों को भी आमंत्रित किया जा रहा है. इन देशों की रामलीला में वहां की पारंपरिक वेशभूषा, संगीत, नृत्य और अभिनय की विशेष झलक देखने को मिलेगी.
सांस्कृतिक परंपराओं को एक मंच पर लाने की कोशिश
खास बात यह है कि दीपोत्सव के दौरान विदेशी रामलीला कलाकारों के साथ-साथ विभिन्न देशों के राजनयिकों को भी आमंत्रित करने की तैयारी है. इससे अयोध्या के दीपोत्सव को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी. रामकथा के माध्यम से दुनिया के अलग-अलग देशों की सांस्कृतिक परंपराओं को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जाएगा. दीपों से सजे घाट, आकर्षक विद्युत सजावट, रामायण के प्रसंगों पर आधारित झांकियां और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजन की भव्यता को और बढ़ाएंगी.
विदेशी रामलीला का मंचन
जिलाधिकारी अयोध्या शशांक त्रिपाठी ने बताया कि इस बार दीपोत्सव बेहद भव्यता के साथ आयोजित किया जाएगा. इसके लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं. दीपोत्सव में कई देशों की विदेशी रामलीला का मंचन कराया जाएगा. इसके साथ ही विभिन्न देशों के राजदूतों को भी निमंत्रण दिया गया है. आयोजन के जरिए भारतीय संस्कृति और भगवान श्रीराम के आदर्शों को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा.
उन्होंने बताया कि दीपोत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को एक अलग अनुभव देने की तैयारी है. इस बार अयोध्या में धार्मिक आस्था, भारतीय परंपरा और अंतरराष्ट्रीय संस्कृति का ऐसा संगम देखने को मिलेगा, जो दीपोत्सव को और खास बनाएगा.