1-2 नहीं, छोड़ीं 5 सरकारी नौकरियां: बिहार के चंदन रेलवे में बनें सेक्शन इंजीनियर, पिता और भाइयों से मिली प्रेरणा

1-2 नहीं, छोड़ीं 5 सरकारी नौकरियां: बिहार के चंदन रेलवे में बनें सेक्शन इंजीनियर, पिता और भाइयों से मिली प्रेरणा


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Gaya Success Story: बिहार के गया जिले के चंदन कुमार ने बेहतर भविष्य के लिए पांच नौकरियां छोड़ी और आखिरकार रेलवे में सीनियर सेक्शन इंजीनियर के पद पर सफलता हासिल की. इसके पहले उनके भाई भी सरकारी नौकरी पर है. आइये जानते हैं उनकी सफलता के बारे में.

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गयाजी: जीवन में सफलता पाने के लिए मेहनत, लगन और दृढ़ संकल्प की जरूरत होती है. कई बार व्यक्ति को अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार प्रयास करते रहना चाहिए. ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी उस व्यक्ति की है, जिसने बेहतर भविष्य और अपने सपनों को पूरा करने के लिए एक-दो नहीं, बल्कि पांच नौकरियां छोड़ दीं और आखिरकार रेलवे में सीनियर सेक्शन इंजीनियर के प्रतिष्ठित पद पर अपनी जगह बनाई है. आइये जानते हैं गया जिले के इस व्यक्ति के बारे में.

यह कहानी है बिहार के गया जिले के बांके बाजार प्रखंड क्षेत्र के तिलैया गांव के रहने वाले चंदन कुमार की. चंदन कुमार फिलहाल मुगलसराय रेल डिवीजन में सीनियर सेक्शन इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं. इससे पहले इन्होंने इंटेलिजेंस ब्यूरो, लोको पायलट, बिजली विभाग के जूनियर इंजीनियर, डीआरडीओ तथा रेलवे के और कई नौकरियां छोड़कर इन्होंने सीनियर सेक्शन इंजीनियर के रूप में कार्य करने का फैसला किया. इनकी शुरुआती पढ़ाई गांव से हुई. मैट्रिक तक की पढ़ाई बांके बाजार से हुई, जबकि इंटरमीडिएट की पढ़ाई गया कॉलेज गया से पूरी की.

2 बड़े आई थे नौकरी पर

घर में शिक्षा का माहौल था और पिताजी के अलावा 2 बड़े भाई नौकरी में थे, इसलिए इनके सामने भी नौकरी लेने की चुनौती थी. इंटरमीडिएट करने के बाद इन्होंने डिप्लोमा में एडमिशन करा लिया, लेकिन भविष्य नहीं दिखने के कारण बीच में पढ़ाई छोड़कर अन्य सरकारी नौकरी की तैयारी करने लगे. हालांकि बाद मे इन्हें महसूस हुआ कि डिप्लोमा छोड़ना इनके लिए गलत निर्णय था. फिर इन्होने गया कॉलेज आफ इंजीनियरिंग से इलेक्ट्रिकल ब्रांच से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की.

5 नौकरी छोड़कर बनें सेक्शन इंजीनियर

क्योंकि इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी. इसलिए इंजीनियरिंग के क्षेत्र में नौकरी करने का निर्णय ले लिया था. इंजीनियरिंग पूरा करने के बाद इन्होंने कई विभाग में अप्लाई किया और नौकरी लगी. सबसे पहले रेलवे मेंटनर के पद पर चयन हुआ. उसके बाद लोको पायलट, डीआरडीओ, इंटेलिजेंस ब्यूरो फिर बिजली विभाग में जूनियर इंजीनियर में नौकरी लगी, लेकिन इन्होंने रेलवे विभाग में सीनियर सेक्शन इंजीनियर के तौर पर कार्य करने का निर्णय लिया.



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