हिंदू अपनी ही धरती पर दोबारा शरणार्थी नहीं बनेंगे, मतुआ समुदाय को मिलेगा CAA सर्टिफिकेट: सुवेंदु अधिकारी

हिंदू अपनी ही धरती पर दोबारा शरणार्थी नहीं बनेंगे, मतुआ समुदाय को मिलेगा CAA सर्टिफिकेट: सुवेंदु अधिकारी


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West Bengal Matua Community: सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि पिछली तृणमूल सरकार के दौरान सीमावर्ती जिलों के सुधारगृहों में बंद किए गए सभी मतुआ शरणार्थियों को सम्मानपूर्वक रिहा किया जाएगा. राज्य सरकार उन्हें बंगाल में जमीन और पक्का मकान मुहैया कराएगी.

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सुवेंदु अधिकारी ने मतुआ शरणार्थियों के कई ऐलान किए.

कोलकाता. मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 1 नवंबर को कहा कि पड़ोसी देश बांग्लादेश से पश्चिम बंगाल आ रहे मतुआ शरणार्थियों को आने वाले दिनों में रिहा कर दिया जाएगा और राज्य में जमीन व आवास भी उपलब्ध कराया जाएगा. जबकि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस की पिछली सरकार के दौरान उनको जेल में बंद किया गया था. उन्होंने यह भी वादा किया कि इन मतुआ शरणार्थियों को पहले नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के तहत नागरिकता दी जाएगी और उसके बाद उनके नाम मतदाता सूची में दर्ज किए जाएंगे.

मतुआ एक पिछड़ा वर्ग का हिंदू समुदाय है जो पूर्व पूर्वी पाकिस्तान या वर्तमान बांग्लादेश से आया है और स्वतंत्रता के बाद से समय-समय पर पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों में बस गया है. मुख्यमंत्री अधिकारी ने ये वादे उत्तरी 24 परगना जिले के बांगांव के ठाकुरनगर में मतुआ नेतृत्व के पैतृक घर ठाकुरबाड़ी में दूसरे अंतर्राष्ट्रीय मतुआ गोसाई सम्मेलन को संबोधित करते हुए किए.

मुख्यमंत्री ने कहा कि बांग्लादेश में हाल ही में हुए सत्ता परिवर्तन के बाद, वहां बसे हिंदू भाइयों में से कई मतुआ समुदाय के लोगों को भारी अत्याचारों का सामना करना पड़ा. फिर, पश्चिम बंगाल में, तृणमूल कांग्रेस की पिछली सरकार ने मतुआ समुदाय सहित कई हिंदू शरणार्थियों को चुनिंदा रूप से गिरफ्तार किया. 1 सितंबर, 2025 को हमारे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वादा किया था कि 31 दिसंबर, 2024 तक बांग्लादेश छोड़कर भारत में प्रवेश करने वालों को पुलिस द्वारा छुआ तक नहीं जाएगा.

इसके बाद, मुख्यमंत्री अधिकारी ने घोषणा की कि यदि कोई मतुआ शरणार्थी अभी भी उत्तर 24 परगना के सीमावर्ती बांगांव और बारासात तथा नादिया जिले के राणाघाट में स्थित किसी सुधारगृह में बिना मुकदमे के जेल में बंद हैं, तो उन्हें सम्मानपूर्वक रिहा किया जाएगा और उन्हें जमीन और मकान दिए जाएंगे.

मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में इस वर्ष 31 दिसंबर तक मतुआ समुदाय के लोगों को सीएए प्रमाणपत्र देने का भी वादा किया. इस अवसर पर बोलते हुए मुख्यमंत्री अधिकारी ने विपक्षी दलों और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के दोहरे मुद्दों पर सीजेपी के आंदोलन पर तीखा हमला किया. मुख्यमंत्री ने कहा कि देश और राज्य को अस्थिर करने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. हम उनके खिलाफ लड़ेंगे. हिंदू अपनी ही धरती पर दोबारा शरणार्थी नहीं बनेंगे.



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