रिलायंस का शेयर 1800 तक जाएगा! एक्सपर्ट देवेन चोकसी ने बताया कहां से आएगी इतनी बड़ी तेजी

रिलायंस का शेयर 1800 तक जाएगा! एक्सपर्ट देवेन चोकसी ने बताया कहां से आएगी इतनी बड़ी तेजी


Reliance Industries Share Target: रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर ने सोमवार को 11 फीसदी से ज्‍यादा की छलांग लगाई. लेकिन एक्‍सपर्ट का कहना है क‍ि यह तो स‍िर्फ सैम्‍पल है, असली तेजी तो अभी आनी बाकी है. DRChoksey Finserv के मैनेजिंग डायरेक्टर देवेन चोकसी ने रिलायंस के शेयर के लिए 1800 रुपये का टारगेट दिया है. उनके मुताबिक, मौजूदा स्तर से शेयर में करीब 55% तक की बढ़ोतरी हो सकती है. उन्‍होंने यहां तक कहा है क‍ि रफ्तार यही रही तो टारगेट इससे आगे भी जा सकता है. इसके पीछे उन्‍होंने रिलायंस के तेल और केमिकल कारोबार में मजबूत कमाई के साथ जियो प्लेटफॉर्म्स में कंपनी की हिस्सेदारी की बढ़ती वैल्यू को बताई है.

CNBC आवाज को दिए इंटरव्यू में देवेन चोकसी ने कहा कि रिलायंस के ऑयल-टू-केमिकल कारोबार को सितंबर तिमाही में डीजल की रिफाइनिंग से जबरदस्‍त फायदा मिला. यह मुनाफा दिसंबर तिमाही में भी जारी रह सकता है. यही वजह है कि रिलायंस के शेयर के लिए 1800 रुपये का टारगेट रखा गया है. शुक्रवार के बंद भाव के मुकाबले यह करीब 55% की संभावित तेजी दिखाता है, जबकि आज के बंद भाव के मुकाबले संभावित बढ़त 38% से ज्यादा बैठती है.

रिलायंस के तेल कारोबार से कैसे हो रही है कमाई?

देवेन चोकसी के मुताबिक, रिलायंस के रिफाइनिंग कारोबार में सितंबर तिमाही के दौरान एक अहम बदलाव देखने को मिला है. कंपनी ने अपने रिफाइनिंग और निर्यात कारोबार को अफ्रीका और यूरोप के बाजारों की ओर बढ़ाया है. उन्होंने बताया कि रिलायंस वेनेजुएला से कम कीमत पर कच्चा तेल खरीद रही है और उससे तैयार पेट्रोलियम उत्पादों को पश्चिमी देशों और अफ्रीकी बाजारों में बेच रही है. इससे कंपनी को बेहतर ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन का फायदा मिल रहा है.

यानी रिलायंस जितनी कम कीमत पर कच्चा तेल खरीदता है और उससे पेट्रोल, डीजल बनाकर ज‍िस कीमत पर बेचता है, उसके बीच का अंतर जबरदस्‍त है. यह ज‍ितना ज्‍यादा रहेगा,कंपनी को उतना ही ज्‍यादा फायदा होगा. चोकसी का मानना है कि कच्चे तेल की खरीद और तैयार उत्पादों के निर्यात से मिलने वाला यह फायदा दिसंबर तिमाही में भी जारी रह सकता है. उनका कहना है कि सितंबर तिमाही में रिलायंस के O2C कारोबार से मजबूत कमाई की उम्मीद थी और इसका असर कंपनी के नतीजों में भी दिखाई दिया.

रिलायंस के Q2 नतीजे कैसे रहे?

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में रिकॉर्ड 3.62 लाख करोड़ रुपये का रेवेन्यू दर्ज किया. कंपनी का EBITDA 62,409 करोड़ रुपये रहा. वहीं, नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 34% बढ़कर 29,550 करोड़ रुपये पहुंच गया. कंपनी के मजबूत नतीजों में O2C कारोबार का अहम योगदान रहा. देवेन चोकसी का मानना है कि रिफाइनिंग मार्जिन से मिलने वाला फायदा आगे भी कंपनी के प्रदर्शन को सहारा दे सकता है.

Jio की हिस्सेदारी से रिलायंस को कितना फायदा?

देवेन चोकसी ने रिलायंस इंडस्ट्रीज की वैल्यूएशन में जियो प्लेटफॉर्म्स की हिस्सेदारी को भी अहम बताया है. रिलायंस के पास जियो प्लेटफॉर्म्स की करीब 63% हिस्सेदारी है. चोकसी के मुताबिक, शेयर बाजार में लिस्टिंग के बाद जियो प्लेटफॉर्म्स का शेयर अपने इश्यू प्राइस से करीब 40% ऊपर कारोबार कर रहा है. इससे रिलायंस की हिस्सेदारी की कीमत भी बढ़ी है.

देवेन चोकसी के मुताबिक, मौजूदा स्तर पर जियो प्लेटफॉर्म्स में रिलायंस की हिस्सेदारी की वैल्यू रिलायंस के प्रत्येक शेयर के हिसाब से करीब 700 रुपये बैठती है. डिस्काउंट के आधार पर यह वैल्यू 700 से 800 रुपये प्रति शेयर के दायरे में हो सकती है. चोकसी का कहना है कि बाजार रिलायंस के दूसरे कारोबारों की वास्तविक वैल्यू को भी पूरी तरह शेयर की कीमत में शामिल नहीं कर रहा है. इसी वजह से उन्हें मौजूदा स्तर पर रिलायंस का शेयर अंडरवैल्यूड नजर आता है.

शेयर में तेजी की एक वजह शॉर्ट कवरिंग भी

देवेन चोकसी ने रिलायंस के शेयर में हालिया तेजी के पीछे तकनीकी कारणों का भी जिक्र किया. उनके मुताबिक, शेयर काफी समय तक एक सीमित दायरे में कारोबार कर रहा था. इसके बाद इसमें सुधार आया और कीमत करीब 1,150 रुपये तक फिसल गई. इस दौरान शेयर में कुछ निवेशकों ने शॉर्ट पोजीशन बना रखी थी. जब शेयर में तेजी शुरू हुई तो इन निवेशकों ने अपनी पोजीशन बंद करने के लिए शेयर खरीदे. इसे शॉर्ट कवरिंग कहा जाता है. इससे भी शेयर की तेजी को गति मिली.



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