धान की बालियों पर नेक ब्लास्ट का कहर! समय रहते नहीं किया उपचार, तो बर्बाद हो जाएगी फसल

धान की बालियों पर नेक ब्लास्ट का कहर! समय रहते नहीं किया उपचार, तो बर्बाद हो जाएगी फसल


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धान की बालियों पर नेक ब्लास्ट का कहर! समय रहते नहीं किया उपचार, तो बर्बाद…

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Paddy Crop Farming Tips: छत्तीसगढ़ में धान की फसल पर नेक ब्लास्ट यानी गले का झुलसा रोग किसानों की चिंता बढ़ा रहा है. कृषि विज्ञान केंद्र बालोद के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ केआर साहू के मुताबिक बाली के नीचे भूरे धब्बे और बालियों का झुकना इसके प्रमुख लक्षण हैं. समय पर उपचार नहीं करने पर 50 फीसदी तक फसल नुकसान की आशंका है.

बालोद. छत्तीसगढ़ में धान की फसल इस समय बाली बनने की अवस्था में है. ऐसे में किसानों के सामने धान में लगने वाले नेक ब्लास्ट यानी धान के गले में झुलसा रोग की समस्या चुनौती बनकर सामने आ रही है. इस रोग के कारण धान की बालियां प्रभावित होती हैं और उत्पादन में भारी गिरावट आने की आशंका रहती है. कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को समय रहते फसल की निगरानी करने और रोग के लक्षण दिखाई देने पर उचित उपचार करने की सलाह दी है. कृषि विज्ञान केंद्र बालोद के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ केआर साहू ने लोकल 18 को बताया कि नेक ब्लास्ट रोग में धान की बाली जिस स्थान से निकलती है, वहां भूरे रंग के धब्बे दिखाई देने लगते हैं. धीरे-धीरे यह हिस्सा प्रभावित होकर कमजोर हो जाता है. कई बार इसके कारण धान की बालियां झुक जाती हैं. इसी समस्या को नेक ब्लास्ट या धान के गले का झुलसा रोग कहा जाता है.

उन्होंने बताया कि इस रोग की रोकथाम के लिए किसान टेबुकोनाजोल और हेक्साकोनाजोल जैसे फफूंदनाशकों का उपयोग कर सकते हैं. इसके लिए एक ग्राम दवा प्रति लीटर पानी के अनुपात में मिलाकर छिड़काव करने की सलाह दी गई है. एक एकड़ फसल में कम से कम 150 लीटर पानी का उपयोग करने से पौधों पर दवा का बेहतर छिड़काव हो सकेगा. हालांकि दवा का चयन, मात्रा और छिड़काव संबंधित उत्पाद के लेबल और कृषि विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही करना चाहिए.

किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण समय
डॉ केआर साहू के मुताबिक, छत्तीसगढ़ में अभी भी कई धान की किस्मों में बाली निकलने और बनने की प्रक्रिया जारी है. ऐसे में किसानों के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण है. यदि इस अवस्था में नेक ब्लास्ट के लक्षणों की अनदेखी की जाती है और समय पर नियंत्रण नहीं किया जाता, तो फसल को 50 प्रतिशत तक नुकसान होने की आशंका हो सकती है.

किसानों के लिए जरूरी सलाह
धान की फसल का नियमित निरीक्षण करें. बाली के नीचे भूरे धब्बे, तने के ऊपरी हिस्से में कमजोरी या बालियों के झुकने जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत कृषि विशेषज्ञ से संपर्क करें. समय पर पहचान और सही उपचार से फसल को बड़े नुकसान से बचाया जा सकता है.



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