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Business Idea: रांची के रामगढ़ की रहने वाली सोनी धान की डंडी से भगवान गणेश, राम मंदिर और भगवान बिरसा मुंडा जैसे खूबसूरत चित्र बनाती हैं. आर्थिक तंगी के कारण शुरू हुआ यह शौक आज उनका सफल बिजनेस बन गया है. आज झारखंड सरकार के मंत्री में उनके ग्राहक हैं. आइये जानते हैं उनकी सफलता के बारे में.
रांची: झारखंड की राजधानी रांची से सटे रामगढ़ की रहने वाली सोनी धान की डंडी से बहुत ही खूबसूरत चित्रकला बनाती हैं. उन्होंने छोटी-छोटी डंडी से गणेश भगवान, राम मंदिर जैसे कई सारे खूबसूरत चित्र बना चुकुी हैं, जो दिखने में काफी अद्भुत लगते हैं. सोनी बताती हैं कि घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी. ऐसे में उन्होंने चित्रकला को बनाना शुरू किया. आइये जानते हैं उनकी सफलता के बारे में.
सोनी ने बताया कि आगे काफी स्ट्रगल था, तो यह शौक था, फिर इसी को उन्होंने बिजनेस बनाया और आज आलम यह है कि सरकार खुद किसी इवेंट के लिए थोक में ऑर्डर करती है और आज अच्छी खासी कमाई भी हो रही है. घर में मां, बहन और भाभी हैं, उन्हीं पर सबकी जिम्मेदारी है. जिंदगी ने एक ऐसी चुनौती दे दी है, जिसके बाद आज बाहर निकल कर यह काम कर रही हैं.
इस तरीके से बनाते हैं चित्रकला
सोनी बताती हैं कि चित्र बनाने के लिए सबसे पहले स्केच करना होता है, जिसका भी बनवाना है, उसका पहले बढ़िया से स्केच तैयार कर लेती हैं. इसके बाद जो धान की डंडी है. उसको कटिंग करना पड़ता.है छोटे-छोटे पीस में और फिर इसको गम की मदद से चिपकाना होता है. यह बहुत ही बारीकी से होता है और यह शौक उनका खुद का है, किसी ने उन्हें नहीं सिखाया है. वह खुद ही सीखी हैं. वह पिछले 4 सालों से यह कर रही हैं.
मंत्री तक हैं इनके कस्टमर
सोनी बताती है कि ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे ने पिछली बार अच्छी खासी रकम वाले एक पेंटिंग ली थी. इसके अलावा आम लोग भी हैं, जिनको जानकारी होती है. वह उनके घर से ही आकर ले जाते हैं. घर में ही सारा ऑर्डर मिल जाता है. कई बार तो ऑर्डर की पूर्ति नहीं हो पाती है. हमारे पास आपको गणेश भगवान, मां सरना, भगवान बिरसा मुंडा इन सारी चीजों की चित्रकला देखने को मिल जाएगी.
सोनी ने बताया कि झारखंड की संस्कृति काफी कम देखने को मिलती है. हमारे झारखंड में अद्भुत संस्कृति है और यहां पर धान बड़े पैमाने पर होता है, तो हमने सोचा क्यों ना, इसी से कुछ क्रिएटिव किया जाए और हमारी संस्कृति को भी बढ़ावा दिया जाए. ऐसे में यह एकदम नेचुरल और प्राकृतिक तरीके से कलाकृति बनाई जाती है.