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glenn maxwell 5 best innings: ऑस्ट्रेलिया के स्टार ऑलराउंडर ग्लेन मैक्सवेल ने इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है. 38 साल के मैक्सवेल ने ऑस्ट्रेलिया के लिए 7 टेस्ट, 149 वनडे और 130 टी20 मैच खेले. मैक्सवेल ने विस्फोटक बल्लेबाजी और मुश्किल से मुश्किल हालात में मैच का रुख पलटने की क्षमता से दुनियाभर में अपनी अलग पहचान बनाई. कभी एक पैर पर खड़े होकर दोहरा शतक जड़ना, तो कभी आखिरी ओवर में ताबड़तोड़ रन बनाकर टीम को जीत दिलाना, मैक्सवेल ने अपने करियर में कई ऐसी पारियां खेलीं जिन्हें क्रिकेट फैंस लंबे समय तक याद रखेंगे. हम उनकी ऐसी ही 5 पारियों के बारे में बताने जा रहे हैं
अफगानिस्तान के खिलाफ 201 रन (128 गेंद)
यह पारी मैक्सवेल ही नहीं, बल्कि वनडे क्रिकेट में खेली गई सबसे यादगार यादगार पारियों में से एक है. वनडे विश्व कप 2023 में अफगानिस्तान के खिलाफ 292 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया की टीम मुश्किल में थी. एक समय टीम ने 49 रन पर चार विकेट गंवा दिए थे और देखते ही देखते स्कोर 91 रन पर सात विकेट हो गया. ऑस्ट्रेलिया की हार लगभग तय नजर आ रही थी.
ऐसे मुश्किल समय में मैक्सवेल ने मोर्चा संभाला. बल्लेबाजी के दौरान उन्हें शरीर में तेज ऐंठन होने लगी. स्थिति यह बन गई कि वह ठीक से खड़े भी नहीं हो पा रहे थे. इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी. दर्द से कराहते हुए मैक्सवेल ने न सिर्फ दोहरा शतक ठोका बल्कि कप्तान पैट कमिंस के साथ आठवें विकेट के लिए नाबाद 202 रन की साझेदारी करके टीम को असंभव दिख रही जीत दिला दी. मैक्सवेल ने 128 गेंदों पर 201 रन बनाए, जिसमें 21 चौके और 10 छक्के शामिल थे. उनकी इस पारी की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने तीन विकेट से अविश्वसनीय जीत दर्ज की. मैक्सवेल वनडे क्रिकेट में दोहरा शतक लगाने वाले पहले ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज बने.
श्रीलंका के खिलाफ 145 रन (65 गेंद)
मैक्सवेल ने 2016 में श्रीलंका के खिलाफ पल्लेकेले टी20 में अपनी बल्लेबाजी का ऐसा तूफान दिखाया कि मेजबान टीम के खिलाड़ी दर्शकों की तरह देखते रह गए. पारी की शुरुआत करने उतरे मैक्सवेल ने पहली ही गेंद से अटैक करना शुरू कर दिया. उन्होंने मैदान के चारों तरफ चौके-छक्के बरसाते हुए महज 49 गेंदों में शतक ठोक दिया.
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मैक्सवेल शतक तक ही नहीं रुके, बल्कि, अगली 16 गेंदों में उन्होंने 40 से ज्यादा रन बनाकर अपनी पारी को 145 रन तक पहुंचाया. इस दौरान उनके बल्ले से 14 चौके और नौ छक्के निकले. उनकी इस विस्फोटक पारी के दम पर ऑस्ट्रेलिया ने तीन विकेट पर 263 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था. उस समय यह टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे बड़ा स्कोर भी था. उनकी इस पारी से ऑस्ट्रेलिया ने मैच भी अपने नाम किया.
भारत के खिलाफ 113 रन (55 गेंद)
भारत के खिलाफ 2019 में बेंगलुरु में खेली गई मैक्सवेल की यह पारी भी उनके करियर की खास उपलब्धियों में शामिल है. ऑस्ट्रेलिया को टी20 सीरीज जीतने के लिए 191 रन का लक्ष्य हासिल करना था. लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम की शुरुआत अच्छी नहीं रही और 22 रन पर दो विकेट गिर चुके थे.
इसके बाद क्रीज पर आए मैक्सवेल ने भारतीय गेंदबाजों पर हमला बोल दिया. उन्होंने अपनी 360 डिग्री बल्लेबाजी से मैदान के हर कोने में शॉट लगाए, जिनका भारतीय गेंदबाजों के पास कोई जवाब नहीं था. मैक्सवेल ने 55 गेंदों पर नाबाद 113 रन बनाए, जिसमें सात चौके और नौ छक्के शामिल थे. उनकी इस पारी की बदौलत ऑस्ट्रेलिया ने दो गेंद शेष रहते लक्ष्य हासिल कर लिया और भारत में टी20 सीरीज जीतने का खास मौका अपने नाम किया.
भारत के खिलाफ 104 रन (48 गेंद)
2016 की तरह ही 2023 में भी मैक्सवेल के बल्ले से भारत के खिलाफ एक जबरदस्त पारी देखने को मिली. गुवाहाटी में भारत के खिलाफ खेली गई मैक्सवेल की यह पारी इसलिए भी खास थी, क्योंकि यह उनका 100वां टी20 इंटरनेशनल मुकाबला था. भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए तीन विकेट पर 222 रन का विशाल स्कोर बनाया था. बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया की टीम को एक असाधारण पारी की जरूरत थी.
मैक्सवेल ने ये जिम्मेदारी बखूबी निभाई. उन्होंने भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी की और महज 47 गेंदों में अपना शतक पूरा कर लिया. उनकी पारी में आठ चौके और आठ छक्के शामिल थे. सबसे खास रहा मुकाबले का आखिरी ओवर, जिसमें ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए 21 रन चाहिए थे. मैक्सवेल ने आखिरी चार गेंदों पर चार बाउंड्री लगाकर ऑस्ट्रेलिया को एक रोमांचक जीत तक पहुंचा दिया.
इंग्लैंड के खिलाफ 108 रन (90 गेंद)
इंग्लैंड के खिलाफ 2020 में मैनचेस्टर में खेली गई मैक्सवेल की यह पारी दबाव में उनकी बल्लेबाजी का शानदार उदाहरण रही. वनडे सीरीज के निर्णायक मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को 303 रन का लक्ष्य मिला था, लेकिन लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम की हालत खराब हो गई और 73 रन पर पांच विकेट गिर गए. ऐसे में मैक्सवेल ने एलेक्स कैरी के साथ मिलकर पारी को संभाला.
दोनों बल्लेबाजों ने इंग्लैंड के तेज गेंदबाजों और स्पिनरों का डटकर सामना किया. मैक्सवेल ने 90 गेंदों पर 108 रन बनाए, जिसमें सात चौके और चार छक्के शामिल थे. दूसरी ओर कैरी ने भी 106 रन की शानदार पारी खेली. दोनों ने छठे विकेट के लिए 212 रन की साझेदारी की, जो उस समय वनडे क्रिकेट में छठे विकेट के लिए ऑस्ट्रेलिया की रिकॉर्ड साझेदारी थी. इस साझेदारी ने ऑस्ट्रेलिया को मुश्किल से निकालकर सीरीज में निर्णायक जीत दिलाई.