Opinion: रामलीला मैदान में अखिलेश यादव की गूंज, लखनऊ तक पहुंचेगी या रास्ते में ठहर जाएगी?

Opinion: रामलीला मैदान में अखिलेश यादव की गूंज, लखनऊ तक पहुंचेगी या रास्ते में ठहर जाएगी?


नई दिल्ली. दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर 2026 को INDIA गठबंधन की ‘वोट चोरी’ और चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आयोजित रैली में अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर निशाना साधा. उनके भाषण का एक चर्चित तंज था, ‘जो खुद को अंगद का पैर कहते थे, उनके पैरों तले जमीन नहीं बची.’ इस बयान को उन्होंने मौजूदा राजनीतिक हालात और सत्ता के दावों पर कटाक्ष के तौर पर पेश किया. 30 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी की राज्य कार्यसमिति की बैठक को संबोधित करते हुए देश के गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, ‘उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार ‘अंगद का पैर’ है, जिसे कोई हिला नहीं सकता.’

रविवार को दिल्ली के रामलीला मैदान में अखिलेश यादव ने पहले तो राज्य में एक करोड़ 27 लाख वोट कटने पर जोरादर तरीके से हमला बोला. उन्होंने तंज कसते हुए कहा, ‘अब भारतीय जनता पार्टी को भी लगने लगा है कि उनका वोट कटा है.. यूपी के 403 विधानसभा सीटों के हर सीट से 31 हजार वोट कटे हैं. जो लोग खुद को अंगद का अडिग पैर बताते थे, आज उनके पैरों तले की ज़मीन ही खिसक चुकी है. काशी की जनता ने उन्हें डबल ज़ीरो थमा दिया है. जो कभी डबल-इंजन सरकार की डिंगे हांकते थे, वे अब डबल हार के साथ डबल जीरो बन चुके हैं.’

अखिलेश यादव की बतकही, या 2027 का बड़ा प्लान?

अखिलेश यादव का इशारा हाल ही में वाराणसी और अन्य सीटों पर हुए विधान परिषद चुनावों के नतीजों की ओर था, जहां भाजपा को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा. अखिलेश यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण में हो रही धांधलियों को लेकर भाजपा पर सीधा हमला किया. अखिलेश ने कहा कि भाजपा को बखूबी अहसास हो चुका है कि वे जनता के बीच जाकर निष्पक्ष चुनाव नहीं जीत सकते, इसलिए उन्होंने चुनाव आयोग का इस्तेमाल कर साज़िशों का रास्ता चुना है. उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में करोड़ों जायज़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से काटे जा रहे हैं. उन्होंने यूपी के मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि MLC चुनाव हारने के बाद ही उन्हें 1.27 करोड़ वोट कम होने की बात याद आई.

यूपी चुनाव 2027 का बिगुल

अखिलेश यादव ने रामलीला मैदान को लोकतंत्र का हल्दीघाटी करार देते हुए 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का रोडमैप सामने रखा. उन्होंने कहा कि यूपी की जनता बदलाव के लिए तैयार बैठी है. ‘जो लोग कभी यूपी से दिल्ली आए थे, 2027 में यूपी की जनता उन्हें वापस बाहर का रास्ता दिखाएगी.’

2022 के चुनाव का जिक्र कर फिर लगाया वोट चोरी का आरोप

अखिलेश यादव ने 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय समाजवादी पार्टी के वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए थे. उन्होंने दावा किया कि पार्टी कार्यकर्ताओं ने बूथ स्तर पर ऐसे मामलों की जानकारी जुटाई और चुनाव आयोग को शपथपत्र के साथ शिकायतें दीं, लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा कि शिकायतें देने के बाद भी कार्रवाई क्यों नहीं हुई. अखिलेश का आरोप था कि चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी के मामलों को गंभीरता से नहीं लिया गया.

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बंगाल चुनाव और SIR पर भी साधा निशाना

अखिलेश ने पश्चिम बंगाल के चुनाव का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि वहां चुनाव से पहले विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के जरिए लाखों वोट कटवाए गए. उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती और वोटर लिस्ट में बदलाव से जुड़ी तस्वीरें लोग नहीं भूलेंगे. उनका आरोप था कि बीजेपी जनता के बीच चुनाव जीतने के बजाय चुनाव आयोग के रास्ते का इस्तेमाल कर रही है. अखिलेश ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में पीलीभीत और रामपुर में चुनावी अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं. रामपुर में उन्होंने मतदाताओं को कथित तौर पर धमकाने और मतदान से रोकने का आरोप लगाया.

कुलमिलाकर रामलीला मैदान में अखिलेश यादव ने मुख्य चुनाव आयुक्त का नाम लेते हुए चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में एक बड़ी कंपनी की भी भूमिका है. हालांकि, उन्होंने अपने भाषण में कंपनी के नाम और कथित भूमिका का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया अखिलेश यादव ने रामलीला मैदान का धार्मिक संदर्भ लेते हुए राम मंदिर से जुड़े चढ़ावे और चंदे का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने आरोप लगाया कि चंदा और चढ़ावा चोरी किया गया है. उन्होंने कहा कि रामलीला में पापियों के नाश की कथा दिखाई जाती है और इस बार भी पाप करने वालों का सर्वनाश होगा. अपने भाषण के अंत में उन्होंने कहा कि अलग-अलग दलों का समर्थन जुटा है और बीजेपी सरकार जल्द हट जाएगी. उन्होंने उम्मीद जताई कि जब लोग वोट डालेंगे तो बीजेपी का सफाया करने का काम करेंगे.



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