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Kota Action Against Adulterators: दिवाली पर मिठाइयों की मांग के बीच कोटा में मिलावटखोरों के खिलाफ पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. टीम ने सिंधी कॉलोनी इलाके की एक दुकान से करीब 20 क्विंटल संदिग्ध मिल्क केक और मावा सीज किया है. आशंका है कि इस सामग्री को त्योहार के दौरान ग्रामीण इलाकों में बेचने की तैयारी थी. पुलिस को दुकान में बड़ी मात्रा में संदिग्ध खाद्य सामग्री रखे होने की सूचना मिली थी. इसके बाद किशोरपुरा थाना पुलिस ने खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचकर जांच की. दुकान से दो अलग-अलग ब्रांड के 48 कार्टून मिले, जिनमें 1920 किलोग्राम मिल्क केक और मावा रखा था. खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने जांच के लिए छह नमूने लिए हैं. रिपोर्ट आने तक पूरी सामग्री सीज रहेगी. नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
दिवाली पर मिठाइयों की मांग के बीच कोटा में मिलावटखोरों के खिलाफ पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है
कोटा. दिवाली के त्योहार पर मिठाइयों की मांग बढ़ते ही मिलावटखोर भी सक्रिय हो गए हैं. लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर मोटा मुनाफा कमाने की तैयारी कर रहे ऐसे ही कारोबारियों के खिलाफ कोटा में पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है. टीम ने सिंधी कॉलोनी इलाके की एक दुकान से करीब 20 क्विंटल संदिग्ध मिल्क केक और मावा जब्त किया है. आशंका है कि इस सामग्री को दिवाली के दौरान ग्रामीण इलाकों में बेचने की तैयारी थी.
पुलिस को दुकान में बड़ी मात्रा में संदिग्ध खाद्य सामग्री रखे होने की सूचना मिली थी. इसके बाद किशोरपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को बुलाकर जांच कराई. दुकान में अलग-अलग पैकेट और कार्टून में रखे मिल्क केक और मावे को देखकर टीम भी हैरान रह गई. खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने सामग्री के अलग-अलग ब्रांड से छह नमूने लिए हैं. जांच रिपोर्ट आने तक पूरे माल को सीज कर दिया गया है.
सिंधी कॉलोनी की दुकान में मिला 1920 किलो माल
48 कार्टून में रखे थे मिल्क केक और मावा
किशोरपुरा थाना अधिकारी चेतन शर्मा ने बताया कि दुकान से दो अलग-अलग ब्रांड की सामग्री मिली है. कुल 48 कार्टून थे और प्रत्येक कार्टून में 16 डिब्बे रखे हुए थे. एक डिब्बे का वजन करीब ढाई किलोग्राम था. इस तरह कुल सामग्री का वजन लगभग 1920 किलोग्राम यानी करीब 20 क्विंटल निकला. खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने दोनों ब्रांड के नमूने लिए हैं. अलग-अलग ब्रांड और सामग्री के आधार पर कुल छह सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं. रिपोर्ट आने तक पूरी सामग्री को सीज कर दिया गया है.
रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई
थानाधिकारी चेतन शर्मा ने बताया कि जांच रिपोर्ट आने के बाद सामग्री की गुणवत्ता स्पष्ट होगी. यदि नमूने घटिया या खाद्य सुरक्षा मानकों के विपरीत पाए जाते हैं तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी. खराब पाए जाने पर सामग्री को नष्ट कराया जाएगा. पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई से दिवाली के दौरान बाजार में संदिग्ध मावा और मिल्क केक खपाने की कोशिश पर रोक लगी है. हालांकि, सामग्री कहां से लाई गई थी और इसे किन इलाकों में सप्लाई किया जाना था, इस संबंध में उपलब्ध जानकारी के आधार पर आगे की जांच की जा सकती है. फिलहाल छह नमूनों की रिपोर्ट का इंतजार है.