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France Doctor Couple Visit Ramdevra: फ्रांस के शार्ट शहर से आए डॉक्टर दंपति (डॉ. हार्ड और उनकी पत्नी डॉ. क्रिस्टो) ने जैसलमेर के रामदेवरा पहुंचकर बाबा रामदेव जी की समाधि के दर्शन किए. इंटरनेट पर बाबा के जीवन इतिहास और लक्खी मेले में जुटने वाली एक करोड़ श्रद्धालुओं की भीड़ के बारे में जानकर वे बेहद प्रभावित हुए थे. उन्होंने मंदिर में राजस्थानी परंपरा के अनुसार ध्वज और मखमली चादर चढ़ाकर पूजा-अर्चना की तथा परिवार की खुशहाली की कामना की.
फ्रांस से रामदेवरा पहुंचे डॉक्टर दंपति, बाबा रामदेव जी की समाधि पर चढ़ाई चादर
जैसलमेर: जैसलमेर जिले के प्रसिद्ध लोकतीर्थ रामदेवरा में बाबा रामदेव जी की महिमा और आस्था की गूंज अब सात समंदर पार तक सुनाई देने लगी है. इंटरनेट पर बाबा रामदेव जी के जीवन इतिहास और चमत्कारों के बारे में जानकारी मिलने के बाद फ्रांस से भारत आए एक डॉक्टर दंपति का रामदेवरा पहुंचकर बाबा की समाधि के दर्शन करने का सपना आखिरकार पूरा हो गया. फ्रांस के दंपति ने रामदेवरा स्थित मुख्य मंदिर पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना की और परिवार की खुशहाली की कामना की.
फ्रांस के शार्ट शहर के रहने वाले डॉक्टर hard (हार्ड) और उनकी पत्नी डॉक्टर Christophe/Christie (क्रिस्टो/क्रिस्टी) रविवार को रामदेवरा पहुंचे. मंदिर परिसर में उन्होंने स्थानीय राजस्थानी परंपरा के अनुसार हाथों में पंचरंगी ध्वजा ली और बाबा रामदेव जी की समाधि पर मखमली चादर चढ़ाकर विशेष पूजा-अर्चना की. डॉक्टर दंपति ने बाबा की पावन समाधि के सम्मुख शीश नवाकर अपने परिवार, मित्रों और विश्व कल्याण में खुशहाली की प्रार्थना की.
इंटरनेट और वार्षिक मेले से मिली प्रेरणा
फ्रांसीसी डॉक्टर दंपति ने बताया कि उन्होंने इंटरनेट के माध्यम से बाबा रामदेव जी के जीवन इतिहास, सामाजिक समरसता के संदेश और चमत्कारों के बारे में बहुत कुछ पढ़ा और देखा था. उन्हें जानकारी मिली कि हाल ही में आयोजित हुए बाबा रामदेव जी के लक्खी मेले में लगभग एक करोड़ श्रद्धालुओं ने शिरकत की थी. इतनी बड़ी संख्या में लोगों की अगाध श्रद्धा को देखकर उन्होंने मन बनाया कि जब भी वे भारत यात्रा पर जाएंगे, रामदेवरा जाकर बाबा के दर्शन जरूर करेंगे.
स्मृति के रूप में ले गए पूजा सामग्री और तस्वीरें
रामदेवरा प्रवास के दौरान डॉक्टर दंपति बाबा के प्रति गहरी आस्था और भक्ति से सराबोर नजर आए. उन्होंने इस यात्रा को यादगार बनाने के लिए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में कई तस्वीरें खींचीं. इसके साथ ही वे रामदेवरा के स्थानीय बाजार से पूजन सामग्री, बाबा का प्रतीक चिन्ह और अन्य स्मृति चिन्ह (यादगार वस्तुएं) खरीदकर अपने साथ फ्रांस ले गए. सात समंदर पार से आए इन विदेशी पर्यटकों की आस्था यह साबित करती है कि बाबा रामदेव जी का सांप्रदायिक सद्भाव और लोक कल्याण का संदेश सीमा पार भी लोगों को प्रेरित कर रहा है.