नई दिल्ली (CA Course Fees Total Cost). भारत में चार्टर्ड अकाउंटेंसी का कोर्स देश के सबसे प्रतिष्ठित और डिमांड वाले कोर्सेस में से एक है. हर साल लाखों युवा करियर की इस कठिन राह पर कदम रखते हैं. सीए न केवल देश की बड़ी-बड़ी कंपनियों के फाइनेंशियल मैनेजमेंट की कमान संभालते हैं, बल्कि सोसाइटी में भी उनका अलग रूतबा और सम्मान होता है. यही वजह है कि साइंस, कॉमर्स या ह्यूमैनिटीज- हर स्ट्रीम के बच्चे इस चैलेंजिंग फील्ड में किस्मत आजमाने के लिए बेताब रहते हैं.
CA Course Fees 2026: सीए कोर्स की कुल फीस कितनी है?
सीए कोर्स में 3 चरण होते हैं- सीए फाउंडेशन, सीए इंटरमीडिएट और सीए फाइनल. तीनों चरणों के लिए ICAI ने फीस के अलग-अलग नियम निर्धारित किए हैं. जानिए हर चरण की फीस:
सीए फाउंडेशन कोर्स की फीस
सीए की पहली सीढ़ी यानी ‘फाउंडेशन लेवल’ पर रजिस्ट्रेशन कराने के लिए इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) को बहुत मामूली फीस चुकानी होती है. सीए फाउंडेशन रजिस्ट्रेशन फीस लगभग 9,000 रुपये है. इस फीस में स्टडी मटीरियल की कॉस्ट भी शामिल है. इससे अलग से किताबें खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती. अगर कोई सीए परीक्षा में फेल हो जाता है और दोबारा फॉर्म भरता है तो उसे केवल परीक्षा शुल्क अलग से देना होता है. यह लगभग 1,500 से 2,000 रुपये के आस-पास होता है.
सीए इंटरमीडिएट कोर्स की फीस
सीए फाउंडेशन पास करने के बाद अगला पड़ाव ‘इंटरमीडिएट’ का आता है. यह थोड़ा विस्तृत होता है. अगर दोनों ग्रुप्स के लिए एक साथ रजिस्ट्रेशन कराते हैं तो आईसीएआई की आधिकारिक फीस लगभग 18,000 से 20,000 रुपये के बीच होती है. इसमें भी रजिस्ट्रेशन फीस और स्टडी मटीरियल का खर्च शामिल है. हालांकि, ज्यादातर स्टूडेंट्स सीए परीक्षा की तैयारी को बेहतर बनाने के लिए कोचिंग क्लासेज का सहारा लेते हैं. इसका खर्च अलग से 30,000 से 60,000 रुपये तक हो सकता है.
सीए फाइनल कोर्स की फीस
सीए फाइनल परीक्षा चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने के सफर का सबसे अंतिम और सबसे अहम पड़ाव होता है. सीए फाइनल के दोनों ग्रुप्स के लिए आईसीएआई की रजिस्ट्रेशन फीस लगभग 22,000 से 25,000 रुपये तक होती है. इस स्तर पर छात्र आर्टिकलशिप (प्रैक्टिकल ट्रेनिंग) भी कर रहे होते हैं. इससे उन्हें स्टाइपेंड (वेतन) मिलने लगता है. इस तरह वे अपनी पढ़ाई का खर्च खुद उठाने के काफी करीब आ जाते हैं. सीए फाइनल परीक्षा का फॉर्म भरने की फीस अलग से देनी होती है.
कोचिंग, किताबें और अन्य खर्च
अगर केवल आईसीएआई की ऑफिशियल रजिस्ट्रेशन और एग्जाम फीस की बात करें तो तीनों स्तरों को मिलाकर यह खर्च करीब 50,000 से 60,000 रुपये के अंदर सिमट जाता है. लेकिन असल लागत बाहर रहकर पढ़ाई करने, ऑनलाइन कोचिंग लेने और मॉक टेस्ट सीरीज जॉइन करने पर बढ़ती है. इन सभी अतिरिक्त खर्चों को मिला लिया जाए तो 3 से 5 साल के इस सफर में कुल खर्च 1.5 लाख से 3 लाख रुपये तक पहुंच सकता है. यह एमबीए या इंजीनियरिंग के मुकाबले बेहद कम है.