Religious Place: राजस्थान की इस नगरी में हुआ था विष्णु-महालक्ष्मी का विवाह, पुरानी काशी से जुड़ी है मान्यता

Religious Place: राजस्थान की इस नगरी में हुआ था विष्णु-महालक्ष्मी का विवाह, पुरानी काशी से जुड़ी है मान्यता


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महालक्ष्मी ने बसाया था यह शहर, विष्णु मंदिर से जुड़ी है विवाह की कथा

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Jalore Bhinmal History: जालोर की भीनमाल नगरी में भगवान विष्णु का एक प्राचीन मंदिर धार्मिक आस्था और पौराणिक मान्यताओं का केंद्र है. स्थानीय लोगों के बीच मान्यता है कि इसी स्थान पर भगवान विष्णु और महालक्ष्मी का विवाह हुआ था. मंदिर के पुजारी महादेव बोहरा बताते हैं कि इस स्थान को ब्रह्म स्थल और पुरानी काशी भी कहा जाता है. प्राचीन काल में भीनमाल का नाम श्रीमाल था और इसकी पहचान महालक्ष्मी से जुड़ी मान्यताओं के कारण भी रही है. कहा जाता है कि महालक्ष्मी ने इस नगर को बसाया था. श्रीमाल नाम से जुड़ाव के चलते श्रीमाली ब्राह्मण, जैन और सोनी समाज के लिए भी यह स्थान विशेष महत्व रखता है. राजस्थान के अलावा गुजरात और महाराष्ट्र सहित देश के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले श्रीमाली समाज के लोग भी इस धार्मिक विरासत से जुड़े हुए हैं.

जालौर. पश्चिमी राजस्थान के जालोर जिले की ऐतिहासिक नगरी भीनमाल अपने प्राचीन इतिहास के साथ धार्मिक और पौराणिक मान्यताओं के लिए भी खास पहचान रखती है. शहर को प्राचीन समय में श्रीमाल के नाम से जाना जाता था. आज भी यहां मौजूद मंदिर और उनसे जुड़ी मान्यताएं इस नगरी के पुराने वैभव और धार्मिक महत्व की कहानी बताती है. भीनमाल में स्थित भगवान विष्णु का यह प्राचीन मंदिर स्थानीय लोगों के लिए आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है.

मान्यता है कि इसी स्थान पर भगवान विष्णु और महालक्ष्मी का विवाह हुआ था. इसी वजह से यह स्थान विष्णु और महालक्ष्मी की कथा से विशेष रूप से जुड़ा माना जाता है. मंदिर के पुजारी महादेव बोहरा ने लोकल18 को जानकारी देते हुए बताया कि यहा भगवान विष्णु का मंदिर है. विष्णु भगवान महालक्ष्मी के पति हैं. इस स्थान को ब्रह्म स्थल भी कहा जाता है और इसे पुरानी काशी के नाम से भी जाना जाता है.

श्रीमाल के नाम से जाना जाता था शहर

पहले के समय में इस शहर को श्रीमाल के नाम से जाना जाता था. मान्यता है कि भगवान विष्णु और महालक्ष्मी का विवाह भी यहीं हुआ था. भीनमाल की पहचान केवल एक पुराने शहर के तौर पर नहीं है, यहां की धार्मिक परंपराएं इसे अलग महत्व देती है. स्थानीय मान्यता के अनुसार महालक्ष्मी ने इस नगर को बसाया था. इसी कारण भीनमाल को समृद्धि और सौभाग्य से जोड़कर देखा जाता है. यहां रहने वाले कई लोग इस मान्यता को अपनी नगरी की विशेष पहचान मानते हैं.

इन समाजों के लिए भीनमाल विशेष महत्व रखता है

श्रीमाल नाम से जुड़ी पहचान के कारण श्रीमाली ब्राह्मण, जैन और सोनी समाज के लिए भी भीनमाल का विशेष महत्व है. इन समुदायों में महालक्ष्मी को कुलदेवी के रूप में पूजा जाता है. राजस्थान के अलावा गुजरात, महाराष्ट्र और देश के अन्य जगहो पर भी में रहने वाले श्रीमाली समाज के लोग भी अपनी इस धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत से जुड़े हुए हैं. भगवान विष्णु और महालक्ष्मी के विवाह से जुड़ी मान्यता, महालक्ष्मी द्वारा नगर बसाए जाने की स्थानीय कथा और श्रीमाल के रूप में इसकी ऐतिहासिक पहचान भी है.



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