अमेठी: किसानों की मेहनत सफल तब होती है, जब खेतों में तैयार हुई फसल अच्छी तरह घर पहुंच जाए. लेकिन अमेठी में भारत के अन्नदाता कहे जाने वाले किसान इन दिनों संकट में हैं. अचानक आए अर्नब तूफान, तेज हवाओं और बेमौसम बारिश ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है. जिस धान की पकी फसल को देखकर किसान खुशी से झूम रहे थे, वही फसल प्राकृतिक आपदा के कारण खराब होकर उनके दुख का कारण बन गई है. किसान परेशान होकर सरकार और प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं. वहीं, जिम्मेदार अधिकारियों का कहना है कि फसल के नुकसान का आकलन कराकर किसानों को राहत प्रदान की जाएगी.
खेतों में गिर गई पकी धान की फसल, किसानों की मेहनत पर फिरा पानी
ये तस्वीरें अमेठी जिले के किसानों के खेतों की हैं, जहां आप खुद देख सकते हैं कि कहीं धान की खड़ी फसल गिरकर तबाह हो गई है, तो कहीं कटी हुई फसल पानी में भीग रही है. किसानों ने फसल काटकर उसकी मड़ाई कर घर ले जाने की तैयारी की थी, लेकिन बारिश के कारण फसल बुरी तरह भीग गई है और अब उसके सड़ने का खतरा बना हुआ है. इस पूरी समस्या से किसान बेहद दुखी हैं, क्योंकि उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया है.
किसानों ने सुनाई अपनी परेशानी, सरकार से मांगा मुआवजा
लोकल 18 ने किसानों के खेतों में जाकर और प्रभावित किसानों से बातचीत की. किसान रामदयाल यादव ने बताया कि बारिश और चक्रवात से काफी नुकसान हुआ है. उनकी मेहनत बर्बाद हो गई है. कुछ फसल गिरकर खराब हो गई है, तो कुछ के जमीन पर ही जमने का खतरा है. उन्होंने सरकार से मुआवजा मिलने की उम्मीद जताई.
वहीं, एक अन्य किसान मोहम्मद अमीन ने बताया कि इस चक्रवात से बहुत बड़ा नुकसान हुआ है. फसल खेतों में चिपक गई है और उसमें सीलन आ गई है. इससे धान की कटाई प्रभावित होगी. मशीन से धान की कटाई कराने पर भी नुकसान होने की आशंका है.
रामफेर यादव बोले- धान की पूरी फसल हो गई बर्बाद
एक अन्य किसान रामफेर यादव ने बताया कि बारिश से काफी नुकसान हुआ है. धान की फसल पूरी तरह खराब हो गई है और खेतों में पानी भर गया है. इस साल की पूरी मेहनत बर्बाद हो गई. उन्होंने कहा कि सरकार मुआवजा दे देगी तो ठीक है, नहीं देगी तो भी ठीक है, लेकिन अब उनकी परेशानी बढ़ गई है. किसानों की समस्या सुनने वाला कोई नहीं है.
सर्वे के बाद प्रभावित किसानों को दी जाएगी राहत सहायता
लोकल 18 से बातचीत करते हुए अमेठी के जिला कृषि अधिकारी देवेंद्र सिंह निरंजन ने बताया कि अचानक आए तूफान, चक्रवात और बारिश से जिन किसानों की फसल प्रभावित हुई है, उसका सर्वे कराया जा रहा है. कृषि विभाग, राजस्व विभाग और बीमा कंपनियों की ओर से नुकसान का आकलन किया जा रहा है. उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि किसी भी किसान को चिंता करने की जरूरत नहीं है. सर्वे पूरा होने के बाद फसल में हुए नुकसान के अनुसार प्रभावित किसानों को राहत सहायता दी जाएगी.