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Ganga Expressway : अमरोहा के लोगों के लिए अच्छी खबर है. अब हरिद्वार जाने के लिए लंबा सफर तय करने की परेशानी कम होने वाली है. अमरोहा-हरिद्वार गंगा एक्सप्रेसवे की तैयारियां तेज हो गई हैं. करीब 116.85 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का 44 किलोमीटर हिस्सा अमरोहा से गुजरेगा. इसके लिए जिले के 52 गांवों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी.
वंबर में गंगा एक्सप्रेसवे के लिए शुरू हो सकते हैं बैनामे. (ai image)
हरिद्वार: अमरोहा के लोगों के लिए हरिद्वार का सफर आने वाले दिनों में आसान होने वाला है. अमरोहा-हरिद्वार गंगा एक्सप्रेसवे को जमीन पर उतारने की तैयारियां तेज हो गई हैं. इस परियोजना से न सिर्फ अमरोहा से हरिद्वार की दूरी और यात्रा का समय कम होगा, बल्कि जिले के 52 गांवों की तस्वीर भी बदलने की उम्मीद है. फिलहाल प्रशासन जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को अंतिम रूप देने में जुटा है. राजस्व विभाग की टीमें गांव-गांव पहुंचकर जमीन के कागजात और किसानों के स्वामित्व का सत्यापन कर रही हैं. उम्मीद है कि नवंबर से किसानों की जमीन के बैनामे शुरू हो जाएंगे.
44 किलोमीटर अमरोहा से गुजरेगा एक्सप्रेसवे
प्रस्तावित अमरोहा-हरिद्वार गंगा एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 116.85 किलोमीटर होगी. इसमें करीब 44 किलोमीटर हिस्सा अमरोहा जिले से होकर गुजरेगा. यह एक्सप्रेसवे प्रयागराज-मेरठ गंगा एक्सप्रेसवे के मंगरौला टी-प्वाइंट से जुड़कर हरिद्वार तक पहुंचेगा. इससे जिले के लोगों को हरिद्वार जाने के लिए बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी. धार्मिक यात्रा करने वालों के साथ ही व्यापार और कारोबार से जुड़े लोगों को भी इसका फायदा मिलने की उम्मीद है.
52 गांवों के किसानों की जमीन होगी अधिग्रहित
इस परियोजना के लिए हसनपुर और धनौरा तहसील के 52 गांवों को चिह्नित किया गया है. इनमें हसनपुर तहसील के 17 और धनौरा तहसील के 35 गांव शामिल हैं. प्रशासन की ओर से सर्वे पूरा कराया जा चुका है और सर्किल रेट भी लागू कर दिया गया है. अब जमीनों की गाटा संख्या का सत्यापन किया जा रहा है, ताकि मुआवजे और बैनामे की प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न आए. करीब 150 किसान अपनी सहमति भी दे चुके हैं.
नवंबर में शुरू हो सकते हैं बैनामे
विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी करमेंद्र सिंह के मुताबिक, राजस्व विभाग जमीन के अभिलेखों और गाटा संख्याओं का मिलान कर रहा है. सत्यापन पूरा होने के बाद कमिश्नर से अनुमोदन लिया जाएगा. इसके बाद किसानों से बैनामे कराने की प्रक्रिया शुरू होगी. प्रशासन को उम्मीद है कि नवंबर में यह काम शुरू हो सकता है.
उद्योग, व्यापार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
एक्सप्रेसवे बनने का फायदा सिर्फ सफर आसान होने तक सीमित नहीं रहेगा. बेहतर सड़क कनेक्टिविटी से अमरोहा में उद्योग लगाने और निवेश करने के रास्ते भी खुल सकते हैं. स्थानीय कारोबारियों को माल की आवाजाही में सुविधा मिलेगी. वहीं हरिद्वार आने-जाने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए भी यात्रा पहले से सुगम हो सकेगी. जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ के मुताबिक, परियोजना पर काम तेजी से चल रहा है और जल्द ही किसानों से बैनामे शुरू कराए जाएंगे. इससे जिले के लोगों को काफी फायदा मिलेगा.