बिहार के बाद अब यूपी में सियासी जमीन तलाशेंगे निशांत कुमार, बीजेपी के साथ चुनाव लड़ने की तैयारी

बिहार के बाद अब यूपी में सियासी जमीन तलाशेंगे निशांत कुमार, बीजेपी के साथ चुनाव लड़ने की तैयारी


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Nitish Kumar JDU Mission UP: बिहार में संगठन को मजबूत करने के बाद अब जनता दल यूनाइटेड की नजर उत्तर प्रदेश पर है. पार्टी के संगठन विस्तार और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार उत्तर प्रदेश जा रहे हैं. वहां वह पार्टी कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे. इसके साथ ही बिहार विधान परिषद चुनाव के नतीजों की भी समीक्षा की जाएगी. पूरी खबर विस्तार से आगे पढ़िए.

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निशांत कुमार का मिशन यूपी, वाराणसी से करेंगे शुरुआत

पटना. बिहार की राजनीति में अपनी भूमिका बढ़ाने के बाद अब नीतीश कुमार के बेटे और जेडीयू नेता निशांत कुमार की नजर बिहार से बाहर पार्टी का संगठन मजबूत करने पर है. इसकी शुरुआत उत्तर प्रदेश के वाराणसी से होने जा रही है. एक नवंबर को वहां जेडीयू का प्रदेशस्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन होगा, जिसमें निशांत कुमार शामिल होंगे. पार्टी इसे उत्तर प्रदेश में संगठन विस्तार की दिशा में अहम कदम मान रही है. बताया जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव में एनडीए के घटक दल के रूप में उतरने की कोशिश भी जेडीयू की रणनीति का हिस्सा है. माना जा रहा है कि जेडीयू इस कोशिश में है कि उत्तर प्रदेश में संगठन का विस्तार हो और आगामी विधानसभा चुनाव में एनडीए के घटक दल के रूप में चुनाव मैदान में उतरा जाए.

दरअसल, उत्तर प्रदेश के पार्टी कार्यकर्ता लंबे समय से निशांत कुमार के साथ बैठक की मांग कर रहे थे. इसी मांग पर वह वाराणसी जा रहे हैं. जेडीयू के वरिष्ठ नेता और बिहार सरकार में मंत्री श्रवण कुमार ने सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा की है. पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई के पदाधिकारी भी आयोजन की तैयारी में जुटे हैं. इस सम्मेलन में प्रदेश के अलग-अलग जिलों के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के शामिल होने की उम्मीद है.

कार्यकर्ताओं की मांग पर वाराणसी जा रहे निशांत

निशांत कुमार ने भी अपने दौरे को लेकर कहा है कि पार्टी की कोशिश संगठन का विस्तार करने की है. जेडीयू पहले भी दूसरे राज्यों में चुनाव लड़ती रही है. इस बार भी उत्तर प्रदेश में एनडीए के घटक दल के रूप में चुनाव लड़ने का प्रयास किया जाएगा. हालांकि, बीजेपी के साथ सीटों के बंटवारे या गठबंधन को लेकर अभी कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है.

2027 के चुनाव से पहले संगठन मजबूत करने की कोशिश

बता दें कि उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं. इससे पहले जेडीयू अपनी राजनीतिक मौजूदगी बढ़ाना चाहती है. पार्टी को उम्मीद है कि बिहार में नीतीश कुमार के नाम और निशांत कुमार की सक्रियता का फायदा उत्तर प्रदेश में संगठन को मिल सकता है. निशांत के साथ बिहार के कई वरिष्ठ नेताओं के भी इस अभियान में शामिल होने की संभावना है. यह दौरा निशांत कुमार के लिए भी महत्वपूर्ण है. बिहार के बाहर किसी राज्य में पार्टी के संगठनात्मक कार्यक्रम में उनकी यह पहली बड़ी राजनीतिक भागीदारी होगी. ऐसे में इस सम्मेलन के जरिए उनकी भूमिका और पार्टी की आगे की रणनीति पर भी नजर रहेगी.

यूपी में जेडीयू का चुनावी रिकॉर्ड कैसा रहा है?

उत्तर प्रदेश में जेडीयू का चुनावी प्रदर्शन अब तक सीमित रहा है. वर्ष 2002 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने 16 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे और दो सीटों पर जीत दर्ज की थी. 2007 में 16 सीटों पर चुनाव लड़कर एक सीट जीती. 2012 में पार्टी ने 219 सीटों पर उम्मीदवार उतारे, लेकिन एक भी सीट नहीं जीत सकी. 2017 में जेडीयू ने चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया था.
इस बार पार्टी की नजर एनडीए के साथ चुनाव लड़ने पर है. अगर बीजेपी के साथ सीटों को लेकर सहमति बनती है तो जेडीयू को उत्तर प्रदेश में चुनाव लड़ने का मौका मिल सकता है.

निशांत के सामने संगठन विस्तार की चुनौती

बता दें कि बिहार में जेडीयू का मजबूत संगठन है, लेकिन उत्तर प्रदेश में पार्टी को अभी अपनी राजनीतिक जमीन तैयार करनी है. ऐसे में वाराणसी का सम्मेलन केवल कार्यकर्ताओं की बैठक नहीं, बल्कि आगामी चुनाव से पहले संगठन की ताकत परखने का अवसर भी होगा. अब देखना होगा कि निशांत कुमार की अगुवाई में शुरू हो रहा यह अभियान उत्तर प्रदेश में जेडीयू को कितनी मजबूती दे पाता है.



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