दोस्ती की आड़ में दगाबाजी, दोस्त ने ही कराई दो लाख की लूट, पुलिस मुठभेड़ में तीन बदमाश गिरफ्तार

दोस्ती की आड़ में दगाबाजी, दोस्त ने ही कराई दो लाख की लूट, पुलिस मुठभेड़ में तीन बदमाश गिरफ्तार


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Bareilly Latest News: बरेली में दोस्ती के भरोसे को शर्मसार करने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है. यहां तीन युवकों ने महज अपने खर्चे पूरे करने के लिए लूट की साजिश रच डाली. दोस्त ने बैंक से रकम निकालने की खबर अपने साथियों तक पहुंचाई और फिर रास्ते में हथियारों के दम पर दो लाख रुपये लूट लिए. हालांकि, पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया.

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पकड़ा गया आरोपी.

बरेली: यूपी के बरेली में दोस्ती के भरोसे का कत्ल कर दो लाख रुपये की लूट को अंजाम देने वाले तीन शातिर युवकों का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है. महज खर्चे के लिए पैसों की जरूरत ने तीन दोस्तों को लुटेरा बना दिया. पहले दोस्ती का भरोसा जीता, फिर बैंक से रकम निकलवाने की जानकारी साथियों तक पहुंचाई और उसके बाद हथियारों के दम पर लूट की वारदात को अंजाम दे दिया. लेकिन पुलिस की घेराबंदी के दौरान बदमाशों ने फायरिंग कर दी. जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश के पैर में गोली लगी, जबकि एक सिपाही भी घायल हो गया.

दरअसल, भोजीपुरा इलाके के रहने वाले ओवैस 30 अक्टूबर को बैंक से दो लाख रुपये निकालकर घर लौट रहे थे. सुरक्षा के लिहाज से उन्होंने अपने दोस्त मोनिश अली को भी साथ ले लिया. लेकिन उन्हें जरा भी अंदाजा नहीं था कि जिस दोस्त पर वह भरोसा कर रहे हैं, वही उनकी रकम लुटवाने की साजिश रच चुका है. मोनिश ने बैंक से रुपये निकालने की जानकारी अपने साथी एहसान अली और विनीत गंगवार को दे दी. इसके बाद एहसान और विनीत ने रास्ते में अवैध हथियारों के बल पर ओवैस को रोक लिया और दो लाख रुपये लूटकर फरार हो गए.

वारदात की शिकायत मिलते ही भोजीपुरा पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई. मन्हेरा पुलिया के पास पुलिस ने घेराबंदी की तो बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एहसान अली के पैर में गोली लग गई, जबकि सिपाही अंकित भी गोली लगने से घायल हो गए. पुलिस ने घायल एहसान के साथ मोनिश अली और विनीत गंगवार को भी गिरफ्तार कर लिया. तीनों आरोपियों की उम्र महज 20 से 21 साल बताई जा रही है. पुलिस ने उनके कब्जे से लूटे गए दो लाख रुपये भी बरामद कर लिए हैं.

इस पूरी वारदात में सबसे चौंकाने वाली बात दोस्ती के भरोसे के साथ हुई गद्दारी है. ओवैस जिसे अपनी सुरक्षा के लिए साथ लेकर गया था, वही मोनिश इस लूट की साजिश में शामिल निकला. पुलिस के मुताबिक, तीनों आरोपियों को अपने खर्चे पूरे करने के लिए पैसों की जरूरत थी. इसी लालच में उन्होंने लूट की योजना बनाई और दोस्त के भरोसे को ही हथियार बना लिया.

फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लूट की गुत्थी सुलझा ली है. मुठभेड़ में घायल बदमाश एहसान अली और सिपाही अंकित को इलाज के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है. पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक नेटवर्क और दूसरी वारदातों में उनकी संलिप्तता की भी जांच कर रही है. बरेली की इस वारदात ने एक बार फिर साबित कर दिया कि कभी-कभी सबसे बड़ा धोखा वहीं से मिलता है, जहां सबसे ज्यादा भरोसा होता है.



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